छ.ग. योग आयोग के बिलासपुर संभाग के मास्टर ट्रेनर्स के स्नेह मिलन का आयोजन ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में किया गया

प्रेस-विज्ञप्ति

योग आयोग का महत्वपूर्ण लक्ष्य है जीवनशैली में परिवर्तन – संजय अग्रवाल

कर्म में ऐसी पवित्रता हो कि वही हमारा धर्म बन जाये।

छ.ग. योग आयोग के बिलासपुर संभाग के मास्टर ट्रेनर्स के स्नेह मिलन का आयोजन ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में किया गया

‘‘योग को केवल शारीरिक अभ्यास तक ही संकुचित न रखें। यदि तन पवित्र है तो जरूरी नहीं कि मन भी पवित्र होगा किन्तु यदि मन पवित्र होगा तब तन स्वतः ही पवित्र होगा। हमारे जीवन का मर्म इतना प्रगाढ़ हो जाए कि वही हमारा कर्म बन जाए और कर्म में ऐसी पवित्रता आ जाये कि वही हमारा धर्म बन जाये क्योंकि गीता में भी लिखा गया है कि कर्म की कुषलता ही योग है। यहां हर व्यक्ति षिष्य है जब वह अपना ज्ञान दूसरों को सुनाता है तो वह गुरू भी है। हमारे मन का भाव अर्थात् मर्म यही होना चाहिये कि इस संसार में कोई पीड़ित या दुखी है तो उनकी सेवा करूं और उनके दुखों का निवारण करके उनके भीतर नव चेतना का उदय कर सकूं- यही जीवन का लक्ष्य बन जाये। हम योगी बनें या न बनें लेकिन समाज या देष के लिए उपयोगी जरूर बनें। जब तक हम अपने कर्म से स्वयं को गौरवान्वित अनुभव नहीं कर पा रहे हैं तो समझ लीजियेगा कि उड़ान अभी बाकी है। इसलिए हम व्यक्ति की नहीं व्यक्तित्व की और चित्र की नहीं चरित्र की पूजा करते हैं क्योंकि व्यक्ति या चित्र की पूजा करने वाला धोखा खा सकता है लेकिन व्यक्तित्व या चरित्र की पूजा करने वाला कभी भी धोखा नहीं खा सकता।

ये बातें छ.ग. योग आयोग के अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री आदरणीय भ्राता संजय अग्रवाल जी ने ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम में उपस्थित बिलासपुर संभाग के मास्टर योग प्रषिक्षकों को संबोधित करते हुए कही।

हमारा जीवन सादा हो और विचार ऊंचे हों – ब्र.कु. शान्तनु भाई

इस अवसर पर माउण्ट आबू से पधारे ब्रह्माकुमारीज़ के मीडिया प्रभाग के मुख्यालय संयोजक आदरणीय भ्राता ब्रह्माकुमार शांतनु जी ने शुभ प्रेरणायें देते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए योग के सभी पहलुओं की ओर ध्यान देने की जरूरत है। आज लगभग 75 प्रतिषत से अधिक बीमारियों का कारण मन के कमजोर संकल्प या मानसिक तनाव है। जीवन में कोई भी समस्या, कोई भी परिस्थिति बाहरी नहीं है, इसके पीछे मुख्य कारण हमारी ही सोच का फर्क है। आज कितना भी बुद्धिमान इंसान हो, कितने भी बड़े ओहदे पर हो, सभी को तनाव है। हम दूसरों की बुराई देखने में, करने में, दूसरों को दोष देने में ही लगे रहते हैं। हम अपने संबंधियों को, अपने कार्यव्यवहार में आने वाले व्यक्तियों को दोष देने लगते हैं लेकिन वास्तव में इसका कारण हम हैं, हमारे देखने का नजरिया है। वास्तव में हम योगियों का जीवन सादा, मांसाहार से मुक्त, व्यसनमुक्त और ऊंचे विचारों वाले होने चाहिए। इसके लिए शारीरिक योग के साथ मन के सषक्तिकरण की भी आवष्यकता है। हमें रोज सुबह 4 से 5 बजे तक उठ जाना चाहिये और कम से कम 10 मिनट अच्छे संकल्पों, जैसे सभी सुखी हों, शान्त हों, रोगमुक्त हों, पूरे विष्व का कल्याण हो आदि श्रेष्ठ विचारों के माध्यम से ध्यान करना चाहिये और यही राजयोग का अभ्यास है। इसमें हमारा कनेक्षन परमात्मा से जुड़ता है और हमें उसी प्रकार ऊर्जा मिलती है जिस प्रकार पॉवर हाउस से कनेक्ट होने पर विद्युत उपकरणों को पॉवर मिलती है।

छ.ग. योग आयोग की सदस्य ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कहा कि योग आयोग एक परिवार की तरह है। इस परिवार के अधिकतर सदस्य युवा हैं और युवा के अंदर अपार शक्तियां हैं चाहे तो वे इसे निर्माणकारी दिषा में लगा सकते हैं या फिर विध्वंसकारी दिषा में। योग आयोग का उद्देष्य ही है कि हर व्यक्ति को का्रेधमुक्त बनाना, उनमें निर्माणकारी ऊर्जा का संचार कर उनकी शक्तियों को सही दिषा में उपयोग करना। यह कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं है इसके लिए सतत अभ्यास की आवष्यकता है। आयोग को ऊंचाई पर ले जाने के लिए समर्पण भाव, समाने की शक्ति व एकता की शक्ति की बहुत आवष्यकता है क्योंकि संगठन को चलाने के लिए इन्हीं गुणों व शक्तियों की आवष्यकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने मां भारती की आरती की और ब्रह्माभोजन ग्रहण किया।

 

 

भ्राता सम्पादक महोदय,

दैनिक………………………..

बिलासपुर (छ.ग.)

गुरुनानक स्कूल के बच्चों को ब्रह्माकुमारी बहनों ने पढ़ाया नैतिकता का पाठ

हर एक्टिविटी में शामिल हो बच्चे – ब्रह्माकुमारी गायत्री

गुरुनानक स्कूल के बच्चों को ब्रह्माकुमारी बहनों ने पढ़ाया नैतिकता का पाठ

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बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सभी बच्चों को हर प्रकार की एक्टिविटी में शामिल होना चाहिए। चाहे वह एक्सरसाइज हो, डांस हो, संगीत हो या कोई खेल ही क्यों न हो। हमें एक अच्छा इंसान बनाने के लिए हमारे माता-पिता व शिक्षक बहुत मेहनत करते हैं, बहुत सहन करते हैं। हमें अपने बड़ो को हमसे कुछ कराने के लिए कोई बात बार बार कहना न पड़े। किसी चीज के लिए हमें जिद्द भी नहीं करना चाहिए।
उक्त बातें गुरुनानक स्कूल के बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा की बहन ब्रह्माकुमारी गायत्री बहन ने कही।
फरिश्ते की तरह होते हैं हमारे माता-पिता – ब्रह्माकुमारी पूर्णिमा
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी पूर्णिमा बहन ने कहा कि सुबह उठकर स्नान करना, भोजन से पहले अच्छे से हाथ धोना, झूठ नही बोलना, बिना पूछे किसी का सामान नहीं उठाना, माता-पिता के पैर छूकर घर से निकलना ये सभी एक अच्छे बच्चे के लक्षण हैं। यदि हम यह सोचकर कोई गलत काम करते हैं कि कोई हमें देख नहीं रहा, तो ये हमारी भूल है क्योंकि भगवान तो हमेशा हमें देखते ही रहते हैं। हमारे माता-पिता भी भगवान या फरिश्ते की तरह हैं। आपने तीन गुड़ियों की कहानी के माध्यम से एकाग्रता का पाठ पढ़ाया।
गौरी बहन ने बच्चों को सभी कार्य समय से करने और गुस्सा न करने की शिक्षा दी। आपने लाइट एक्सरसाइज का अभ्यास और कंसंट्रेशन पॉवर की चेकिंग के लिए खेल कराया।
हर कर्म समर्पणता से करें और आपस में निःस्वार्थ स्नेह का भाव हो – ब्रह्माकुमारी डॉक्टर संगीता
टिकरापारा में राजयोग शिविर का पहला दिन, बताया तनाव मुक्ति के तरीके
आज के इस दौर में सच्चा स्नेह मिलना बहुत मुश्किल है किंतु यदि हम स्वयं ही निःस्वार्थ स्नेह बांटते हैं तो जरूर हमें भी दूसरों से प्यार मिलता ही है जो कि हमारा तनाव कम करता है। तनाव से दूर रहने के लिए अपना हर कार्य समर्पणता के साथ करें। क्योंकि यदि समर्पण नही होगा तो कार्य पूरे नहीं हों, और पेंडिंग कार्य एकत्रित हो कर तनाव का रूप ले लेते हैं।
ये बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में चल रहे राजयोग शिविर के पहले दिन ब्रह्माकुमारी डॉक्टर संगीता बहन ने शिविरार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहीं। हर एक को खुशी देना, समय प्रबन्धन, मेडिटेशन आदि के आधार पर आपने तनावमुक्त जीवन जीने के तरीके बताए।
सेवाकेंद्र की सदस्य उषा साहू ने जानकारी दी कि दूसरे दिन का सत्र सेवाकेंद्र प्रभारी आदरणीय मंजू दीदी लेंगी।

Bilaspur -BK Manju Nominated as Honoured Member of CG Yog Ayog

Bilaspur, Tikrapara Center Incharge, BK Manju was Nominated as Honoured Member of CG Yog Ayog.
BK Manju shared the significance of Rajayoga Meditation in stress free life style along with physical yoga postures which was taught by different other organisations.
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गठित छ.ग. योग आयोग में ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से सम्मानित सदस्य के रूप में ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी मनोनित हुईं…..बढ़ाया संस्था का गौरव…..
 
देश के एकमात्र राज्य छत्तीसगढ़ में शासन के द्वारा योग आयोग का गठन किया गया है जिसमें ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से बिलासपुर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी को सम्मानित सदस्य के रूप में मनोनित किया गया है जो संस्था के लिए अत्यन्त हर्ष एवं गौरव का विषय है।
छ.ग. योग आयोग द्वारा आयोजित दुर्ग व रायपुर सम्भाग का मास्टर योग प्रषिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
छ.ग. के मुख्यमंत्री, समाज कल्याण मंत्री, कृषि एवं सिंचाई मंत्री ने की षिरकत
छ.ग. योग आयोग के तत्वाधान में रायपुर व दुर्ग सम्भाग के लिए अमलेश्वर के हार्टफूलनेस आश्रम में आयोजित सात दिवसीय आवासीय मास्टर योग प्रषिक्षण षिविर सम्पन्न
छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थापित छ.ग. योग आयोग के द्वारा अमलेष्वर, दुर्ग के हार्टफूलनेस आश्रम में सात दिवसीय मास्टर योग प्रषिक्षण षिविर सम्पन्न हुआ। जिसमें दुर्ग व रायपुर सम्भाग के 32 विकासखण्डों के लगभग 400 प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक हिस्सा लिया। षिविर में आसन, प्राणायाम के अलावा ध्यान के विभिन्न तरीके भी सिखाये गए। इसमें छ.ग. योग आयोग के अध्यक्ष भ्राता संजय अग्रवाल जी ने आसन, प्राणायाम व घरेलु उपचार की गहराइयों को समझाया, वहीं योग आयोग की सदस्य एवं बिलासपुर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने बौद्धिक सत्र में सात दिनों तक राजयोग के रहस्यों, तनावमुक्त जीवनषैली जैसे अन्य विषयों पर अपने अनुभवयुक्त व्याख्यान दिये। षिविर के दौरान अन्य विषेषज्ञ प्रवक्ताओं ने भी एनाटॉमी, योगदर्षन, सहजमार्ग ध्यान जैसे विषयों पर उद्बोधन दिये।
शिविर के दौरान राजनीतिक क्षेत्र से अनेक नेताओं ने भी षिरकत की, जिसमें छ.ग. के मुख्यमंत्री भ्राता रमनसिंह जी, कृषि एवं सिंचाई मंत्री भ्राता बृजमोहन अग्रवाल, महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री बहन श्रीमति रमषीला साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौषिक, प्रदेष भाजपा संगठन महामंत्री, महिला बाल विकास एवं खेल विभाग के सचिव भ्राता सोनमणि वोरा, दुर्ग के कलेक्टर भ्राता उमेंष अग्रवाल, युवा भारत संगठन के अध्यक्ष भ्राता जयंत भारती शामिल हुए।

ब्रह्माकुमारीज़ के साकार संस्थापक पिताश्री ब्रह्माबाबा की पुण्यतिथि मनाई गई।

प्रेस-विज्ञप्ति
सहनषीलता व समर्पणता के महान आदर्ष थे पिताश्री ब्रह्मा – ब्र.कु. मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ के साकार संस्थापक पिताश्री ब्रह्माबाबा की पुण्यतिथि मनाई गई।

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‘‘पिताश्री ब्रह्माबाबा का सबसे पहला कदम था समर्पणता। दिव्य साक्षात्कार के बाद परमात्म श्रीमत के आधार पर ज्ञान यज्ञ की स्थापना के लिए उन्होंने अपना तन-मन-धन व पूरा जीवन ईष्वरीय कार्य के लिए समर्पित कर दिया। आध्यात्म के मार्ग में उनका दूसरा कदम था सहनषीलता। संस्था की स्थापना के बाद अनेक प्रकार की परिस्थितियों का सामना व अनेक व्यक्तियों के विरोध, अपषब्द को बहुत ही शीतलता के साथ सहन किया व उनके प्रति हमेंषा रहम व क्षमा का भाव रहा। एक विष्वपिता के समान उनका व्यवहार था और सर्व आत्माओं के परमपिता ज्योति स्वरूप परमात्मा षिव के महावाक्यों में भी उन्हें प्रजापिता की उपाधि दी गई। उन्होंने अपने जीवन में मैं व मेरे पन का सम्पूर्ण त्याग कर दिया, अंत के समय में उनकी तपस्या, उनका पुरूषार्थ बहुत बढ़ गया। उनका जीवन तपस्या मय हो गया। कर्मातीत, कर्मयोगी बन गए। गीता के अठारहवें अध्याय का सार नष्टोमोहा, स्मृतिस्वरूप तक उनकी स्थिति पहुंच गई। आज संस्था ने वटवृक्ष का रूप जो धारण किया है वह उन्हीं की अटूट तपस्या व त्याग का परिणाम है’’
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र की प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने संस्था के संस्थापक पिताश्री ब्रह्माबाबा के पुण्यतिथि के अवसर उपस्थित सभी साधकों को संबोधित करते हुए कही। दीदी ने बताया कि पिताश्री जी की पुण्यतिथि पर विष्व के समस्त सेवाकेन्द्रों में आज अमृतवेले से ही योग-साधना चलती रहती है। सभी साधक आज के दिन विषेष मौन साधना का अभ्यास करते हैं। दीदी ने आज सभी साधकों को सेवाकेन्द्र के प्रकम्पन्न का महत्व और प्रतिदिन के सत्संग अर्थात् ज्ञान मुरली श्रवण का महत्व बताते हुए कहा कि इससे हमारी शंकाओं का समाधान होता है, मानसिक शक्ति मिलती है, परमात्म मिलन का अनुभव होता है और सबसे अच्छी बात यह है कि ऐसे संगठन में ईष्वरीय परिवार की अनुभूति होती है जिससे अवसाद जैसे मानसिक रोग भी समाप्त हो जाते हैं। साथ ही यहां प्रतिदिन योग-साधना होने से वातावरण शक्तिषाली होता है जिससे हमारी निराषा दूर होकर उमंग उत्साह आता है। यहां आने वाले वाले बड़े-बुजुर्गों को देखने से जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

पथरिया और मुंगेली विकासखण्ड के प्रषिक्षकों को योग आयोग सदस्य ने दी प्रेरणा

प्रेस-विज्ञप्ति
एकता के सूत्र का प्रतीक है तिल का लड्डू – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
पथरिया और मुंगेली विकासखण्ड के प्रषिक्षकों को योग आयोग सदस्य ने दी प्रेरणा

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‘‘योग को अपनी दिनचर्या बना लें व संकल्प लें कि मैं घर में अकेले ही योग नहीं करूंगा अपितु घर के बाहर सार्वजनिक स्थानों पर जाकर योग करेंगे जिससे गांव के अन्य लोग भी इसका लाभ ले सकेंगे। योगी बनने के साथ-साथ समाज के लिए उपयोगी भी बने, आपमें जो भी विषेषताएं हैं उन्हें सामाजिक कार्यों में लगाएं। यदि आपको शास्त्रों का, वेदों का ज्ञान न भी हो लेकिन लोगों की वेदनाओं को जरूर समझें, दिल से उनकी मदद करें, तो सभी की दुआएं मिलती रहेंगी।
उक्त बातें पथरिया व मुंगेली विकासखण्ड में चल रहे योग प्रषिक्षण में आए हुए प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए छ.ग. योग आयोग की सदस्य, ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही। आपने योग आयोग के उद्देष्यों को भी स्पष्ट किया और साथ ही आज मकर संक्रांति के आध्यात्मिक रहस्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि तिल का लड्डू एकता के सूत्र में बंधने का प्रतीक है। हमारे संस्कार अच्छे या बुरे हों लेकिन जब हम जीवन में मीठेपन का गुण धारण करते हैं तब हम स्वतः ही एक हो जाते हैं। और आत्मा हल्की होकर पतंग की तरह उड़ने लगती है।
दीदी जी ने जानकारी दी कि बहतराई में चल रहे योग प्रषिक्षण सत्र के दौरान कल समापन सत्र के अवसर पर बिल्हा विकासखण्ड के योग आयोग के सभी मास्टर योग प्रषिक्षकों के मात-पिता का सम्मान किया जायेगा। साथ ही ग्राम-पंचायत के सभी प्रतिभागी जिन्होंने प्रषिक्षण में सफलतापूर्वक हिस्सा लिया है उन्हें भी प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा।

भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

Yoga Training at Bahatarai stadium of Bilaspur and Sanskrit Bhawan of Bilha

Yoga Training is being conducted at the Bahatarai stadium of Bilaspur and Sanskrit Bhawan of Bilha in about 65 Development Blocks in all Gram Panchayats.  250 participants are taking benefit from the Yoga training at Bilha Development block.

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प्रेस-विज्ञप्ति
बिल्हा विकासखण्ड में 250 प्रतिभागी ले रहे योग प्रषिक्षण
बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम व बिल्हा के सांस्कृतिक भवन में चल रहा प्रषिक्षण

‘‘छ.ग. योग आयोग के तत्वाधान में बिलासपुर व सरगुजा सम्भाग के 65 विकासखण्डों के समस्त ग्राम पंचायतों में 10 जनवरी से 14 जनवरी तक पांच दिवसीय योग प्रषिक्षण की शुरूआत हो गई है। वहीं बिल्हा विकासखण्ड के अंतर्गत बिल्हा के सांस्कृतिक भवन व बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में आज लगभग 250 प्रतिभागियों का पंजीयन हुआ। जिस ग्राम पंचायत से प्रतिभागी नहीं पहुंचे है वहां के सचिवों से संपर्क किया जा रहा है। जिससे कल प्रतिभागियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
आज बहतराई स्टेडियम में स्वयं योग आयोग की सदस्य, ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने मास्टर ट्रेनर्स के साथ यौगिक जॉगिंग के 12 स्टेप्स, सूर्य-नमस्कार, आसनों व योगनिद्रा का अभ्यास कराया, वहीं बिलासपुर महिला पतंजलि योग समिति की अध्यक्षा बहन श्रीमति हेमलता साहू ने प्राणायाम का अभ्यास कराया। आतिथेय उद्बोधन के लिए आज पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विष्वविद्यालय से पधारे रजिस्ट्रार, भ्राता राजकुमार सचदेव जी ने भारत की व छत्तीसगढ़ की संस्कृति को अपनाने व स्वामी विवेकानंद जी आदर्शों को जीवन में धारण करने की बात कही।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए छ.ग. योग आयोग द्वारा प्रषिक्षित बिल्हा ब्लॉक के जिला-संवाहक अविनाष दुबे व वर्षा ठाकुर सहित लगभग 40 मास्टर ट्रेनर्स पूर्ण समर्पण भाव के साथ लगे हुए हैं। इस कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए समाज कल्याण विभाग, नगर निगम व बिल्हा जनपद के द्वारा सहयोग मिल रहा है।
जीवन मूल्यों पर आधारित व्याख्यान देते हुए व योग आयोग के इस प्रषिक्षण अभियान का उद्देष्य बताते हुए मंजू दीदी ने कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ एवं व्यसनमुक्त जीवन के लिए योग को अपनाना बहुत आवष्यक है। और गांव के हर एक व्यक्ति तक योग को पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। योग केवल हठयोग की बात नहीं है, मात-पिता की सेवा करना, दूसरों की वेदनाओं को समझना, उनके लिए जीवनोपयोगी बनना ही सच्चा योगी बनना है। अंत में सभी ने मिलकर मां भारती की आरती की।

भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

 

बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम व बिल्हा में योग प्रषिक्षण के दौरान मनाया राष्ट्रीय युवा दिवस

पे्रस-विज्ञप्ति- 01
योग प्रषिक्षक करेंगे स्वामी विवेकानंद जी के 100 युवाओं की पूर्ति 
बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम व बिल्हा में योग प्रषिक्षण के दौरान मनाया राष्ट्रीय युवा दिवस
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‘‘स्वामी विवेकानंद जी ने विष्व परिवर्तन के लिए 100 चरित्रवान, श्रेष्ठ युवाओं का आह्वान किया था। योग प्रषिक्षण के माध्यम से जब हम योग, आसन, प्राणायाम व ध्यान को अपने जीवन में उतारेंगे तब ऐसे श्रेष्ठ युवाओं की पूर्ति निष्चित है जिससे पूरे विष्व का परिवर्तन कर आध्यात्म का झण्डा फहराया जा सकेगा। योग को अपनाकर हर एक गांव का व्यक्ति ऐसा व्यसनमुक्त, श्रेष्ठ और चरित्रवान होगा कि शराब, सिगरेट, गुटखा आदि की दुकानें तो होंगी लेकिन उसका उपभोग करने वाला व्यक्ति नहीं होगा जिससे स्वतः ही ऐसी दुकानें बन्द हो जायेंगी। स्वामी विवेकानंद जी 38 वर्ष की आयु में ही अपने श्रेष्ठ व्यक्तित्व के आधार पर विष्व विख्यात हो गए। हम विवेकानंद जी जैसा यदि नहीं बन सकते लेकिन कम से कम उनके आदर्षों को अपने जीवन में उतारने वाला तो बन ही सकते हैं।’’
उक्त बातें राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बिल्हा व बहतराई के योग प्रषिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए योग आयोग की सदस्य, ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने कही।
आतिथेय उद्बोधन के लिए पधारे आर्ट आॅफ लिविंग के वरिष्ठ सदस्य भ्राता धरेन्द्र अरोरा जी ने आज प्रतिभागियों को ध्यान का अभ्यास कराया और कहा कि ध्यान दो अक्षर से मिलकर बना है ‘धि’ और ‘न’ से। धि अर्थात् बुद्धि और न अर्थात् नहीं, ध्यान में बुद्धि लगाने की आवष्यकता नहीं। एकाग्रता ध्यान नहीं है, एकाग्रता तो ध्यान से प्राप्त होने वाला एक लाभ है। उन्होंने प्रतिभागियों के ध्यान संबंधी प्रष्नों का समाधान भी किया। अंत में अतिथि, मास्टर ट्रेनर्स व सभी प्रतिभागियों ने मिलकर भारत माता की आरती की।
युवा दिवस के अवसर पर मास्टर ट्रेनर कु. रानी दीपाली ने बिल्हा व बहतराई दोनों स्थानों पर युवा शक्ति पर आधारित गीत- कौन-सा ऐसा काम है जो इनसे नहीं हुआ, युवा ये युवा, हैं सबको प्यारे युवा…. पर बहुत सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी। इससे पूर्व आज सत्र की शुरूआत में हार्टफूलनेस संस्थान द्वारा ध्यान का अभ्यास कराया गया और मास्टर ट्रेनर गणेषीलाल गुप्ता के द्वारा योग सत्र लिया गया।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)
पे्रस-विज्ञप्ति 2
योग और आध्यात्म के आदर्ष हैं स्वामी विवेकानंद – सुनील टूटेजा
महाराजा रणजीत सिंह सभागार में युवा दिवस मनाने के साथ हुआ योग षिविर का समापन
‘‘स्वामी विवेकानंद जी ने कहा कि उठो, जागो और तब तक न रूको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाये। इस नारे में गहराई की बात यह है कि हमें निरंतर अच्छे मार्ग पर चलने के लिए एक श्रेष्ठ लक्ष्य बनाने की आवष्यकता है। विषेष कर आज के युवाओं में अधिकतर देखा जाता है कि जीवन का कोई लक्ष्य बनाये बिगर श्रम करते रहते हैं जो कि असफलता का विषेष कारण बनता है। स्वामी जी के जीवन से हमें योग और आध्यात्म को अपनाते हुए कर्म करने की प्रेरणा मिलती है।’
उक्त उद्बोधन गुरूनानक स्कूल के प्रांगण में स्थित महाराजा रणजीत सिंह सभागार आयोजित तीन दिवसीय योग षिविर के समापन सत्र में युवा दिवस के अवसर पर उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए टूटेजा ट्यूटोरियल्स के डायरेक्टर भ्राता सुनील टूटेजा जी ने दिये।
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर विषिष्ट अतिथि के रूप में पधारे पं. सुंदरलाल शर्मा के रजिस्ट्रार भ्राता राजकुमार सचदेव जी ने विवेकानंद जी के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायी घटनाओं का वर्णन करते हुए युवाओं का मार्गदर्षन किया एवं उन्हें प्रोत्साहित भी किया।
योग षिविर में उपस्थित विद्यार्थियों ने इन तीन दिनों में योग की विधियां सीखीं व एजुकेषनल कैरियर में योग किस प्रकार मददगार है-यह भी सीखा। षिक्षकों के द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं का निराकरण भी किया गया।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

 

जिले के समस्त विकासखण्डों में ग्राम पंचायत स्तर पर योग का आरम्भ 10 से

 

प्रेस-विज्ञप्ति
जिले के समस्त विकासखण्डों में ग्राम पंचायत स्तर पर योग का आरम्भ 10 से
बहतराई स्टेडियम में योग प्रषिक्षण 11 से आरम्भ

‘‘छ.ग. योग आयोग के तत्वाधान में बिलासपुर व सरगुजा सम्भाग के 65 विकासखण्डों के समस्त ग्राम पंचायतों में 10 जनवरी से 14 जनवरी तक पांच दिवसीय योग प्रषिक्षण दिया जायेगा। वहीं बिल्हा विकासखण्ड के अंतर्गत बिल्हा के सांस्कृतिक भवन व बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में 11 से 15 जनवरी तक प्रषिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी तैयारियां चल रही हैं। आयोग की सदस्य एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने जानकारी दी कि गांव-गांव में योग को पहुंचाना व प्रदेष में स्वस्थ, स्वच्छ एवं व्यसनमुक्त बनाना – यही इस योग प्रषिक्षण का मूल उद्देष्य है।’’
इसके लिए ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत से योग में रूचि रखने वाले दो शासकीय व अषासकीय प्रतिभागी बुलाये जा रहे हैं। अतः बिल्हा में लगभग 150 व बहतराई स्टेडियम में लगभग 400 प्रतिभागी शामिल होंगे। सुबह 9 से सायं 4 बजे तक चलने वाले पांच दिवसीय षिविर में प्रतिभागियों को आयोग के पाठ्यक्रम अनुसार योग की गहराईयों के साथ योग दर्शन, आयुर्वेद, एक्यूप्रेषर व सकारात्मक चिंतन भी दिया जायेगा। आयोग के अनुसार इस षिविर में सफलतापूर्वक भाग लेने वाले प्रतिभागी योग सेवक कहलायेंगे जिनके माध्यम से 26 जनवरी से सभी ग्राम-पंचायतों में योग-वाटिका का शुभारम्भ होगा। जहां गांव के लोग योग सीखेंगे व उससे लाभान्वित होकर स्वच्छ, स्वस्थ एवं व्यसनमुक्त बनेंगे।

भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

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ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में मना नववर्ष स्नेह मिलन

प्रेस-विज्ञप्ति
हजार पांच सौ के नोट की तरह पुराने संस्कारों को भी भूलें – मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में मना नववर्ष स्नेह मिलन
‘‘इस नये वर्ष को पुराने संस्कारों की समाप्ति का, स्वयं को जगाकर दुनिया को जगाने का श्रेष्ठ वर्ष के रूप में मनायें। जैसे पांच सौ और हजार के पुराने नोट का चित्र लगभग सभी की स्मृति से मिट गया है ऐसे ही हमारे पुराने संस्कार, दूसरों के द्वारा कही हुई ऐसी बातें जिससे तकलीफ स्वयं को हो रही है इन्हें भूल जायें और आत्मा के मूल गुणों शान्ति, प्रेम, आनंद, पवित्रता को अपना कर स्वयं को जागृत करें। इससे स्वतः ही हम विष्व परिवर्तन की ओर बढ़ते जायेंगे और आध्यात्म का देष हमारा भारत पुनः विष्व गुरू बन कर स्वर्ग के रूप में स्थापित हो जायेगा।’’
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में नववर्ष स्नेह मिलन के लिए बिलासपुर व आसपास के गांव से आये हुए साधकों को परमात्म महावाक्य सुनाते हुए सेवाकेन्द्र प्रभारी एवं छ.ग. योग आयोग की सदस्य ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही। आपने जनवरी माह को योग-साधना का माह बताते हुए सभी को पुरूषार्थ के 36 बिन्दुओं के माध्यम से साधना में लग जाने के लिए प्रेरित किया। जिसमें प्रातः अमृतवेले (ब्रह्म मुहूर्त) में उठने से लेकर रात्रि सोने तक भिन्न-भिन्न मूल्यों की धारणाएं शामिल हैं।
इस अवसर पर सभी को ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से नववर्ष का कैलेण्डर ईष्वरीय सौगात के रूप में दी गई। साथ ही सेवाकेन्द्र की सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी गौरी बहन एवं तनु बहन ने विभिन्न गीतों पर सुंदर नृत्य भी प्रस्तुत किया। अंत में सभी को भोग वितरित किया गया।
यह जानकारी सेवाकेन्द्र की सदस्य श्रीमति उषा साहू ने दी।