योग हमारी प्राचीन संस्कृति – ब्रह्मा कुमारी मंजू दीदी

सादर प्रकाशनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति
योग हमारी प्राचीन संस्कृति – ब्रह्मा कुमारी मंजू दीदी
योग भारत की धरोहर
त्योहार की तरह मनाया योग दिवस
ईश्वरीय परिवार के साथ डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर कराया गया योगाभ्यास

बिलासपुर, टिकरापाराः- छठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र पर प्रोटोकाॅल के अनुसार बहनों ने योगाभ्यास किया, साथ ही सेवा केन्द्र के नियमित साधक व नए साधकों ने भी आॅनलाइन वेबिनार के माध्यम से जुड़कर योगाभ्यास किया। इसमें आसन, प्राणायाम के अतिरिक्त मन के सषक्तिकरण के लिए सकारात्मक संकल्पों के आधार पर राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया। पूरे योग शिविर का संचालन सेवाकेन्द्र प्रभारी व छ.ग. योग आयोग की पूर्व सदस्य ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने किया। इस अवसर पर ब्र.कु. हेमवती, ब्र.कु. गायत्री, ब्र.कु. पूर्णिमा, ब्र.कु. ईश्वरी, ब्र.कु. श्यामा, ब्र.कु. नीता, योग प्रदर्शक गौरी बहन, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य शरद बल्हाल जी, सरिता बल्हाल, संदीप भाई व बंटी भाई उपस्थित थे। साथ ही आॅनलाइन जुड़े अनेक साधकों ने भी इसका लाभ लिया।
दीदी ने कहा कि तन से हम स्वस्थ रहें इसके लिए आसन, प्राणायाम और योग के प्रति जागरूकता जरूरी है साथ ही शरीर को हैल्दी डाइट भी चाहिए। उसी प्रकार मन के स्वास्थ्य के लिए हैल्दी डाइट है सकारात्मक विचार और एक्सरसाइज है मेडिटेशन। यदि एक ही दिन हम पाॅज़िटिव थिंकिंग, आसन, प्राणायाम, मेडिटेशन में कुछ समय बिताते हैं तो मन आनंदित हो जाता है यदि रोज की दिनचर्या में हम इसे अपना लेंगे तो हमारा मनोबल भी बढ़ेगा और तनाव, चिंता, अवसाद जैसी बीमारियां हमसे कोसों दूर रहेंगी। क्योंकि इन बीमारियों का कारण है किसी एक बात या बीती बात या भविष्य को लेकर बार-बार सोचना और जब हम सत्संग करते हैं तो हमें अच्छी-अच्छी बातें सुनने को मिलती हैं जिससे हम स्वतः ही पुरानी बातों से मुक्त हो जाते हैं।
दीदी ने जानकारी दी कि 18 जून से ही ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में ‘योग एट होम एण्ड योग विद् फैमिली’ थीम के तहत आॅनलाइन योग शिविर का आयोजन किया गया है जो कल सोमवार 22 जून तक चलेगा।
उल्लेखनीय है कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा कई वर्षों से हर माह के तीसरे रविवार को पूरे विश्व के 140 देशों में एक साथ और एक ही समय पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। इस दिन शाम 6.30 बजे सारे विश्व में सभी ब्रह्माकुमार एवं ब्रह्माकुमारियां मिलकर राजयोग मेडिटेशन के द्वारा सारे विश्व में पवित्रता और शान्ति के प्रकम्पन्न फैलाते हैं। आज शाम के सत्र में भी सभी बहनें विश्व शान्ति के लिए राजयोग ध्यान का अभ्यास करेंगी।

प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)