ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में धूमधाम से 11 दिनों तक मनाई जा रही शिव जयन्ती

सादर प्रकाशनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति
सारे कलह की जड़ बाह्य संग्रह – भवानी शंकर नाथ
अंतर्मन को भरना आनन्द देता है, जबकि बाहरी संग्रह कलह-क्लेष का कारण है…
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में धूमधाम से 11 दिनों तक मनाई जा रही शिव जयन्ती
अतिथियों व ईश्वरीय परिवार द्वारा टिकरापारा में फहराया गया परमात्मा शिव का ध्वज

बिलासपुर टिकरापारा :- ऐसा खुशी का क्षण बहुत मुश्किल से मिलता है जब हम उमंग में एक साथ होते हैं उमंग ही मूल भाव है जिसे पाने के लिए हम सदा प्रयासरत रहते हैं क्योंकि उद्देश्य है सत् चित् आनंद की प्राप्ति करना। सर्व सम्पन्नता का जो गुण है जिसे निरंतर अपने अंदर हमें भरते रहना है वह सम्पन्नता कहीं बाहर से नहीं आती। आप देखेंगे कि अनेक लोग ऐसे हैं जो काफी संपन्न हैं, ज्ञानी भी हैं, पद-प्रतिष्ठा भी ऊंची है लेकिन कहीं न कहीं एक कोना खाली भी है जिससे छोटी-छोटी बातों में टूटना, क्रोध में आना आदि लक्षण दिखाई देते हैं। इसका कारण यही है कि वो बाहर से कितने भी भरे हुए हों लेकिन अंदर से खाली हैं। संग्रह करना ही सर्व दुख व कलह का मूल है। हमारे धर्म, संस्कृति व परम्परा में संग्रह न करने की सौजस्यता रही है। हमारे यहां अनेक संत व फकीर हुए हैं जो आदर के पात्र रहे हैं। पहले के समय में उतना ही संग्रह होता था कि केवल उस ही दिन का कार्य चले। स्वयं शिवजी के पास कुछ न होते हुए भी सदा आह्लादित, आनंदित रहते हैं।
ये बातें शिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में परमात्मा शिव के ध्वजारोहण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेलवे क्षेत्र के डीआईजी भ्राता भवानीशंकर नाथ जी ने कही।
सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदीजी ने परमात्म महावाक्य ज्ञान मुरली की क्लास कराई, शिवरात्रि पर्व का आध्यात्मिक रहस्य सुनाया और परमात्मा शिव के इस धरा पर अवतरित होने का दिव्य संदेश दिया। दीदी जी ने जानकारी दी कि संस्था के द्वारा भगवान शिव का जन्मदिन बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। पूरे माह में अलग-अलग स्थानों पर, गांव के गीता पाठशालाओं में, साधकों के घर में परमात्मा शिव का ध्वज फहराया जाता है। इसी क्रम में गुरूवार 11 मार्च को राजकिशोर नगर स्थित सेवाकेन्द्र में शिव ध्वजारोहण किया जायेगा। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों ने दीप जगाकर की। इसके पश्चात् परमात्मा शिव का ध्वज फहराया गया व सभी को भोग वितरित किया गया। कु. गौरी बहन व शिखा बहन ने परमात्मा शिव के गीतों पर बहुत सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों व नियमित साधकों के अतिरिक्त माउण्ट आबू से पधारे ब्रह्माकुमार भानू भाई, रेलवे क्षेत्र की संगीता बहन द्विवेदी, गुजराती समाज के नटवर सोनछात्रा जी उपस्थित रहे। मंच संचालन रेडियो जॉकी बहन नुपूर निकोसे ने किया।

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