सेवाकेन्द्र में धूमधाम से मनाया गया भारतीय नव वर्ष

विचारों को श्रेष्ठ बनाती है ब्रह्माकुमारी संस्था-डॉ. डी.पी. अग्रवाल
टिकरापारा सेवाकेन्द्र में धूमधाम से मनाया गया भारतीय नव वर्ष
ईष्वरीय स्लोगन एवं फूल देकर मनायी खुषियां, कर्मा नृत्य ने बढ़ाई रौनक
सेवाकेन्द्र से लेकर महाराष्ट्र मण्डल तक 2074 दीपक प्रज्ज्वलित किये गये।
सभी मोहल्लेवासियों ने मिलकर गली की सफाई कर खुषियां मनाई और दिया एकता का मिसाल
DSC07096
‘‘भारतीय नववर्ष पर ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेन्द्र द्वारा टिकरापारा में धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। जिसका शुभारम्भ टिकरापारा के अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भारत स्वाभिमान के प्रदेष संयोजक डॉ. डी. पी. अग्रवाल, पार्षद भ्राता दिनेष देवांगन, पार्षद उदय मजुमदार, जितेन्द्र सोनछात्रा एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सक्रिय सदस्य शरद बल्हाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। साथ ही 1200 फीट लंबी रंगोली में 2074 दीपक भी जगाये गये शोभायात्रा में ब्रह्माकुमारी बहनें एवं भाई, सेवाकेन्द्र से जुड़े सदस्य एवं टिकरापारा के नागरिकगण शामिल हुए। ब्रह्माकुमारी बहनों ने शोभायात्रा के साथ-साथ नगरवासियों को फूल, स्लोगन, एवं ईष्वरीय संदेष देकर शुभकामनायें दीं। मस्तूरी से पधारी बहनों ने कर्मा नृत्य की प्रस्तुति देकर शोभायात्रा की गरिमा को बढ़ा दिया। इस तरह सभी ने मिलकर एकता का संदेष दिया।’’
इस अवसर पर डॉ. डी.पी. अग्रवाल ने सभी को नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अभी पूरे विष्व के बदलने का समय आ गया है। विष्व में अनेक प्रकार से बदलाव आ रहे हैं उसमें ब्रह्माकुमारी संस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा है। मनुष्य विचार से चलता है अगर मनुष्य में विचार नहीं तो मनुष्य और पशु में कोई अंतर नहीं। मनुष्य जैसा विचार करेगा आगे अपने जीवन में वैसा ही बनेगा। और विचारों को श्रेष्ठ बनाने का कार्य भी यह संस्था बखूबी कर रही है।
इस अवसर पर ब्र.कु. बहनों ने सभी नगर वासियों को इस धरा पर परमात्मा के दिव्य अवतरण का संदेष देते हुए कहा कि सुनकर सबकी करूण पुकारें, आखिर धरा पर प्रभु पधारे, अब वो आये, तुम भी आओ, भटक-भटक न समय गंवाओ, वो ब्रह्मा तन में आकर, अब सच्ची राह दिखा रहे हैं, सब पापों से मुक्त करने वो राजयोग भी सीखा रहे हैं, हमने अपना फर्ज निभाया, फिर न कहना नहीं बताया, न दान, न चंदा, न दक्षिणा चाहिये, अपना भाग्य बनाने ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेन्द्र एक बार अवष्य आईये। बहनों ने सभी को संदेष दिया कि ‘‘भगवान इस धरा पर अवतरित हो चुके हैं’’ और अनुरोध किया कि इस बात को रिजेक्ट करने के पूर्व, इसका अनुभव करने के लिए सेवाकेन्द्र पर आकर निःषुल्क सात दिवसीय राजयोग मेडिटेषन कोर्स अवष्य करें।
उक्त जानकारी प्रधानपाठिका एवं सेवाकेन्द्र की नियमित सदस्य श्रीमति उषा साहू ने दी। उन्होंने बताया कि 1 से 7 अप्रेल तक डॉ. संगीता बहन के सानिध्य में सुबह एवं शाम के समय निःषुल्क सात दिवसीय बढ़ते कदम खुषी की ओर… षिविर का आयोजन भी किया जा रहा है जिसमें आप सभी आमंत्रित हैं।

टिकरापारा में 1200 फीट लंबी रंगोली सजाई गई

टिकरापारा में 1200 फीट लंबी रंगोली सजाई गई
जगाये जायेंगे 2074 दीपक
ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के द्वारा सुविचार के साथ दी जायेंगी शुभकामनायें
IMG-20170328-WA0008 IMG-20170328-WA0016
‘‘भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत् 2074 के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के द्वारा टिकरापारा में महाराष्ट्र मण्डल गली में रंगोली सजाई गई है। इससे पूर्व ईष्वरीय परिवार एवं मोहल्लेवासियों के द्वारा पूरे गली की सफाई की गई। हमारे प्रधानमंत्री जी के स्वच्छता अभियान को लेकर टिकरापारा वासियांे में बहुत उमंग-उत्साह है। बच्चे भी इसको लेकर बहुत उत्साहित हैं और इस अभियान में रूचि के साथ लगे हुए हैं। विक्रम संवत् 2074 के अवसर पर सभी को आत्मिक स्मृति दिलाने के लिये महाराष्ट्र मण्डल गली से लेकर सेवाकेन्द्र तक 2074 दीपक जगाये जायेंगे। जो आत्मा के साथ-साथ हमें ज्योतिस्वरूप परमात्मा की भी स्मृति दिलायेगा।’’
आज टिकरापारा में वैष्विक एकता, विष्व बन्धुत्व एवं वसुधैव-कुटुम्बकम् का व परमात्म अवतरण का दिव्य संदेष देने के लिए शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मस्तूरी के बच्चों के द्वारा कर्मा नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी एवं ब्रह्माकुमारी बहनों के द्वारा सभी को ईष्वरीय स्लोगन, फूल एवं परमात्म अवतरण का दिव्य संदेष देकर शुभकामना दी जायेगी।
इस स्वच्छता अभियान में मयूर, वंष, दीपक, बंटी, सुनील भाई व नीरा, ब्र.कु. श्यामा, ब्र.कु. हेमवती, ब्र.कु. पूर्णिमा, ब्र.कु. संगीता, ब्र.कु.समीक्षा, संध्या, श्वेता, पूर्वी बहन आदि एवं रंगोली की सजावट में वेदान्त, तन्मय, राहुल, बीनू, घनष्याम, मयूर, वंष, रामनाथ भाई व इंदिरा, कोमल, दक्षा, रति, अंजना, सविता, रूपम्, जयश्री, संध्या, श्वेता, कोमल, नमिता, वर्षा आदि सहयोगी बने।
बढ़ते कदम खुषी की ओर…षिविर का आयोजन 1 से
ब्रह्माकुमारीज़ के टिकरापारा सेवाकेन्द्र में शनिवार 1 अप्रेल से सात दिवसीय बढ़ते कदम खुषी की ओर… षिविर का आयोजन किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारी डाॅ संगीता बहन के सानिध्य में आयोजित इस षिविर में डिप्रेषन का समाधान, स्मरण शक्ति एवं मन की शक्तियों का विकास, राजयोग मेडिटेषन की विधि से सिद्धि आदि मुख्य विषय होंगे। षिविर का समय प्रातः एवं सायं 7 से 8.30 बजे तक रहेगा एवं षिविर में प्रवेष पूर्णतः निःषुल्क होगा।

News Clips_International Conference Day-1 & 2

ज्ञान गंगा में स्नान करने से आत्मा बनेगी पावन – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

ज्ञान गंगा में स्नान करने से आत्मा बनेगी पावन – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
अकलतरी में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर आध्यात्मिक जागृति व्याख्यान का आयोजन
DSC06822
‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाने के लिये हर मनुष्य के मन को स्वच्छ व पावन बनाना आवष्यक है। इसके लिये प्रतिदिन मन को ज्ञान रूपी गंगा जल से स्नान कराना जरूरी है। जब हम रोज ज्ञान की खुराक लेने लगते हैं तब धीरे-धीरे जीवन व्यसन, बुराईयों, अंधविष्वासों से मुक्त हो जाता है और हमारे मन में अच्छे विचार भरने लगते हैं जिससे स्वतः ही हमारे मन में बेटियों के प्रति सम्मान जागृत होंगी और उनकी रक्षा, सुरक्षा और विकास से संबंधित विचार उत्पन्न होने लगेंगे।’’
उक्त बातें अकलतरी के षिवमंदिर प्रांगण में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही।
ब्रह्माकुमारी रूपा बहन ने रमणीक कहानी के माध्यम से बताया कि शांति तो हमारे गले का हार है, इसे ढूंढ़ने के लिए न तो हमें जंगल में जाना पड़ता है और न ही किसी व्यक्ति, वैभव या वस्तु से मिलता है। इसे पहचानने के लिये हमें स्वयं को जानना जरूरी है कि हम सुख, शांति, आनंद, प्रेम, पवित्रता, ज्ञान और शक्ति से सम्पन्न एक चैतन्य शक्ति आत्मा हैं। जब हमें स्वयं की विस्मृति होती है तो अषांति छा जाती है। ब्रह्माकुमारी समीक्षा बहन एवं श्यामा बहन ने भी अपने विचार दिये।
इस अवसर पर गांव के छोटे-छोटे बच्चों हेमन्त, डेनिम व कु. कविता के द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। पूरे कार्यक्रम का संचालन कृषि विस्तार अधिकारी ब्रह्माकुमार सुरेष भाई ने किया। इस अवसर पर जनपद सदस्य बहन श्रीमति वनदेवी साहू, कोटवार बहन श्रीमति बुधिया बाई समेत गांव के लोग उपस्थित थे।
प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

ब्रह्माकुमारीका संस्था ही दिखा सकती है विश्व को सही राह : आडवाणी

ब्रह्माकुमारीका संस्था ही दिखा सकती है विश्व को सही राह : आडवाणी
–  शिव ध्वजारोहण कर एवं गुब्बारे उड़ाकर दिया विश्व शांति का संदेश

–  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की 80वीं वर्षगांठ पर चार दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ

​ ​
228709 229200228632 DSC_1102

आबूरोड, 26 मार्च। यहां की एक-एक चीज में आदर्शवादिता, श्रेष्ठता और उन्नति दिखती है। यदि आपको ईमानदारी, आदर्श और प्राणामिकता, एकता और अनुशासन देखना है तो यहां आकर देखो। यही एकमात्र ऐसा संगठन है जो विश्व को सही राह दिखा सकता है। इससे बड़ी बात यह कि इसकी बागडोर शुरू से ही महिलाओं और माताओं के हाथ में है, इसके बावजूद संगठन इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह देखकर मुझे गर्व होता है। यह उद्गार भाजपा के वरिष्ठ नेता व

​​

पूर्व गृहमंत्री

​​

लालकृष्ण आडवाणी ने व्यक्त किए। मौका था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के 80 वर्ष पूर्ण होने पर संस्था के मुख्यालय शांतिवन परिसर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन का।

‘विश्व परिवर्तन के लिए परमात्म ज्ञान’ विषय पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ नेता आडवानी ने कहा कि मैं इस संस्था के प्रारंभ से ही जुड़ा रहा हूं। मैंने अपनी आंखों से देखा है, कैसे इसके संस्थापक दादा लेखराज ने ओम मंडली से शुरुआत की थी। दादा लेखराज एक आदर्श व्यक्ति थे, उन्होंने वैसा ही आदर्श संगठन बनाया है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, वह कम है।
यह सब प्रभु की ही कृपा
आडवाणी ने कहा कि मुझे यह देखकर आश्चर्य लगता है कि इतने कम समय में इसे पूरे ब्रह्मांड में फैला दिया और इतना विशाल संगठन बन गया है। सबसे बड़ी बात इसकी बागडोर माताओं-बहनों के हाथ में है। इसके अलावा दुनिया में ऐसा कोई संगठन नहीं है जिसका संचालन महिलाओं द्वारा किया जाता हो। यह ईश्वरीय शक्ति का कमाल, उनके आशीर्वाद का ही नतीजा है जो आज दादी जानकी 102 वर्ष की आयु में भी इसका संचालन कर रहीं हैं। प्रभु की कृपा के बिना यह सब कार्य संभव नहीं है।
 
गर्व की बात है ब्रह्माकुमारी संगठन
आडवाणी ने जोर देते हुए कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं यह हमारे देश के लिए, भारतीय संस्कृति के लिए गर्व की बात है जो इतना विशाल संगठन नि:स्वार्थ भाव, ईमानदारी से लगा हुआ है। देश में ब्रह्माकुमारी संगठन की तरह एक और संगठन आरएसएस है जो नि:स्वार्थ भाव, ईमानदारी और प्रामाणिकता के साथ आदर्श व्यक्ति का निर्माण करता है। मैं ऐसे संगठन का सदस्य रहा हूुं और आज भी हूं, जो राष्ट्र निर्माण के लिए सेवा करता है। उन्होंने कहा कि ये संस्था जरूर अपने आदर्शों को प्राप्त कर दुनियाभर में नाम रोशन करेगी। जो व्यक्ति देशसेवा करना चाहते हैं वह इस संगठन से जरूर जुड़ें। हिंदुस्तान के अंदर एक भी ऐसा भवन नहीं देखा जिसमें एक भी ‘पिलर’ न हो और उसमें 10 हजार से अधिक लोग एक साथ आराम से बैठ सकें।
आडवाणी की सीख
– जीवन में छोटी-छोटी बातों से सीख लेना चाहिए। 
– कभी भी अपने मूल्य, आदर्श और ईमानदारी से समझौता नहीं करें। मैंने भी अपने जीवन और आचरण में कभी मूल्यों और आदर्शों से समझौता नहीं किया। 
– कभी भी गलत कामों में सहयोग न दें और जो करता है उसे प्रोत्साहित नहीं करें।
– हमारे आचरण में बेईमानी न हो। सदा ईमानदार रहें और अपने बच्चों को भी यहीं सिखाएं।
ये पांच मंत्र भी दे गए आडवाणी
ईमानदारी, प्रामाणिकता, पूज्यनीयता, शुद्धता, वास्तविकता़
स्वागत से हुए अभिभूत
 
स्वागत भाषण संस्था के अतिरिक्त महासचिव एवं एजुकेशन विंग के डायरेक्टर और कार्यक्रम संयोजक ब्रह्माकुमार मृत्युंजय भाई ने दिया। प्रारंभ में मधुर वाणी ग्रुप के सदस्यों ने ‘स्वर्णिम जहां बनाने, भगवान आ गए हैं, नई दुनिया बनाने भगवान आ गए हैं…’ गीत गाकर सभी अतिथियों और देशभर से पधारे जनप्रतिनिधियों, आईएएस अफसरों और मीडियाकर्मी सहित सभी का स्वागत किया। इसके साथ ही सभी अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
ममता के आंचल से विश्व को संवार रही संस्था
 
सिने जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री रवीना टंडन ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था सभी को प्यार, मोहब्बत, और सेवा सिखाती है। यह एक ममता भरी संस्था है जहां ममता के आंचल में प्रेम सिखाया जाता है। यहां मैंने जीवन में पहली बार आंखों में झांककर अपने सोल को देखा है। यहां आकर मुझे बहुत ही खुशी और प्रसन्नता हुई। देश की अगली पीढ़ी को संवारना मुश्किल लग रहा है, लेकिन ब्रह्माकुमारी संस्था के सुविचार को फैलाया जाए तो अगली पीढ़ी में अच्छे संस्कारों का निर्माण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुझे यहां से जुडक़र काफी कुछ सीखने और अपनी प्रतिभा निखारने में अहम योगदान है। संस्था की ओर से आर्ट एवं कल्चर के क्षेत्र में मुझे पुरस्कार से नवाजा गया, जिसे पाकर मैं बहुत ही खुश हूं। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म मातृ  के लिए भी आशीर्वाद मांगा जो 21 अप्रेल को रिलीज हो रही है।
भाव विभोर हुईं सिने स्टार अमिता
 
सिने स्टार अमिता नांगिया अपने अनुभव बताते हुए भाव-विभोर हो गईं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उन्होंने कहा कि मैं यहां आने से अपने घर जैसा महसूस कर रही हूं। यहां अद्भुत शांति और सुकून मिला। इसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती हूं। आज दुनिया जिस ओर जा रही है उसे आध्यात्मिकता  की बेहद जरूरत है। यहां मुझे बहुत ही पॉजीटिव एनर्जी महसूस हुई। मुझे यहां भगवान ने ही भेजा है, उनके आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं है।
स्कूलों में अनिवार्य हो योग शिक्षा: पीजे कूरियन
 
राज्यसभा के उप सभापति पीजे कूरियन ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान आध्यात्मिकता का महान कार्य कर रही है। इसका विश्वभर में नेटवर्क है जिसके संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने महिला सशक्तीकरण का सही उदाहरण प्रस्तुत किया जो दुनिया के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि योग ही लुप्त हो रही भारतीय संस्कृति को बचा सकता है। मैंने भी 2012 में राज्य सभा में देश के सभी स्कूलों में योग शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि ब्राह्माकुमारीज की ओर से स्थापित उन्नत सोलर प्लांट यहां की वैज्ञानिक सोच का परिचायक है। यह ऊर्जा बचाने के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकु मारीज को समाज सुधार के अपने महान प्रयासों को और अधिक तीव्र करना चाहिए ताकि जन-जन में जागृति आ सके।
यहां सभी ले सकते हैं परमात्म ज्ञान: बीके आशा
 
दिल्ली जोन के निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा बहिन ने संचालन करते हुए कहा कि यह संस्था परमपिता शिव परमात्मा द्वारा स्थापित एक ऐसा संगठन है जहां हर एक समाज, जाति, धर्म और संप्रदाय के लोग आकर अपने पिता परमात्मा से ईश्वरीय ज्ञान ले सकते हैं। आज संस्था द्वारा विश्व के 137 देशों में ईश्वरीय ज्ञान और सहज राजयोग की शिक्षा दी जा रही है। परमात्मा ने हम आत्माओं को आधारमूर्त, उद्धारमूर्त बनाया है ताकि विश्वभर में ईश्वरीय संदेश का प्रचार-प्रसार किया जा सके।
 यहां है पवित्रता का जादू : बीके बृजमोहन
 
संस्था के अतिरिक्त महासचिव व प्यूरिटी मैग्जीन के संपादक बीके बृजमोहन ने कहा कि मैं 21 वर्ष की आयु में ही संस्था में आ गया था। सीए के पेशे ने मुझे सिखाया कि बिजनेस में जो जाए, उसमें घाटा लेकिन यहां आकर  मैंने एक बात सीखी कि ‘जो जाए उसमें फायदा और जो आए उसमें घाटा’ अर्थात् सदा बुराइयों, अवगुणों को छोड़ सद्गुण अपनाने पर सद्विचारों को जीवन में हमेशा स्वागत करना चाहिए। दुनिया में तीन सत्ताएं प्रमुख होती हैं- धर्म सत्ता, ज्ञान सत्ता और राज सत्ता। जहां महिला का सम्मान होता है वहां देवता निवास करते हैं। इसी बात को चरितार्थ करते हुए संस्था का संचालन शुरू से ही बहनों-माताओं द्वारा किया जा रहा है। सब कहते हैं जो भी ब्रह्माकुमारी संस्था में जाता है जादू हो जाता है, यहां पवित्रता का जादू है। क्योंकि पवित्रता में ही सबसे बड़ी शक्ति है। यहां कोई भेदभाव नहीं है। यहां एक परमपिता को मानकर ही सभी चलते हैं।
शिव ध्वजारोहण और गुब्बारे छोड़क़र दिया शांति का संदेश
 
वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन, संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी, राजयोगिनी दादी ह्दयमोहिनी, दादी रतनमोहिनी, बीके मुन्नी बहन, बीके निर्वेर, बीके करूणा, बीके मृत्युंजय ने 100 फीट ऊँचा शिव ध्वज फहराया। साथ ही आसमान में गुब्बारे छोडक़र विश्व शांति का संदेश दिया। यहां विश्व एकता के मकसद से विश्व के सभी देशों के राष्ट्रीय ध्वज भी लगाए गए हैं। इसके बाद सभी अतिथियों ने संस्था की ओर से की गई विभिन्न सामाजिक सेवाओं एवं उपलब्धियों की विशाल प्रदर्शनी का उद्घाटन रिबन काटकर किया। बाद में सभी ने प्रदर्शनी का अवलोकरन कर इसकी सराहना की।
देश को स्पिरिच्यूअल आर्मी की जरूरत : सुधीर चौधरी
 
दी न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी ने कहा कि संस्थान में आकर वे खुद आध्यात्मिक रूप से बहुत ही उन्न्नत और समृद्ध महसूस कर रहे हैं। इन तरंगों से मैं अभिभूत हुूं। ऐसा लगा रहा है कि हम किसी बाहरी गरीब देश से एक अमीर देश में आ गए हैं। हम एक ऐसी जगह से यहां आए हैं जो आध्यात्मिक रूप से गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहा है। उन्होंने कहा कि सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसके बाद आजकल देशभक्त ट्विटर आर्मी का नाम लिया जाता है। मगर यहां आकर यह महसूस हुआ कि अब हमें स्पिरिच्युअल आर्मी की जरूरत है। आज देश के सामने सवाल यह है कि हमारे 130 करोड़ लोगों के चरित्र की, उनकी आध्यात्मिक रक्षा कौन करेगा। तब पूरा देश ब्रह्माकुमारीज की तरफ देखता है। सुविधा की सरकारें बातें करती हैं लेकिन खुशी लाने के लिए कोई ऐसा कार्यक्रम नहीं करती, ऐसे में दिनोंदिन देश में खुशी का स्तर गिरता जा रहा है। मीडिया के माध्यम से हम आधत्मिक विचारों के प्रचार-प्रसार का कार्य करेंगे। मीडिया के न्यूजरूम में हमेशा निगेटिव माहौल मिलता है। जितने लोग मरते हैं, उतनी बड़ी खबर बन जाती है। ऐसी जगहों पर भी ब्रह्माकुमारीज के ज्ञान के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। उन्होंने एक दृष्टांत सुनाते हुए कहा कि हम कितने भी व्यस्त क्यों न हों, दोस्त के साथ दो कप चाय जितना समय जीवन में जरूर निकालें।
हैप्पीनेस मिनिस्ट्री की जरूरत : दीपक चौरसिया
 
इंडिया न्यूज के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया ने कहा कि यहां आज हुए अनुभव को शब्दों मेें बयां करना मुश्किल है। दिल्ली मेें ऋणात्मक वातावरण है। कहीं भाई-भाई से लड़ रहा है तो कहीं राजनेता। जो लोग नहीं झगड़ रहे हैं वे दूसरों की चिंता में दुखी हो रहे हैं। ऐसी दुनिया में पिता परमेश्वर से प्रेम की सीख देना सचमुच अद्भुत है। मध्यप्रदेश सरकार ने हैप्पीनेस मिनिस्ट्री बनाई है, ऐसा देश भर में होना चाहिए। खुर रहने के लिए अपने आप से प्यार करें और हिम्मत से सबको बढ़ाएं। संस्थान के बारे में कहा कि वे बचपन से ही इससे जुड़े थे मगर पत्रकारीय जीवन की व्यस्तताओं के कारण सब पीछे छूट गया, आज फिर उस ऊर्जा, शक्ति पुंज को यहां पर पा लिया है। चोरसिया ने कहा कि यह संस्थान दुनिया का आधत्मिक रोशनदान है, जिसे खिडक़ी बनाने की जरूरत है। मैं पूरी दुनिया में घूमा, मगर भारत जैसा आध्यात्मिक देश कहीं नहीं। आज के समाज में प्रमाण पत्र का ही संबंध रह गया है जो संबंधों में गिरावट का द्योतक है, इसमें सुधार की संभावना है।
अंदर से विचार बदलना जरूरी : अमराराम
 
राजस्व मंत्री अमराराम ने अटल बिहारी वाजपेय की कविता सुनाते हुए कहा कि जीवन व्यर्थ की बातों में बीता जा रहा है। इसे राजयोग के माध्यम से सार्थक और सुंदर बनाने की आवश्यकता र्है। वही जीवन सार्थक है जो दूसरों के काम आ जाए। हमें खुद को हर हाल में बदलना होगा। जब तक अंदर से हम अपने विचार नहीं बदलेंगे, तब तक हमारे मन में शांति नहीं आएगी।
 
बुराई के खिलाफ हर हाल में लडऩा होगा : रघुरामचंद्रन
एशिया नेट चैनल के हैड रघुराम चंद्रन ने कहा कि जीवन एक संघर्ष है जिसमें हमें बुराइयों के खिलाफ लगतार लडऩा है। वे ही लड़ाई और जीत के सच्चे हकदार हैं जो अपने कत्र्तव्य और जिम्मेदारियों का सच्चे मन से निर्वहन करते हैं। मोबाइल ने हमने हमारा चिंतन का वक्त छीन लिया है। यहां आकर महसूस होता है कि हम आपाधापी भरी दुनिया से दूर चले आए हैं। ऐसे में हमें ब्रह्माकुमारी जैसे संस्थाओं की शिक्षाओं की जरूरत है।
अंतर्मन की यात्रा से ही मिलेगी सच्ची शांति : बीके जयंती
 
यूरोप सेवा केंद्र की निदेशक बीके जयंती ने कहा कि भारत से सारे विश्व को राजयोग की सौगात मिली है। आज पूरे विश्व को योग की आवश्यकता महसूस हो रही है। जब मनुष्य को कहीं से कुछ प्राप्ति होती है तो वह अपने आप जुड़ता चला जाता है। भारत से ही विश्व को ब्रह्माकुमारजी के माध्यम से अध्यात्मिक रोशनी प्राप्त हुई। सर्व शक्तिमान से जब हम अपना संबंध जोड़ते हैं तो स्वयं ही शक्ति मिलती चली जाती है। हम अंतर्मुखी होकर अंतर्मन की यात्रा करते हैं तो शांति का अनुभव होता है।
 
सादर प्रकाशनार्थ…
फोटो कैप्शन…
1. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की 80वीं वर्षगांठ के चार दिवसीय कार्यक्रमों का रविवार को शानदार आगाज हुआ। सम्मेलन को संबोधित करते भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी तथा इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागी। 
2. दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन का उद्घाटन करते अतिथिगण। 
3. संगठन की ओर से की गई सेवाओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन करते भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी।

एक परमात्मा, एक विश्व परिवार देश का चिंतन: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

  एक परमात्मा, एक विश्व परिवार देश का चिंतन: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया संबोधित 
– ब्रह्माकुमारी संस्था के 80 वर्ष पूर्व होने पर दी शुभकामनाएं
– रशियन कलाकारों ने बांधा समां
????????????????????????????????????

????????????????????????????????????

26ABROP1 26ABROP3

माउण्ट आबू/आबूरोड (राजस्थान)।  विश्व एक परिवार है। हम सब एक पिता की संतान हैं। सत्य एक है अलग-अलग लोग उसे अलग-अलग रूप में कहते हैं। हमारे देश की खासियत है कि हम अपने विचारों को किसी  पर थोपते नहीं हैं।  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संस्थापक दादा लेखराजजी की आत्मा को आज जरूरी शांति मिली होगी कि जिस विचार को उन्होंने संस्थागत रूप दिया और स्त्री शक्ति के माध्यम से उसे आगे बढ़ाया, उस आंदोलन को आज ८० वर्ष हो रहे हैं। हमारे देश में 80 वर्ष का एक विशेष महत्व माना जाता है। दुनिया में 25-75 साल तो मनाए जाते हैं। मगर भारत में 80 साल का विशेष महत्व है।
उक्त उद्गार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए व्यक्त किए। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के 80 वर्ष पूर्ण होने पर ‘विश्व परिवर्तन के लिए परमात्म ज्ञान’ विषय पर आबू रोड के शांतिवन परिसर में इंटरनरेशनल कॉन्फ्रेंस कम कल्चरल फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कॉन्फेंस को रविवार शाम 6 बजे संबोधित किया।
वीडियो कॉन्फे्रेंसिंग के दौरान मोदी ने सबका हाथ हिलाकर अभिवादन किया। ओम शांति के साथ संबोधित करते हुए उन्होंने संस्था की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकीजी, राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी जी सहित संस्थान के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया।
80 साल का मतलब सहस्त्र चंद्रदर्शन
पीएम मोदी ने कहा कि 80 साल का मतलब सहस्र चंद्रदर्शन का पर्व होता है। व्यक्ति या संस्थान ने एक हजार बार पूर्ण चंद्र के दर्शन किए होते हैं। आज यह संस्थान और आंदोलन विश्व की पूरी मानव जाति को संबल का उनका प्रयास है। मैं दादी को सादर प्रणाम करता हूं। एक उच्च विचार के साथ संस्थान के जीवन में 80 साल कम समय नहीं होता है। आज विश्व की जो स्थिति है, मानव का जो स्वभाव बनता जा रहा है, उसमें कोई भी संस्थान में दस बीस साल बाद बिखराव शुरू हो जाते हैं।
80 साल बाद भी आज भी वही मूल्य
दादा की संस्थान 80 साल से आदर्शों व मूल्यों को लेकर आंदोलन को चला रही है। नारी शक्ति को प्रधानता देते हुए आज भी उतनी ही कर्मठता, एकरूपता के साथ विश्वभर में अपना संदेश दे रहे हैं लाखों कार्यकर्ताओं की शृंखला तैयार की है।
ज्ञान को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती: पीएम
ब्रह्माकुमार-ब्रह्माकुमारी भाई-बहनें आज भारत के आध्यात्म के संदेश को विश्व में पहुंचा रहे हैं। मैंने भी संस्था के चिंतन को समझने का प्रयास किया, अच्छा सान्निध्य मिला। उन्होंने कहा कि हम ऐसे देश के प्रतिनधि हैं जो कभी भी अपने विचारों को खोने में विश्वास नहीं करते हैं। ज्ञान की न तो कोई सीमाएं होती हैं, न ही समय के बंधन। ज्ञान को न पासपोर्ट की जरूरत होती है, न वीजा की। ज्ञान तो युगों-युगों की मानव संपदा होती है, वो कालातीत होती है, नित नूतन होती है।
डंके की चोट पर कह सकता हूं, ईश्वर एक है: मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि यही देश है जिसने विश्व को डंके की चोट पर कहा है कि ईश्वर एक है। शास्त्रों ने बताया कि सत्य एक है अलग-अलग लोग उसे अलग-अलग रूप में कहते हैं।
30 हजार लोगों का खाना सोलर एनर्जी से
उन्होंने संस्था द्वारा शांतिवन में लगाए गए सोलार पॉवर प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए इसे प्रकृति संरक्षण के लिए एक बहुत ही सराहनीय कदम बताया। साथ ही सभी संस्था के भाई-बहनों से आह्नान किया कि आप सभी भी अपने घरों में एलईडी लाइट लगाकर बिजली बचाने में अपना योगदान दें। आबू जैसे स्थान पर तीन मेगावाट की सोलर एनर्जी का यह प्रयास बहुत ही प्रेरक है। यहां 30 हजार लोगों के भोजन बनाने का काम सोलर एनर्जी से किया जाता है। संस्था बहुत बड़ा बदलाव लाने का प्रयास कर रही है। यहां सिर्फ आध्यात्मिक बातें नहीं, बल्कि गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। एक ईश्वर, एक विश्व परिवार मूल रूप से वसुधैव कुटुम्बकम है। इतना विशाल, व्यापक व चिरंतन विचार इसी धरती पर पैदा हुआ। समय-समय पर अभिव्यक् ि अलग हो गई। भारत विश्व में न्याय, गरिमा के लिए जाना जाने लगा है।
2022 तक ब्रह्माकुमार व कुमारियों के माध्यम से ऊर्जा बचाने का संकल्प लें। सभी अपने मोबाइल फोन पर भीम एक डाउनलोड कर नकद से डिजिटल के लिए प्रयास करें।
नौवीं से ग्यारहवीं तक के बच्चे पोषण के संबंध में शिक्षित होंगे तो टीचर पर उनका गहरा प्रभाव होगा। 2022 एक संकल्प लेने के लिए आपको निमंत्रित करता हूं।  मातृशक्ति को कैसे मदद मिले, उस पर हमारा जोर है। ब्रह्माकुमारी का इसमें बहुत बड़ा योगदान है। मैं आग्रह करूंगा कि आप भी सक्रियता से कार्य करें तो बहुत बड़ा परिणाम, सकारात्मक बदलाव हमारे सामने होगा।
ऑनलाइन कोर्स शुरू करने का आह्नान किया
पीएम मोदी ने इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों से ऑनलाइन मूल्य एवं आध्यात्मिक कोर्स शुरू करने का आह्नान किया। जिसमें देशभर में ऑनलाइन सटिर्फिकेट, डिग्री कोर्स कराकर एग्जाम कराएं। इसमें भारत की सभी यूनिवर्सिटी का पूरा सहयोग रहेगा। ये मैं आपको विश्वास दिलाता हूं।
संस्था के महासचिव निर्वेर भाई ने कहा अगर भारत के सभी स्कूलों में योग शिक्षा शुरू हो जाए तो भारत फिर से विश्व गुरू बन जाएगा। हमें पूरी उम्मीद है कि अगर आध्यात्मिकता को और अधिक ऑफिशियल रूप से भारत के विश्वविद्यालयों में लागू किया जाएगा तो हर व्यक्ति सोल कॉन्शस बन जाएगा।  इस दौरान दादी जानकी ने पीएम मोदी को माउंट आबू आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र भाई पूरे विश्व को प्रेम, खुशी शक्ति ऐसी दे उसकी बधाइयां।
रशियन कलाकारों ने आगाज को बनाया यादगार
उद्घाटन समारोह में रूस के कलाकारों ने ‘डिवाइन लाइट’ नृत्य पेश कर समां बांध दिया। कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुति देख डायमंड हॉल परिसर तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान सभी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से शांति का संदेश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बैंच के वरिष्ठ न्यायाधीश शहीबुल हसनैन ने कहा कि मुकम करोती वाचालम, पंगुम लगयते गिरिमं…श्लोक सुनाते हुए आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह ई्रश्वर की कृपा होत है जब कोई किसी को अपने घर बुलाता है। आप आए हैं, यह इस बात का प्रमाण है कि ईश्वर आपको अपने नजदीक पाता है व उन्होंने यह भावना दी है कि जो भी उनका निर्देश है वो आप समाज की बेहतरी के लिए काम में लेते हुए दृढं संकल्प को पूरा करें। ्रआयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि इसे मूर्त रूप देना, एकमंच के नीचे एकत्रित करना बहुत बड़ा काम है।
जब बाबा ने संस्थान की परिकल्पना की होगी, तो उन्होंने नारी शक्ति का ही आह्वान क्यों किया, यह विचार मन में आया। मुझे लगता है कि जितना बड़ा मिशन है वहां अनुशासनर के साथ दया भी हो, जहां प्रतिबद्धता के साथ ममाता, करूणा भी हो। इसलिए उन्होंने नारी शक्ति का आह्वान किया। छोटी सी ओम मंडली से शुरू हुआ मिशन आज बहुत बड़ा हो गया है। जहां पर नारी का सम्मान होता है वहां पर देवताओं का वास होता है, यह मैंने सुना था मगर यकीनन यहां पर आकर देखा कि यहां देवता वास कर रहे हैं जिसके कारण सबको सकारात्मक ऊर्जा मिल रही। इस कार्यक्रम को बीके मृत्युंजय समेत कई लोगों ने सम्बोधित किया।