Chaitanya Jhanki Tikrapara Bilaspur (C.G)

DSC03805

दयालबंद में सज गई नौ देवियों की चैतन्य झाँकी


दयालबंद में सज गई नौ देवियों की चैतन्य झाँकी

IMG_20170925_082432_074

बिलासपुर, 23 सितम्बरः प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा नवरात्रि के अवसर पर डॉ. लालचंदानी के बाजू में स्थित ग्राउण्ड, दयालबंद में गुरूवार, 21 से शनिवार, 30 सितम्बर, 2017 तक पैंतीस फीट ऊँचे मंच पर नौ देवियों की चैतन्य झाँकी सजायी जा रही है। इसमें भक्तजन प्रतिदिन शाम को 6 से रात्रि 12 बजे तक चैतन्य देवियों के दर्शन कर सकेंगे।
ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इलाहाबाद, इन्दौर, कोटा, उज्जैन, माउण्ट आबू और भिलाई के बाद यह झाँकी अब बिलासपुर में आयी है। झाँकी में सभी देवियाँ अलग-अलग ढंग से प्रस्तुत होंगी। कोई देवी पहाडऩुमा बने आकृति से प्रकट होंगी, तो कोई देवी कमल फूल के अन्दर से निकलकर दर्शन देंगी। इसमें संगीतमय कॉमेन्ट्री के माध्यम से विशाल मंच पर विराजित शिवशक्तियों -मॉं दुर्गा, श्री लक्ष्मी, सरस्वती, काली, गायत्री, वैष्णो देवी, मीनाक्षी, सन्तोषी माता और उमादेवी आदि के आध्यात्मिक रहस्यों का लाइट एण्ड साउण्ड के द्वारा प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगा। ब्रह्माकुमारी बहनें जिन्होंने राजयोग की सतत् साधना और गहन तपस्या के फलस्वरूप मन की एकाग्रता एवं शारीरिक स्थिरता को यहाँ तक प्राप्त कर लिया है कि जब वह चैतन्य देवियों के रूप में विराजित होती हैं तो वह सजीव होते हुए भी एकदम निर्जीव मूर्तियों के समान प्रतीत होती हैं। कुछ पल उस वातावरण में बैठने से दर्शकों को उनके द्वारा प्रवाहित शान्ति और शक्ति के प्रकम्पनों की अलौकिक अनुभूति होती है। साथ ही आध्यात्मिक चित्र प्रदर्षनी भी लगायी गई है।
दिव्य सत्संग का आयोजन 25 सितम्बर से
इस अवसर पर जीवन में सच्ची सुख और शान्ति का अनुभव करने के लिए झांकी ग्राउण्ड में ही 25 सितम्बर से ‘‘श्रीमद्भगवद्गीता के आध्यात्मिक रहस्यों के द्वारा खुषहाल जीवन’’ पर दिव्य सत्संग का आयोजन किया गया है। इस शिविर में प्रातः 6.30 से 8.00 अथवा सायं 4.30 से 6.00 बजे में से किसी भी एक सत्र में भाग लेकर लाभ उठाया जा सकता है। इस षिविर में सुकर्म, अकर्म और विकर्म का बोध, महिषासुरवध, परम सत्य की पहचान, हरिष्चन्द्र चरित्र, सृष्टि का अनादि सत्य, षिवषक्ति का प्राकट्य, साक्षात्कार, सुदामा-चरित्र, अष्टषक्तियों की दिव्य प्राप्ति, अष्टभुजी का रहस्य, नवदुर्गा चरित्र, श्रीकृष्ण, श्रीराम व आदिषक्ति की प्राकट्यवेला, यज्ञ, हवन, चढ़ोतरी, सहस्त्रधारा रहस्य, पूर्णाहूति आदि विषयों पर दिव्य प्रवचन का आयोजन अपने जीवन में ज्ञानमय भक्ति के ऐसे अनूठे संगम का आनंद अवष्य उठाए। आप सभी आगंतुको के लिए विषेष व्यवस्था की गई है जिससे आप सभी अपने जीवन में मीठे पलो का अनुभव कर सके।

ध्वनि एवं प्रकाश का अनोखा संगम : 35 फीट ऊंची चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन

ध्वनि एवं प्रकाश का अनोखा संगम

35 फीट ऊंची चैतन्य देवियों की झांकी के आयोजन की तैयारियां जोरों पर

पहाड़ो की गुफाओं व बादलों के बीच से प्रकट होंगी देवियां

IMG-20170915-WA0007

बिलासपुर टिकरापारा, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वाधान में इस नवरात्र पर 35 फीट ऊंची चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन दयालबंद स्थित छोटाभाई जेठाभाई पटेल एंड कम्पनी के प्रांगण में किया जा रहा है!

सेवाकेंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने जानकारी दी कि 35 फीट ऊंचे मंच पर प्रदर्शित की जाने वाली चैतन्य देवियों की झांकी पूरे शहर भर में विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा! ये देवियां बादलों के बीच से, कमल फूल से, गुफाओं से, दाहिने व बायीं ओर से प्रकट होंगी!

इसी प्रांगण में झांकी के साथ साथ प्रातः व सायं के समय जीवन में सुख शांति आनन्द की प्राप्ति के लिए सत्संग का भी आयोजन किया जा रहा है! जिसके अंतर्गत विभिन्न विषयों को समाहित किया जायेगा!!!

 

एनटीपीसी सीपत में स्ट्रेस मैनेजमेन्ट विषय पर दो दिवसीय रिट्रीट संपन्न

प्रेस-विज्ञप्ति
अच्छे विचार दूर करते हैं तनाव – ब्रह्माकुमार षिवराज
एनटीपीसी सीपत में स्ट्रेस मैनेजमेन्ट विषय पर दो दिवसीय रिट्रीट संपन्न
‘‘आध्यात्मिकता कोई धर्म नहीं है, स्वयं को व स्वयं में निहीत शक्तियों को पहचानना ही आध्यात्मिकता है। हर व्यक्ति व परिस्थिति के बारे में हम कैसे अच्छा सोचे यह आध्यात्म ही हमें सिखाता है। इसका अच्छा प्रभाव यह पड़ता है कि हमारे मन की शक्ति बढ़ जाती है। आज हमारे जीवन में इंटरनेट, मोबाइल और सोषल मीडिया का अत्याधिक प्रयोग तनाव का मुख्य कारण बना हुआ है। इनमें सकारात्मक बातें तो होती हैं किन्तु नकारात्मक या व्यर्थ विचारों को उत्पन्न करने वाले तथ्यों व समाचारों की अधिकता होती है क्योंकि आज का वातावरण ही नकारात्मक है इसका सीधा प्रभाव हमारे मन पर पड़ता है और इन बातों में उलझकर हमसे व्यर्थ कर्म होने लगते हैं। इससे हमारे जीवन में बहुत सारी समस्याएं आने लगती हैं। आध्यात्मिकता को अपने जीवन में स्थान देकर श्रेष्ठ चिंतन के माध्यम से स्व का परिवर्तन कर सकते हैं व इन समस्याओं का समाधान भी कर सकते हैं। तनावमुक्ति के लिए हमें कर्म सिद्धांत का भी पता होना आवष्यक है कि जैसा हमारा कर्म होता है वह वैसे ही हमारे तक वापस पहुंचता है। अच्छे कर्मां का परिणाम अच्छा और बुरे कर्मों का परिणाम बुरा।’’
उक्त बातें एनटीपीसी सीपत में स्ट्रेस मैनेजमेन्ट रिट्रीट के प्रथम दिन ब्रह्माकुमारीज़ के सिक्यूरिटी विंग के मुख्य वक्ता, दिल्ली से पधारे कमाण्डर भ्राता ब्रह्माकुमार षिवराज सिंह जी ने कही।
तनावमुक्ति का प्रथम सूत्र : हर हाल में मुस्कुराते रहें…- ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने उद्घाटन सत्र में तनावप्रबंधन पर वक्तव्य देते हुए कहा कि जब हम मुस्कुराते हैं तो हमें देखकर दूसरे भी मुस्कुराते हैं अर्थात् हम मुस्कुराकर दूसरों को मुस्कुराना सीखा देते हैं और मुस्कुराने से हमारी कई बीमारियां ऐसे ही ठीक हो जाती हैं। जितना हम शांति, प्रेम और आनंद की गहराई में उतरते हैं उतना ही मूल्यों का अनुभव हमारे जीवन में होने लगता है जिससे आंतरिक खुषी की अनवरत अनुभूति में हम रहने लगते हैं। जिस तनाव में हम रहते हैं वह भी हमारी सोच के कारण होता है और खुष रहना भी हमारी सोच की वजह से होता है। मुष्किल परिस्थिति में स्वयं को व्यवस्थित करके चलना, ये एक विषेष कला है जो सुंदर विचारों के माध्यम से ही जीवन में आती है। आज प्रेम और सम्मान सभी को चाहिये। ये जरूरी नहीं कि जीवन में अधिक रिष्ते हों लेकिन जितने भी हों उनमें मधुरता हो क्योंकि रिष्ते बनाना तो आसान है, मगर उन्हें निभाना मुष्किल है। स्वयं के अंदर चेक करें कि मेरे अंदर कितना प्रेम है और यदि कमी है तो उसे लाउं कहां से??? इसका सही उत्तर यही है कि हम प्रेम के सागर परमात्मा से सर्व संबंध जोड़ लें, इससे ही हमारी आंतरिक शक्ति जागृत होगी।
इस अवसर पर हैदराबाद से पधारे मेडिटेषन विषेषज्ञ एवं मनोवैज्ञानिक भ्राता ब्रह्माकुमार रामाकृष्णा ने अपने प्रयोगों व अनुभवों के आधार पर सभी को गाइडेड मेडिटेषन का अभ्यास कराया और मन की शांति की अनुभूति कराई। कार्यक्रम के दौरान एनटीपीसी के एजीएम भ्राता ए के सामन्ता, रविषंकर कॉल, डिप्टी एमजीआर नीरज, डिप्टी कमाण्डेण्ट दिनेष व संतोष कुमार, असिस्टेंट कमाण्डेण्ट ए.एम. शर्मा सहित सीआईएसएफ के जवान उपस्थित थे।
दो दिवसीय इस रिट्रीट में स्लीप मैनेजमेन्ट, योगा एण्ड एक्सरसाइज, मेडिटेषन सेषन, मैनेजिंग चैलेंजिंग सिचुएषन्स, हार्मोनियर रिलेषनषिप, अंडरस्टैंडिंग सुप्रीम सोर्स एण्ड कनेक्षन, सेल्फ इम्पॉवरमेन्ट, रिसीविंग एनर्जी एण्ड ट्रांसफॉर्मेषन जैसे अनेक विषयों पर क्लासेस का आयोजन किया गया।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

छत्तीसगढ़ योग आयोग की साधारण सभा की पहली बैठक

रायपुर : छत्तीसगढ़ योग आयोग की साधारण सभा की पहली बैठक : गांव-गांव और शहर-शहर लगेंगी योग की नियमित कक्षाएं: श्री संजय अग्रवाल

योग कक्षाओं के लिए तैयार किए जाएंगे 900 मास्टर ट्रेनर

संभाग स्तर पर मास्टर ट्रेनरों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
योग के जरिए होगी नशामुक्ति की पहल

देश का पहला योग आयोग छत्तीसगढ़ ने बनाया

2F431F814EBEFEE89E18811256EAC07E

रायपुर, 07 सितम्बर 2017

राज्य शासन द्वारा गठित छत्तीसगढ़ योग आयोग की साधारण सभा की पहली बैठक आज यहां माना स्थित आयोग कार्यालय में आयोजित की गई।  बैठक की अध्यक्षता करते हुए योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने योग को प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप समाज कल्याण विभाग द्वारा योग आयोग का गठन किया गया है, जो देश का पहला और इकलौता योग आयोग है।
आयोग के अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश सरकार के सहयोग से निकट भविष्य में राज्य के गांव-गांव और शहर-शहर नियमित योग कक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें लोगों को योगासनों के बारे में जानकारी दी जाएगी और योग अभ्यास भी करवाया जाएगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश के गांवों और शहरों में योग के जरिए नशामुक्ति के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योग कक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश के सभी पांच संभागों के 146 विकासखण्डों से 900 मास्टर ट्रेनरों का चयन का उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 सितम्बर से 23 सितम्बर के बीच प्रस्तावित है। बस्तर संभाग के 198, रायपुर और दुर्ग संभागों के 300  और बिलासपुर तथा सरगुजा संभागों के 402 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए संबंधित राजस्व संभागों के प्रत्येक विकासखण्ड और नगर निगम क्षेत्र से छह प्रतिभागियों का चयन होगा, जिनमें तीन सरकारी कर्मचारी और तीन अशासकीय व्यक्ति होंगे। इन छह प्रतिभागियों में दो महिलाएं भी होंगी। सरकारी कर्मचारियों का चयन कलेक्टर द्वारा और अशासकीय प्रतिभागियों का चयन योग आयोग के सदस्यों द्वारा स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा। इन मास्टर ट्रेनरों द्वारा संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जिन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा, वे विकासखण्ड स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार करेंगे। संभाग स्तर पर प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में आज की बैठक में चर्चा की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम बस्तर संभाग के 32 विकासखण्डों के लिए 11 सितम्बर से 16 सितम्बर तक संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा। इसी तरह रायपुर और दुर्ग संभाग का प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 सितम्बर से 17 सितम्बर तक और बिलासपुर तथा सरगुजा संभागों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 सितम्बर से 23 सितम्बर तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
समाज कल्याण विभाग के संचालक डॉ. संजय अलंग ने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ का योग आयोग देश का पहला और इकलौता योग आयोग है। यहां के योग आयोग से प्रेरणा लेकर कई राज्य अपने यहां योग आयोग के गठन पर विचार कर रहे हैं। बैठक में योग आयोग सदस्य श्री अजय सिंह (ग्राम जैतगिरी) जिला बस्तर, श्री महाप्राण पुरोहित ग्राम तारागांव, जिला कोण्डागांव, ब्रम्हकुमारी मंजू वलहाल, बिलासपुर, श्री त्रिलोचन साहू, बागबाहरा, जिला महासमुन्द, डॉ. रविकुमार श्रीवास, मुकुटनगर रायपुर भी उपस्थित थे।

क्रमांक-2447/स्वराज्य/चित्ररेखा

आंतरिक स्वच्छता के लिए योग जरूरी – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी शासकीय उन्नत षिक्षा अध्ययन संस्थान में पांच दिवसीय योग प्रषिक्षण सम्पन्न

प्रेस-विज्ञप्ति
आंतरिक स्वच्छता के लिए योग जरूरी – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
योग के प्रसार में षिक्षकों का विषेष दायित्व
शासकीय उन्नत षिक्षा अध्ययन संस्थान में पांच दिवसीय योग प्रषिक्षण सम्पन्न
DSC03354
‘‘आसन-प्राणायाम के साथ-साथ तन व मन की स्वच्छता भी योग है। समाज में आज सभी को दिषा प्रदान करने की महत्वपूर्ण भूमिका षिक्षकों की है क्योंकि षिक्षक ही श्रेष्ठ दिषा देकर बच्चो को निरंतर उनके उच्चतम लक्ष्य तक पहुंचाने में निरंतर प्रयासरत रहते हैं। एक-एक षिक्षक एक-एक लाख के बराबर है क्योंकि हर षिक्षक के पीछे अनेक विद्यार्थियों का जीवन है और हर विद्यार्थी देष का भावी निर्माता है। इसलिए इतने विषेष दायित्व को निभाने के लिए आपको नैतिक मूल्यों और दिव्य गुणों की शक्ति से स्वयं को भरपूर करना आवष्यक है। प्राइमरी एवं माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थी उस कोमल टहनी की भांति है जिसे आप जिस अनुरूप चाहे उस दिषा में मोड़ सकते हैं। षिक्षक अपने विषय विषेष के साथ-साथ जीवन में विषयों का सार अर्थात् हमारे जीवन में आपसी संबंधों में किस चीज का जोड़ या घटाव करना है या हमारी संस्कृति की ओर बच्चों के संस्कारों को लाना है- ये गहराई से बता सकते है।
उक्त बातें शासकिय उन्नत षिक्षा अध्ययन संस्थान द्वारा मस्तूरी विकासखण्ड के प्राथमिक व माध्यमिक शाला के लगभग 50 षिक्षक-षिक्षिकाओं के लिए आयोजित पांच दिवसीय योग प्रषिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन योग प्रषिक्षण प्रदान करते हुए छ.ग. योग आयोग की मनोनित सदस्य एवं ब्रह्माकुमारीज टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी़ ब्र.कु मंजू दीदी ने कही। आपने बताया कि जब आप दिल की गहराई से बच्चो को पढाते हैं तो उसका प्रत्यक्ष फल आपको स्पष्ठ दिखाई देने लगता है। आपने बताया कि हर बात में समय का प्रबंधन चाहिए। हमें अपने जीवन में जो भी खुषी मिलती है वो मूल्यों के बल पर ही मिलती है। सम्मान देना ही सम्मान प्राप्ति का आधार है। सदैव श्रेष्ठ कर्म करें, सभी का दिल से सम्मान करें क्योकि कहते है ना, कि ‘‘एक वकील की गलती तर्क संगत दलीलो में छिप जाती है, एक इंजीनियर की गलती दीवारों में छिप जाती है, चिकित्सक की गलती श्मषान में छिप जाती है लेकिन एक षिक्षक की गलती बहुत काल तक किसी विद्यार्थी में प्रतिबिम्बित होती रहती है। हमारी गलती सारी दुनिया जान जाती है अगर हम सोचते हैं कि कोई मुझे नही देख रहा है तो हम धोखे में हैं क्यांकि परमात्मा की नजर सदा सब पर होती है।‘‘
कार्यक्रम के अंत में दीदी ने प्रेरणात्मक गीत – जिन्दगी प्यार का गीत है… के माध्यम से सभी को एक्सरसाइज़ एवं एक्यूप्रेषर एवं तत्पष्चात् सहज राजयोग ध्यान का अभ्यास भी कराया। इस अवसर पर प्रषिक्षार्थियां के साथ-साथ अन्य प्रषिक्षक भी उपस्थित थे। इस पांच दिवसीय योग प्रषिक्षण को संपन्न करने में योग प्रभारी डॉ. उल्हास वारे, उज्जैन से पधारे डॉ. मुकेष मेहता, चकरभाठा हाईस्कूल के व्याख्याता डॉ. संतोष तिवारी, श्रीसंतोष रजक एवं अन्य विषय विषेषज्ञों का योगदान रहा।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)