वर्चुअल योगाभ्यास एवं योग परामर्श कार्यक्रम के तहत ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में ऑनलाइन योग शिविर शुरू

वर्चुअल योगाभ्यास एवं योग परामर्श कार्यक्रम के तहत ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में ऑनलाइन योग शिविर शुरू

समाज कल्याण विभाग एवं योग आयोग, छ.ग. शासन द्वारा योजित कार्ययोजना के अनुसार कोविड-19 संक्रमण के प्रभाव को कम करने एवं आमजनों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए योग शक्तिशाली माध्यम है क्योंकि यह देखा गया कि कोविड-19 से उपचारित व्यक्तियों की होम आइसोलेशन तथा अस्पतालों व कोविड सेन्टर्स से डिस्चार्ज होने के पश्चात् प्रायः यह देखा गया है कि मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं होते, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देता है। जिसके फलस्वरूप विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इसी के निवारण और कोविड-19 की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए सभी आमजनों के स्वास्थ्य के लिए ‘‘वर्चुअल योगाभ्यास एवं योग परामर्श कार्यक्रम’’ प्रस्तावित है। इसी के तहत ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में भी प्रतिदिन प्रातः 6 से 7 बजे तक ऑनलाइन योग शिविर आरंभ किया जा रहा है। जिसके संचालन में छ.ग. योग आयोग की पूर्व सदस्या ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी एवं छ.ग. योग आयोग से प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक बहनें ब्र.कु. गायत्री, ब्र.कु. पूर्णिमा, ब्र.कु. ईश्वरी व ब्र.कु. श्यामा बहन तथा मास्टर योग प्रशिक्षक भाई- संदीप बल्हाल, राकेश गुप्ता, अमर कुंभकार व विक्रम भाई शामिल रहेंगे।
दीदी ने जानकारी दी कि यूट्यूब में प्रतिदिन प्रातः योग व म्यूज़िकल एक्सरसाइज का सत्र चल रहा था किन्तु आज से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामान्य योग अभ्यास क्रम के अनुसार योगाभ्यास एवं योग परामर्श कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। सभी बहनों ने आज दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
दीदी ने बतलाया कि पूर्व तैयारी से आमजनों को विधिपूर्वक सीख देना सहज होगा। ताकि वे योग की बारीकियों को सही तरीके से जान सकेंगे और तब सभी 21 जून के दिन आसानी से अभ्यास कर सकेंगे और योग हमारे संस्कारों में आ जायेगा, जीवन का एक अंग बन जाएगा। यही योग आयोग और वर्चुअल योग अभ्यास कार्यक्रम का उद्देश्य है।
कार्यक्रम के अन्य उद्देश्य…
हितग्राहियों व आमजनों को नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करना, ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने हेतु विशेष आसनों व प्राणायाम की जानकारी देना, ध्यान (मेडिटेशन) से मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने की जानकारी प्रदान करना, प्रकृति आधारित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना, भयमुक्त वातावरण का निर्माण करना व योग से संबंधित भ्रांतियों को मिटाना इस कार्यक्रम के अन्य उद्देश्य हैं। मंजू दीदी ने बतलाया कि यह कार्यक्रम छ.ग. समाज कल्याण विभाग के वेबसाइट पर पूरे साल भर चलेगा।