ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में बाल संस्कार शिविर 9 मई से

ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में बाल संस्कार शिविर 9 मई से
क्लास 1 से क्लास 12 तक के बच्चे ले सकेंगे लाभ
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‘‘प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के टिकरापारा सेवाकेन्द्र के द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 9 मई से प्रातः 7 से 8.30 बजे 12 दिवसीय बाल संस्कार शिविर का भव्यता से आयोजन किया जा रहा है। शिविर में प्रातः स्मरण, दोहे, गीता श्लोक, नीति श्लोक, हनुमान चालीसा, खेल-खेल में योग, एरोबिक्स, आसन-प्राणायाम, योगनिद्रा, मेडिटेशन, मेमोरी ट्रिक्स, नैतिक शिक्षा, संस्कार निर्माण के आधार, संस्कार परिवर्तन एवं चरित्र निर्माण, सात्विक डाइट, न्यूट्रीशन एवं हैल्दी फूड हैबिट्स, इन्टरनेट से इनर नेट, इनर ब्यूटी, रोड टू सक्सेस, सेल्फ काॅन्फिडेन्स, काॅम्यूनिकेशन स्कील, पाॅवर आॅफ मेडिटेशन एण्ड थाॅट, मूल्यों से मूल्यवान जीवन, स्टूडेन्ट लाइफ इज़ द बेस्ट, भय से मुक्ति आदि विषयों को लिया जायेगा।’’
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने बताया कि टिकरापारा में वर्ष 2001 से यह शिविर आयोजित किये जा रहे हैं जो हमें बहुत कुछ सिखाते जा रहे हैं इसलिये इस वर्ष शिविर को तीन समूहों में बांटा गया है जो कि एक ही समय पर सेवाकेन्द्र के तीन सभागारों में एक साथ संचालित होंगे। कक्षा 1 से 4 तक बच्चे एन्जिल ग्रुप, कक्षा 5 से 8 डायमण्ड ग्रुप एवं कक्षा 9 से 12 के बच्चे डिवाइन गु्रप के अंतर्गत शामिल होंगे। इन्हीं समूहों के अनुसार उक्त वर्णित विषयों को लिया जायेगा। इसके लिये मंजू दीदी के साथ अन्य राजयोगिनी ब्र.कु. बहनें एवं भाई भी शिविर का संचालन करेंगे। दीदी ने यह भी बताया कि 21 मई को बच्चों के माता-पिता के समक्ष उनका प्रस्तुतिकरण रखने के साथ शिविर का समापन समारोह ‘‘अनमोल रिश्ते’’ आयोजित किया जायेगा। जिसमें शिविर में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले सभी बच्चों को सर्टिफिकेट देकर एवं मेडल्स पहनाकर सम्मानित किया जायेगा।
बच्चों के माता-पिता के लिए भी सुनहरा अवसर
दीदी ने बताया कि अभिभावकों के लिए भी 11 मई से सायं 7 से 8.30 बजे इफेक्टिव पैरेंटिंग सेशन एवं फैमिली वैल्यूज़ कोर्स का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सभी अभिभावक शामिल होकर अपने बच्चों को सही मार्गदर्शन एवं अच्छी पालना दे सकेंगे। इस सत्र के अंतर्गत आप अपने प्रश्नों का समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे।

चियरफुल माईण्ड-ब्लिसफुल लाईफ षिविर का षुभारम्भ

चियरफुल माईण्ड-ब्लिसफुल लाईफ षिविर का षुभारम्भ

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जमनीपालीः21/04/2017-प्रजापिता ब्रह्माकुमारी 7ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वाधान में राजयोग केन्द्र डायमण्ड भवन साडा कालोनी में, राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी मंजु बहन के सानिध्य में पांच दिवसीय प्रसन्न मन – आनंदमय जीवन षैली षिविर आयोजित षिविर का षुभारम्भ बहन रेणु अग्रवाल महापौर नगर पालिक निगम कोरबा, भ्राता बी.के.यमुना कमाण्डेन्ट सी.आई.एस.एफ : एन.टी.पी.सी. कोरबा, डॉ. एम. सूबेदार ई.एन.टी. विषेशज्ञ संचालक सूबेदार चिकित्सालय जमनीपाली, डॉ. के.सी.देबनाथ अक्षय चिकित्सालय कोरबा एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति में दीप प्रज्जवलित करके किया गया। ब्रह्माकुमारी मंजु बहन ने कहा खुषनुमः जीवन जीने की भी एक कला है। जीवन को सभी सुख सुविधा से सम्पन्न बनाकर खुष रहना चाहते हैं। आज मानव मन इतना तीव्रगामी हो गया है कि वह भविश्य की चिन्ता में ही डूबा रहता है। वर्तमान में हमारे पास जो उपलब्ध संसाधन है, हम उनका सुख नहीं ले पाते हैं। आपने कहा कि त्याग, तपस्या और सेवा दूसरों के जीवन को परिवर्तित किया जा सकता है। हम किसी के जीवन में दुःख का कारण बन जायें, यह समझदारी नहीं है। जीवन मूल्यों के आधार पर चलता है। आध्यात्मिकता के आधार पर चलकर जीवन को आनंदमय की दिषा में मोड़ा जा सकता है। बहन रेणु अग्रवाल ने कहा कि मेरा यह अनुभव है, कि भगवान हरेक की सुनता है और हरेक की मन्नत पूरी करता है। मैंने तो कभी यह सोचा ही नहीं था कि राजनीती में आऊगीं, लेकिन मन में यह षुभ आष थी कि जनता की सेवा करनी है। भ्राता बी.के.यमुना ने कहा कि प्रवचन सुनकर जीवन में खुषियां अवष्य आती हैं। जीवन को आनंदमय बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये आध्यात्मिकता के पथ पर सतत् आगे बढ़ते रहना है। डॉ. एम. सूबेदार ने कहा कि भजन और म्यूजिक के माध्यम से मन एकाग्र होता है और प्रसन्नता आती है। इस षिविर में मन को प्रसन्न बनाने के लिये अनेकानेक तरीके बतलाये जायेगें। इसका सभी को लाभ अवष्य लेना चाहिए। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने कहा कि परमात्मा हमारे मात-पिता हैं। वे आनंद के सागर हैं, वे हमारे जीवन को आनंदमय बनाना चाहते हैं। प्रातः 6ः00 से 7ः30 तथा सायं 7ः00 से 8ः30 बजे तक आयोजित षिविर में नगरवासी षिविर का लाभ लेने के लिये परिवार सहित सादर आमंत्रित हैं।
मानवीय सेवा में, ब्रह्माकुमारी रूकमणी

परीक्षा परिणामों से पूर्व सभी अभिभावकों से विनम्र अनुरोध

बच्चों की प्रतिभाओं को निखारें अभिभावक – ब्रकु. मंजू दीदी
परीक्षा परिणामों से पूर्व सभी अभिभावकों से विनम्र अनुरोध
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‘‘परीक्षाओं का दौर लगभग समाप्ति की ओर है सभी अभिभावक अपने बच्चों के रिजल्ट को लेकर निष्चित ही चिंतित हो रहे होंगे लेकिन हमें यह भी ध्यान में रखना होगा कि सभी छात्र जो परीक्षा में शामिल हो रहे हैं उन्हीं में ही कई कलाकार हैं जिन्हें गणित में विषेषज्ञ बनना जरूरी नहीं है, कई उद्यमी भी हैं जिन्हें अंग्रेजी साहित्य और इतिहास में कुछ कठिनाई महसूस होती होगी लेकिन भविष्य में ये इतिहास बदल देंगे, इनमें संगीतकार भी हैं जिनके लिये रसायनषास्त्र के अंक मायने नहीं रखते, कई तो खिलाड़ी भी हैं जिनकी फिज़ीकल फिटनेस, फिज़ीक्स के अंकों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। यदि बच्चे मैरिट अंक प्राप्त करते हैं तो ये बहुत अच्छी बात है लेकिन यदि वे ऐसा नहीं कर पाते तो क्पया उनसे उनका आत्मविश्वास न छीनें। उन्हें बतायें कि सब कुछ ठीक है, ये तो सिर्फ परीक्षा है। जीवन में हमारी उपस्थिति इससे अधिक बड़ी चीजों को करने के लिये है किसी एक कक्षा के कम स्कोर से कोई फर्क नहीं पड़ता है। बच्चों को प्यार दें और उनके बारे में अपना फैसला न सुनायें। इसके बजाय यदि आप उन्हें खुशमिज़ाज़ बनाते हैं तो वे कुछ ंभी बनें, उनका जीवन सफल है यदि वे खुश नहीं है तो वे कुछ भी बन जायें लेकिन सफल नहीं कहलायेंगे। कृपया ऐसा करके देखें, आप पायेंगे कि आपका बच्चा पूरी दुनिया को जीतने में सक्षम है। किसी एक परीक्षा में ऊंचे अंक प्राप्त करना जीवन की सफलता का पैमाना नहीं होता।’’
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने टिकरापारा में उपस्थित सभी अभिभावकों से विनम्र अनुरोध करते हुए कही। आपने बताया कि बच्चों को कभी ये टारगेट न दें कि बहुत पढ़ोगे, फिर अच्छे अंक आयेंगे, फिर बड़े ऑफिसर बनोगे, फिर पैसे कमाओगे तब खुशी मिलेगी, और हम भी खुश होंगे इसके बजाय उन्हें खुषी-खुशी पढ़ाई करने कहें। यदि खुश रहकर पढ़ाई करेंगे तो बाकी चीजें स्वतः ही आती जायेंगी।
मंजू दीदी ने शहर के सभी अभिभावकों के लिये भी यही संदेष दिया।

भारत का प्राचीन योग है राजयोग – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

प्रेस विज्ञप्ति
भारत का प्राचीन योग है राजयोग – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ के सदस्यों ने किया स्वामी विवेकानंद उद्यान में सामूहिक योगाभ्यास
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भारत के पास सबसे बड़ी शक्ति योग की शक्ति है जिसके आधार पर ही भारत पुनः जगत्गुरू बनेगा। राजयोग भारत का प्राचीन योग है जिसमें स्वयं की व स्वयं के मूलगुणों की पहचान के साथ-साथ परमात्मा का सत्य परिचय के साथ योग का अभ्यास किया जाता है। इस योग के अभ्यास से आत्मा के मूल गुणां सुख, शांति, आनंद, प्रेम, पवित्रता, ज्ञान और शक्ति का विकास होता है एवं जीवन में सहन करने, समाने, सामना करने, समेटने, निर्णय करने, विचारों को सार में लाने, परखने की शक्ति भी बढ़ती जाती है। राजयोग में सर्व योग समाहित हैं, यह कर्मयोग भी है, बुराईयों को छुड़ाता है अतः सन्यासयोग भी है, समत्व योग है क्योंकि इसमें स्व और सेवा का संतुलन है।
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी ने स्वामी विवेकानंद उद्यान में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम जीवन खुषियों से भरे, आओ बिलासपुर योग करें…. के अंतर्गत सभी साधकों को संबोधित करते हुए कही। आपने बताया कि हर माह के तीसरे रविवार को उद्यान में ऐसे सामूहिक योग के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे जिससे 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक पूरे बिलासपुर में योग का शंखनाद हो जाये। साथ ही आपने इफेक्टिव पैरेन्टिंग विषय पर परिचयात्मक व्याख्यान दिया और सोमवार सायं 7 से 8 बजे टिकरापारा सेवाकेन्द्र पर विस्तृत व्याख्यान का लाभ लेने के लिये सभी अभिभावकों को आमंत्रित किया है।

 

शहर में आध्यात्मिक सेवाओं के लिए छ.ग. के नगरीय प्रषासन मंत्री भ्राता अमर अग्रवाल जी ने बिलासपुर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी को सम्मानित किया।

शहर में आध्यात्मिक सेवाओं के लिए छ.ग. के नगरीय प्रषासन मंत्री भ्राता अमर अग्रवाल जी ने बिलासपुर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी को सम्मानित किया।
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बिलासपुर शहर में आध्यात्मिक सेवाओं के लिए टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी को छ.ग. के नगरीय प्रषासन मंत्री भ्राता अमर अग्रवाल जी के द्वारा स्मृति चिन्ह, शॉल और गुलदस्ते देकर सम्मानित किया गया। अवसर था बंगाली नववर्ष पर आयोजित सामूहिक कार्यक्रम का जिसमें शहर के अनेक गणमान्य अतिथि, बंगाली समाज के अध्यक्ष देवाषीष घोष, एवं समस्त बंगाली यूथ एसोसिएषन के सदस्य उपस्थित थे।

इंदौर- पत्रकारों के लिए आयोजित राजयोग शिविर सम्पन्न

ओमशांति

प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मीडिया प्रभाग की ओर से पत्रकारों के लिए 2 से 6 अप्रैल तक राजयोग ध्यान शिविर का आयोजन किया गया था जिसका समापन ​ 6 अप्रैल को मीडिया प्रभाग की क्षेत्रीय समन्वयक बी के अनिता की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पत्रिका के स्थानीय सम्पादक श्री अमित मण्डलोई थे।  शिविर में 30 पत्रकारों ने भाग लिया पर 18 पत्रकार नियमित रहे। इनमे दो दैनिक समाचार पत्रों के सम्पादक, पांच दैनिकों के रिपोर्टर, तीन टीवी के सम्वाददाता भी थे।

शिविर का सञ्चालन बी के मंजू बहन (बिलासपुर) ने किया तथा समन्वय मूल्यानुगत मीडिया के सम्पादक प्रोफेसर कमल दीक्षित ने किया।

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इंदौर जोन की मुख्य समन्वयक बी के हेम लता की अध्यक्षता में दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया था। बी के हेमलता ने कहा कि शिविर को पत्रकारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष बनाया गया है।

प्रो दीक्षित ने बताया था कि केवल पत्रकारों के लिए ही आयोजित किया जाने वाला यह प्रथम शिविर है। शिविर के समापन पर सहभागियों ने अपने अनुभवों इसे लाभकारी और सार्थक बताते हुए कहा कि ऐसे शिविर आगे भी किये जाएँ।

इस अवसर पर इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री अरविन्द तिवारी तथा श्री मण्डलोई ने प्रमाणपत्र वितरित किये। श्री मण्डलोई ने कहा कि हम लोग नकारात्मक वातावरण और सूचनाओं के बीच ही रहते हैं। ऐसे में ऐसे शिविर हमे सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर करने में मदद करते हैं। यह जीवन ऊर्जा की कमी को पूरा करेगा।