तटरक्षकों को योग व सकारात्मक जीवनषैली सिखाकर ब्र.कु. मंजू दीदी ने किया शहर का नाम रौषन

प्रेस-विज्ञप्ति
तटरक्षकों को योग व सकारात्मक जीवनषैली सिखाकर ब्र.कु. मंजू दीदी ने किया शहर का नाम रौषन
तनाव से मुक्ति व आंतरिक शक्ति बढ़ाने के लिए ब्रह्माकुमारीज के सुरक्षा प्रभाग द्वारा गोवा में दो दिवसीय कार्यषाला का आयोजन
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‘‘भारतीय तटरक्षकों के लिए तनाव से मुक्ति व आंतरिक शक्ति बढ़ाने के लिए गोवा में आयोजित दो दिवसीय कार्यषाला में छ.ग. योग आयोग की सदस्य एवं टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी बतौर प्रषिक्षक शामिल होकर प्रदेष के साथ-साथ बिलासपुर शहर का भी नाम ऊंचा किया। इस दो दिवसीय कार्यषाला में आपने योग, सकारात्मक चिंतन, स्व-सषक्तिकरण, स्वयं की पहचान व शान्ति की अनुभूति आदि विषयों पर अपने अनुभवयुक्त विचारों से लाभान्वित किया एवं गाइडेड मेडिटेषन कॉमेन्ट्री के माध्यम से शान्ति की अनुभूति कराई।’’
इस अवसर पर कमाण्डर राज सिंग भाई, कर्नल सती भाई, वीणा बहन, शकुन्तला दीदी, शषी बहन आदि प्रषिक्षक सहित अनेक तटरक्षक मौजूद रहे।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

इंडियन कोस्ट गार्ड_गोवा – ब्रह्माकुमारीज़ सुरक्षा प्रभाग 22-23 feb 18

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प्रियतमों के भी प्रियतम हैं भगवान षिव – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

प्रेस-विज्ञप्ति
प्रियतमों के भी प्रियतम हैं भगवान षिव – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
अनोखा कार्यक्रम आयोजित कर वेलेन्टाइन डे को दिया गया आध्यात्मिक मोड़
दिन भर चलता रहा भगवान को प्रेम पत्र लिखने और बदले में वरदान पाने का सिलसिला
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‘‘यू ंतो वेलेन्टाइन डे को दुनिया में देहधारी प्रेमी-प्रेमिकाओं के दिन के रूप में मनाया जा रहा है लेकिन वहीं ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित महाषिवरात्रि महोत्सव में इस दिवस को आध्यात्मिक मोड़ दिया गया। जैसे मीरा ने श्रीकृष्ण को प्रियतम के रूप में याद किया ऐसे ही यहां प्रियतमों के भी प्रियतम परमपिता परमात्मा षिव के लिए सभी श्रद्धालुओं से प्रेम पत्र लिखने का अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसका नाम था ‘प्रेम पत्र प्रभु के नाम और प्रभु वरदान आपके नाम‘। सभी दर्षनार्थी बड़े प्यार से बैठकर प्रभु के लिए अपनी भावनाओं रूपी पत्र लिख रहे थे और बदले में सभी को संस्था की ओर से ईष्वरीय महावाक्यों पर आधारित वरदान दिये जा रहे थे। झांकी देखने और पत्र लिखकर वरदान प्राप्त करने का सिलसिला दिनभर चलता रहा।’’
सेवाकेन्द्र प्रभारी एवं छ.ग. योग आयोग की सदस्य ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने उक्त जानकारी देते हुए यह भी बताया कि यहां प्रतिदिन प्रातः 9 बजे षिव की महाआरती एवं रात्रि 8.30 बजे भगवान षिव व मां भारती की आरती की जा रही है जो सभी को प्रभुभक्ति व देषभक्ति के भाव से भर दे रही है। साथ ही दिनांक 16 से 22 फरवरी तक प्रातः एवं सायं 7 से 8.30 बजे तक टिकरापारा में होने वाले निःषुल्क राजयोग मेडिटेषन षिविर के लिए भी रजिस्ट्रेषन किये जा रहे हैं व छ.ग. योग आयोग द्वारा भारत को स्वस्थ, स्वच्छ एवं व्यसनमुक्त बनाने के महाअभियान से जोड़ने के लिए निःषुल्क सदस्यता दी जा रही है। इसके लिए प्रातः 9 से रात 9 बजे तक मास्टर ट्रेनर्स वहां लगातार उपस्थित रहते हैं।
दर्षनार्थियों के रूझान को देखते हुए इस झांकी को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है…..
दीदी ने बताया कि दर्षनार्थियों के झांकी प्रति रूझान को देखते हुए इस महोत्सव का समापन एक दिन बढ़ाकर 16 फरवरी तक कर दिया गया है। इस झांकी को बहुत मेहनत से बनाया गया है, और कुछ भक्त खराब मौसम की वजह से इसका लाभ भी नहीं ले पाये हैं, उनके लिए ही यह निर्णय लिया गया है।
व्यसनमुक्ति के लिए बनाया गया है व्यसन दान पेटीः-
भगवान षिव ने जहर पीकर देवताओं व दैत्यों को सुरि़क्षत किया था। हम अपनी बुराईयों-व्यसनों को छोड़ने के बजाय अंक का जहरीला फूल भगवान षिव पर चढ़ा देते हैं। जबकि सच्च अंक का फूल तो हमारी बुराईयां हैं। इसके लिए ही व्यसन संकल्प पेटी भी बनाया गया है।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

 

आयोजित महाषिवरात्रि महोत्सव में बिलासपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति, आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने की षिरकत

प्रेस-विज्ञप्ति
एनर्जी के अल्टीमेट स्रोत हैं षिवबाबा – गौरीदत्त शर्मा
ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित महाषिवरात्रि महोत्सव में बिलासपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति, आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने की षिरकत
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‘‘षिवलिंग एनर्जी का सबसे बड़ा स्रोत है इसकी उत्पत्ति का वैज्ञानिक तथ्य यह है कि जब सूर्य उत्तरायण में प्रवेष करता है उसके 30 दिनों के बाद ऊर्जा उत्पन्न होती है। वो स्वयंभू हैं उनकी गहराई और ऊंचाई को स्वयं ब्रह्मा ने नापने की कोषिष की लेकिन नापने में असमर्थ रहे। षिव से ही नई रचना की उत्पत्ति होती है। उनकी संरचना लंबाई में अर्थात् लिंग स्वरूप में दर्षाया गया है क्योंकि इस आकृति में असीम ऊर्जा समायी होती है। यह आकृति न्यूक्लियर रियेक्टर से समानता रखती है इस कारण न्यूक्लियर रियेक्टर को गॉड्स पार्टिकल नाम दिया गया। जो व्रत करते हैं विषेषकर मातायें व बहनें, उनमें भी बहुत शक्ति होती है, अतः उन्हें षिवषक्ति करते। षिव और प्रकृति के समायोजन को षिवा कहते हैं। षिव की यह शक्ति सबसे ज्यादा बहनों-माताओं को मिलती है।‘‘
उक्त बातें महाषिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर दयालबंद में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बिलासपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति भ्राता गौरीदत्त शर्मा जी ने कही। आपने 30 फीट षिवलिंग और गुफा के इस कॉन्सेप्ट की प्रषंसा की और कहा कि सहयोग व संगठन की शक्ति से बड़ा से बड़ा कार्य भी पूरा हो जाता है। हम पवित्र बन कर उस सतयुगी दुनिया में जाने की कोषिष कर सकते हैं। इसके लिए सबसे अच्छा माध्यम है साधना।
बुराईयां होते हुए भी परोपकार करना न छोड़ें – भ्राता भवानी शंकर नाथ
रेलवे पुलिस फोर्स के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त भ्राता भवानी शंकर नाथ जी ने कहा कि इस संस्था के साकार संस्थापक पिताश्री ब्रह्माबाबा भविष्य दृष्टा थे, उन्होंने महिलाओं को संस्था के संचालन के लिए आगे किया। इस संस्था की बहुत सी बातें अनोखी हैं। जैसे यहां मेडिटषन के लिए आंखें खुली कर साधना करते हैं। जिससे हमारी बुद्धि संसार आदि में भटकती नहीं है। कई लोग आत्मा का ध्यान हृदय में करते हैं लेकिन यहां भृकुटी में आत्मा का ध्यान करते हैं। दुनिया में हमने विकास बहुत कर लिया है लेकिन मानसिक शांति नहीं है, ऐसे में हमारी सकारात्मकता और मेडिटेषन ही समाधान करते हैं। कोई सोचे कि हमारे जीवन में कोई समस्याएं न आये तो ये संभव नहीं है क्योंकि जब देवताओं का जीवन भी स्मूथ नहीं चला तो हमारे सामने तो बातें आनी ही हैं। लेकिन सब बुराई होते हुए भी हमें परोपकार करना नहीं छोड़ना चाहिये।
डॉ. लालचंदानी जी ने कहा कि हम काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, आलस्य आदि विकार एकसाथ तो नहीं छोड़ सकते लेकिन यदि हम सभी अपना-अपना नियम बना लें जैसे- सोमवार को क्रोध नहीं करेंगे, मंगलवार को मोह नहीं करेंगे…तो हमें अच्छा बनने में सहायता अवष्य होगी।
पथरिया से पधारे योग आयोग मुंगेली के जिला संवाहक भ्राता भुवनेष्वर आचार्य जी ने सभी को नमन करते हुए कहा कि राम ने रावण को मारने के लिए 31 बाण मारे थे, बीस धड़ पर और 10 सिरों पर एवं 1 बाण नाभि पर लेकिन यहां 30 फीट षिवलिंग बनाया गया, 31 वें फीट की आवष्यकता ही नहीं पड़ी।
इस अवसर पर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी एवं छ.ग. योग आयोग की सदस्य आदरणीय ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने परमात्म महावाक्य सुनाते हुए कहा कि आज के दिन सभी भक्त क्रोध रूपी अंक का फूल भगवान षिव पर चढ़ा दें, यही हमारी सच्ची पूजा होगी।
अंत में सभी अतिथियों की उपस्थिति में षिव ध्वजारोहण किया गया एवं प्रसाद वितरित किया गया।
षिवध्वज, षिव के नारों के साथ निकाली गई रैली।
कार्यक्रम के पश्चात् परचम व नारों के साथ दयालबंद से लेकर जगमल चौक, गुजराती समाज से होते हुए टिकरापारा सेवाकेन्द्र तक रैली निकाली गई व सेवाकेन्द्र में भी षिव ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद रैली मन्नू चौक होते हुए दयालबंद झांकी ग्राउण्ड में पहुंचकर समाप्त हुई।
वेलेन्टाइन-डे पर झांकी में विषेष आयोजन – पत्र प्रभु के नाम व प्रभु वरदान आपके नाम
वेलेन्टाइन-डे के अवसर पर सभी षिव प्रेमियों के लिए झांकी ग्राउण्ड में विषेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। एक काउण्टर बनाया गया हैं जहां षिव भक्त प्रेम पत्र के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करेंगे। और इसके पष्चात उन्हें प्रभु वरदान कार्ड के रूप में प्राप्त होगा। यह आयोजन प्रातः 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक दिनभर चलता रहेगा।

प्रेस-विज्ञप्ति प्रेम की भावना के साथ करें भगवान षिव की भक्ति – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

प्रेस-विज्ञप्ति
प्रेम की भावना के साथ करें भगवान षिव की भक्ति – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
महाषिवरात्रि महोत्सव पर षिवकथा का आयोजन
‘‘पूजन के विषेष दो प्रकार है, एक है प्रेम की विधि पूर्वक पूजन और दूसरा है केवल नियमपूर्वक पूजन। कई भक्त देवता नाराज न हो जाए, इस भय से पूजन करते हैं और कोई तो दिखावा मात्र भी पूजते हैं, कोई समझते हैं कि भक्ति का फर्ज केवल निभाना है, चाहे दिल हो या न हो लेकिन निभाना है। जो भक्त सच्ची दिल से, प्रेम की भावना से भगवान को याद करते हैं, उन्हें भक्ति का फल, सुख-षांति अवष्य मिलता है। भगवान को याद करने वाले भी अलग-2 प्रकार के हैं, कोई भगवान की याद में लवलीन हैं, किसी को भगवान की सेवा से केवल प्यार में है, कोई दिखावे के लिए याद करता है या सेवा करता है और कोई भय से याद करता है। आप भी सोचिये कि आप किस नम्बर पर हैं।’’
उक्त बातें महाषिवरात्रि महोत्सव के अवसर पर दयालबंद में आयोजित षिवकथा में भक्तों को संबोधित करते हुए टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी एवं छ.ग. योग आयोग की सदस्य आदरणीय ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने कही। आपने परमात्म महावाक्य सुनाते हुए आगे कहा कि जो अपने हर कार्य के मध्य बैलेन्स बनाकर चलता है, उन्हें परमात्मा की ओर से ब्लेसिंग जरूर मिलती है।
महोत्सव में बनाए गए गुफा में भगवान षिव की महिमा, उनकी सत्यता व उनके कीर्तन से संबंधित तथ्यों पर आधारित झांकियां सजायी गई हैं। साथ ही सभी के लिए विषेष संकल्प लिखे हुए बेल-पत्र की व्यवस्था भी की गई है।
शांति अनुभूति कक्ष लोग कर रहे आत्मिक शान्ति की अनुभूति…..
झांकी में शांति की अनुभूति के लिए एक डार्क रूम में शान्ति-अनुभूति कक्ष का निर्माण भी किया गया है। जहां विडियो मेडिटेषन कॉमेन्ट्री शो के माध्यम से सभी आत्मिक शान्ति की अनुभूति कर रहे हैं। दीदी जी ने जानकारी दी कि प्रतिदिन प्रातः 7 से 8 षिवकथा प्रवचन, प्रातः 8 एवं सायं 7 बजे महाआरती, सायं 7 से 8 बजे भजन संध्या का आयोजन एवं मंगलवार के दिन विषेष कार्यक्रम के सत्र में षिव के गीतों पर आधारित नृत्य का कार्यक्रम आयोजित है
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

30 feet Shivling depicting Supreme Father of souls, God of all deities is God Shiva at Tikrapara

Many models of shivling including 30 feet Shivling depicting Supreme Father of souls, God of all deities God Shiva at Tikrapara was organized by the Brahma Kumaris, Bilaspur.

Rajyoga shivir was held sharing with participants the significance of Maha Shivratri and how rajyoga meditation helps in everyday life.

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‘‘ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा द्वारा दयालबंद में आयोजित महाषिवरात्रि महोत्सव में 30 फीट ऊंचे षिवलिंग के साथ गुफाओं में आध्यात्मिक रहस्यों को लिए हुए अनेक मॉडल्स व प्रदर्षनी भी सजाये गए हैं। जिसे समझाने के लिए हर प्रदर्षनी पर सेवाधारी नियुक्त किये गए हैं। गुफा में प्रवेष करते ही जीवन के उदद्ेष्य व जीवन-चक्र के बारे में बताया गया है कि कैसे हमारे 60 वर्ष की औसत आयु में 58 वर्ष सोने, खाने, दैनिक कर्म, पढ़ाई, मनोरंजन आदि में बीत जाते हैं, आध्यात्मिक उन्नति या कमाई के लिए हमारे पास केवल दो वर्ष बच जाता है, उसे भी हम व्यर्थ में गंवा देते हैं। दूसरे मॉडल में परमात्मा एक है, की बात समझायी गई है। आत्माओं के लिए विभिन्न संज्ञाएं दी जा सकती हैं लेकिन परमात्मा के लिए नहीं। पापआत्माएं, पुण्यआत्माएं, धर्मआत्माएं, महान आत्माएं, देवआत्माएं अनेक हो सकती हैं किन्तु परमात्मा तो केवल एक है। परमात्मा को टाइटल नहीं, जो हम धारण कर लें। ऐसे ही अन्य मॉडल्स में भी परमात्मा षिव की महिमा से संबंधित बातें समझायी गई हैं। द्वादष ज्यातिर्लिंग के पूरे 12 मंदिर व 12 षिवलिंग भी सजाये गए व स्वच्छ, स्वस्थ और व्यसनमुक्त आदर्ष ग्राम सजाया गया है।’’

उक्त जानकारी देते हुए टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी एवं छ.ग. योग आयोग की सदस्य आदरणीय ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने कहा कि कल से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें गांव व शहर के सभी नागरिकगण खुले रूप से हिस्सा लेने हेतु सादर आमंत्रित हैं।

श्रद्धालुगण कर सकेंगे विषाल षिवलिंग पर पुष्प अभिषेक :-

दीदी ने बताया कि झांकी दर्षन के साथ-साथ सभी श्रद्धालुजन विष्वनाथ के विषाल षिवलिंग के दर्षन के साथ-साथ षिवलिंग पर पुष्प अभिषेक भी कर सकेंगे। साथ ही सेवाकेन्द्र द्वारा षिवलिंग पर चढ़ाने हेतु अनोखे बेलपत्र की व्यवस्था भी की गई है जिसमें यह संकल्प लिखा है कि परमात्मा की याद में रह क्रोध का त्याग कर आपस में प्रेम से रहेंगे। साथ ही 16 फरवरी से आरंभ होने वाले राजयोग अनुभूति षिविर के लिए निःषुल्क पंजीयन का स्टॉल भी लगाया गया है।

झांकी में छ.ग. योग आयोग का रजिस्ट्रेषन काउण्टर भी शामिल :-

                योग में रूचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए विषेष खुषी की बात यह है कि इस झांकी के साथ छ.ग. योग आयोग का काउण्टर भी लगाया गया है जहां योग आयोग के अभियान से जोड़ने के लिए पंजीयन का कार्य बिलासपुर के मास्टर ट्रेनर्स करेंगे। योग आयोग की निःषुल्क सदस्यता लेने के लिए सभी को पंजीयन कराना होगा।

                बिलासपुर (छ.ग.)

महाषिवरात्रि पर सजी 30 फीट ऊंचे षिवलिंग की आकर्षक झांकी

प्रेस-विज्ञप्ति
महाषिवरात्रि पर सजी 30 फीट ऊंचे षिवलिंग की आकर्षक झांकी
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा के तत्वाधान में डॉ. लालचंदानी हॉस्पीटल प्रांगण दयालबंद में महाषिवरात्रि महोत्सव का विषाल आयोजन
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‘‘डॉ.लालचंदानी हाॅस्पटल प्रांगण, मेनरोड, दयालबंद पर ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा के तत्वाधान में महाषिवरात्रि के पावन पर्व पर विषाल महोत्सव का आयोजन किया गया है इसका मुख्य आकर्षण है बहुत ही सुंदर 30 फीट ऊंचा षिवलिंग और विभिन्न आकर्षक झांकियां एवं मूविंग मॉडल्स से सजी लगभग 200 फीट लम्बी गुफा। गुफा के अंदर सागर-मंथन, द्वादष ज्योतिर्लिंग दर्षन, सर्व आत्माओं के परमपिता परमात्मा षिव की विभिन्न झांकी, ईष्वर एक है, आदर्ष गांव, राजयोग अनुभूति आदि की झांकियां सजायी गई हैं।’’
उक्त जानकारी देते हुए टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी एवं छ.ग. योग आयोग की सदस्य आदरणीय ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने कहा कि झांकी के साथ-साथ 11 फरवरी से प्रतिदिन सायं 4 से 6 बजे रंगोली, नृत्य, गीत-संगीत, परमात्मा को प्रेम पत्र जैसे विषेष कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जायेगा जिसमें शहर के स्कूलों से विद्यार्थी, षिक्षकगण एवं शहर के नागरिकगण शामिल होंगे। कलाओं से संबंधित इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को संस्था की ओर से ईष्वरीय सौगात एवं प्रषस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया जायेगा। साथ ही छ.ग. योग आयोग का भी एक स्टॉल लगाया गया है जहां आयोग के उद्देष्यों से लोगों को अवगत कराया जा रहा है व स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं व्यसनमुक्ति के अभियान से जोड़ा जा रहा है।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

 

_विश्वनाथ दर्शन_ महाशिवरात्रि

*महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रभु निमंत्रण*
_विश्वनाथ दर्शन_
★महाशिवरात्रि महोत्सव★
09 से 15 फ़रवरी 2018 प्रातः 6 से रात्रि 9 बजे
*विशेष आकर्षण*
30 फ़ीट ऊँचा शिवलिंग, द्वादश ज्योतिर्लिंग दर्शन, प्रोजेक्टर शो, समुद्र मंथन, मेडिटेशन रूम, सर्व आत्माओं के पिता परमात्मा शिव, गोकुल ग्राम एवं अन्य झांकियो से सुसज्जित 200 फ़ीट लंबी गुफा।
*शिवकथा:*
प्रतिदिन प्रातः 7 से 8 बजे
एवम सायं 6 से 7 बजे।*

*महाआरती:*
प्रतिदिन प्रातः 8 बजे
एवम सायं 7 बजे

*स्थान:*

डॉ. लालचंदानी हॉस्पिटल के बाजू में, दयालबंद बिलासपुर (छ ग)
*संपर्क:*76979-22731, 98938-82767, 99079-14016, 94255-73146.

आयोजक:*
*ब्रह्माकुमारीज़ _टिकरापारा_ बिलासपुर*tikrapara