विष्व क्षय रोग दिवस पर जनजागरण रैली निकालकर दिया संदेष

विष्व क्षय रोग दिवस पर जनजागरण रैली निकालकर दिया संदेष

बिलासपुर के कलेक्टर पी. दयानंद ने हरी झण्डी देकर किया रैली का शुभारम्भ

ब्रह्माकुमारीज़, गायत्री परिवार, छ.ग. योग आयोग व चिकित्सा विभाग के सदस्य हुए शामिल

 

‘‘24 मार्च अंतर्राष्ट्रीय क्षय रोग दिवस पर बिलासपुर कलेक्ट्रेट परिसर से लेकर स्वामी विवेकानंद उद्यान तक जनजागरण रैली निकाली गयी। जहां लोगों को क्षय रोग के लक्षणों से अवगत कराते हुए इस रोग से मुक्ति के लिए निःषुल्क सरकारी योजनाओं- डॉट्स आदि के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही स्वस्थ, स्वच्छ एवं व्यसनमुक्त भारत का नारा देते हुए छ.ग. योग आयोग की सदस्य ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कहा कि सकारात्मक चिंतन, राजयोग ध्यान, योग, आसन व प्राणायाम के द्वारा भी इन रोगों पर विजय प्राप्त किया जा सकता है। गायत्री परिवार के सदस्यों ने प्रोत्साहन गीतों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया।
रैली में ब्रह्माकुमारीज़, गायत्री परिवार, छ.ग. योग आयोग व चिकित्सा विभाग के सदस्य शामिल हुए।

छ.ग. योग आयोग एवं महिला पतंजलि के संयुक्त तत्वाधान में नवसंवत्सर एवं राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

प्रेस-विज्ञप्ति
माता-पिता हैं घर के जीवित भगवान – संजय अग्रवाल
छ.ग. योग आयोग एवं महिला पतंजलि के संयुक्त तत्वाधान में नवसंवत्सर एवं राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन
‘‘छ.ग.योग आयोग एवं महिला पतंजलि के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय महिला दिवस, नवसंवत्सर 2100 दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छ.ग. योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल जी ने सभी को नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि इस नवरात्र पर सभी एक नई प्रथा शुरू करें कि मंदिर में चुनर चढ़ाने तो जाते ही हैं लेकिन यदि आप अपने घर में अपनी मां को एक चुनर ओढ़ा कर तो देखिये वह मंदिर की माता भी प्रसन्न हो जाएगी और हमारी मां भी प्रसन्न हो जाएगी। व्हाट्सअप, फेसबुक आदि पर बधाईयां तो हम भेजते हैं लेकिन साथ ही लोगों के घर जाकर मिलें, उन्हें सम्मुख बधाई दें, सोषल वेबसाइट्स पर अधिक समय बिताना छोड़कर कुछ पल अपने माता-पिता के साथ बैठें, उनकी शुभभावनाओं से भरे प्रकम्पन्न स्वतः हमारे भीतर आने लगेंगे, जो हमें हर परिस्थिति में सुरि़क्षत रखेंगे। दुनिया में वे लोग बहुत भाग्यषाली हैं जिनके माता-पिता जीवित हैं।
धरती पर स्वर्ग लाने के लिए मुट्ठी भर लोग ही पर्याप्त हैं  – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
छ.ग. योग आयोग की सदस्य ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कहा कि जिस प्रकार महाभारत के युद्ध में अनगिनत कौरव सेना थी फिर भी पांच पांडव और उनके सहयोगियों की विजय हुई उसी प्रकार सृष्टि के परिवर्तन के लिए केवल पांच प्रतिषत सकारात्मक व्यक्ति ही पर्याप्त हैं। यदि हम सतयुगी, सकारात्मकता से भरी सोच को जीवन में उतार लेंगे तो सतयुगी दुनिया आने में देर नहीं लगेगी और यही हमारा यथार्थ नववर्ष मनाना होगा। वर्तमान कलियुग अंत और सतयुग आदि के संगम के समय में परमात्मा स्वयं इस धरा पर अवतरित होकर विष्व परिवर्तन की बागडोर माताओं-बहनों को सौंपते हैं जिस कार्य में सभी सहयोगी बनते हैं। माताओं-बहनों की महिमा अनंत हैं, सभी मातृषक्ति अपनी शक्तियों को पहचानें, अपने को कमजोर न समझें।
पतंजलि योगपीठ के द्वारा 18 मार्च को राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष में योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल जी के द्वारा ब्र.कु. मंजू दीदी को बुके देकर समस्त महिलाओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में महिला पतंजलि के वरिष्ठ सदस्य, अनेक महिलाएं, बच्चे व पुरूष वर्ग उपस्थित हुए।
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में चल रही योग-प्राणायाम की निःषुल्क कक्षा
टिकरापारा सेवाकेन्द्र पर प्रतिदिन सुबह 8 से 9 बजे आसन-प्राणायाम की निःषुल्क कक्षा शुरू हो चुकी है। स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए सभी आयु एवं वर्ग के व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। टिकरापारा सेवाकेन्द्र में रंगोली सजाकर एवं दीप जलाकर नववर्ष की खुषियां मनायी गई। रंगोली बनाने में संगीता बहन, गौरी बहन, इंद्रा बहन एवं रामनाथ भाई मुख्य रूप से सहयोगी बने।
ये जानकारी सेवाकेन्द्र की सदस्य उषा साहू ने दी।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

“Women Safety – Our Safety” program organized by Brahma Kumaris Baloda

Jamuna Devi Ratre, Chairperson, Baloda Nagar Panchayat,  was the distinguished guest in the seminar ” Women Safety – Our Safety” organised by Brahma Kumaris on Women’s Day. Brahma Kumari B K Manju Main Speaker  told that the divine services were done by women in the past due to which Goddesses are being worshipped now. She stressed on need of “Beti Bachao” (Save the Girl) movement at three stages – in womb, in childhood and in youth stage. The eyes of entire gathering became watery during her lecture.

ब्रह्माकुमारीज़ बलौदा में महिला दिवस के अवसर पर नारी सुरक्षा हमारी सुरक्षा विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया
इस कार्यक्रम में बलौदा नगर पंचायत की अध्यक्षा बहन जमुना देवी रात्रे, छ.ग. योग आयोग की सदस्य एवं बिलासपुर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी और बड़ी संख्या में नगर की मातायें बहनें उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता ब्र.कु. मंजू दीदी ने कहा कि नारी शक्ति ने जरूर ही ऐसे दिव्य कर्तव्य किये हैं जिनके यादगार स्वरूप में देवी शक्ति के रूप में उनकी पूजा-अर्चना होती है। बेटी बचाओ अभियान के लिए उन्होंने कहा बेटियों की रक्षा गर्भावस्था, बाल्य अवस्था व युवावस्था तीनों ही अवस्थाओं में करनी होगी। अजन्मी बेटी का मां के नाम लिखे पत्र को सुनकर सभी श्रोताओं की आंखें नम हो गईं।

 

World says “Vande Mataram – Salutations to Mother”

Dilip Lahariya, MLA, Sant Ram Sahu, Director of Geetanjali Construction, Masturi Chandni Bhardwaj, Mayor of Janpad Panchayat  and many important personalities were present at the conference on economic empowerment of women held at  Masturi, Bilaspur in which Brahma Kumari BK Manju emphasised the importance of “Vande Matram, Bharat Mata” in India. She further remembered the role of earth mother, mother giving birth,  souls and Supreme Soul.
प्रेस-विज्ञप्ति
नारी करती श्रेष्ठ आचरण, दुनिया कहती वन्दे मातरम- ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
आर्थिक सषक्तिकरण महिला सम्मेलन में विभिन्न संगठनों की महिला पदाधिकारियों ने की षिरकत….
‘‘आज के इस पुरूष प्रधान समाज में नारी शक्ति का स्थान भी अद्वितीय है क्योंकि ज्यादातर धन कमाने के लिए पुरूष जाता है लेकिन धन मांगता है मां लक्ष्मी से, युद्ध के मैदान में भी पुरूष जाता है लेकिन शक्ति मांगता है मांगता है मां दुर्गा या मां काली से, इसी तरह ज्ञान की देवी भी मां सरस्वती को कहा जाता है, वन्दे-मातरम् कहा जाता है वन्दे पितरम् नहीं, भारत माता कहा जाता है भारत पिता नहीं। ये सभी निषानियां नारी के श्रेष्ठ कर्मों की याद दिलाते हैं। नारी शक्ति की महानता मां के रूप में प्रदर्षित होती है। एक तो जन्म देने वाली मां जिनका ऋण कभी भी चुकाया नहीं जा सकता। दूसरा है धरती मां जिसने हमें जन्म के बाद से अंत तक बहुत कुछ दिया है। तीसरे हैं महान आत्मा अर्थात् महात्मा जिन्होंने सम्पूर्ण समाज के लिए अपने सुख-वैभव का त्याग कर नैतिक उत्थान किया है। और चौथे हैं परमात्मा जो वर्तमान संगमयुग पर स्वयं इस धरा पर अवतरित होकर ज्ञान का कलष बहनों-माताओं को देते हैं, उन्हें अबला से सबला बनाते और उनके द्वारा सम्पूर्ण विष्व का उद्धार करते हैं।’’
ये बातें अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मस्तूरी में आयोजित आर्थिक महिला सषक्तिकरण सम्मेलन के अंतर्गत प्रकल्प गौषाला शुभारम्भ एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में बतौर अतिविषिष्ट अतिथि के रूप में शामिल छ.ग. योग आयोग के सदस्य एवं बिलासपुर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही। इस अवसर पर मस्तूरी के विधायक दिलीप लहरिया, गीतान्जली कन्सट्रक्षन के डायरेक्टर संतराम साहू, जनपद पंचायत मस्तूरी की अध्यक्ष चांदनी भारद्वाज, भाजपा महिला मोर्चा की पूजा विधानी, महिला पतन्जलि की सह-राज्य प्रभारी गंगा अग्रवाल, प्रदेष साहू समाज की उपाध्यक्ष विद्यावती साहू, अवन्तिका गजेरिया, चित्रलेखा साहू, कुसुम गोयल, लता राठौर, सरिता साहू, चुन्हाति सिंह, सुषमा तिवारी, उमा गोयल, महिला पतन्जलि के अनेक जिलों के जिला-प्रभारी, बिलासपुर जिला-पंचायत के अनेक सदस्य, अनेक गांव के सरपंच, उपसरपंच एवं बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित रहीं।
प्रकल्प गौषाला एवं बिलासपुर महिला पतंजलि की अध्यक्ष बहन हेमलता साहू, सखी महिला बैंक की प्रबंधक आषालता पचोली एवं महिला पतंजलि की महामंत्री पदमा विष्नोई कार्यक्रम के मुख्य आयोजक थे।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

Newspaper clips_5-Day Yog Bhatti and Holi program

Newspaper clips of various progams held by the Brahma Kumaris at Tikrapara including 5-Day Yog Bhatti(Intensive Meditation) and Holi program giving the message of becoming holy and pure. Newspaper clips of various progams held by the Brahma Kumaris at Tikrapara including 5-Day Yog Bhatti(Intensive Meditation) and Holi program giving the message of becoming holy and pure.

Newspaper Clips_Holi

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Holi Celebration at Tikrapara

Holi Celebration at Tikrapara
Say good bye to old sanskaras (resolves)and celebrate holi of spiritual love
Destroy the weakness of holika with the fire of strong determination
Celebration of holi with spiritual talks at bramhakumaris spiritual Center
Dignity is the safety belt
BK Manju Ben
Second day of program in the practice of yoga (yoga sadhana)celestial brothers did 9hrs of yoga
Did deep meditation, practiced silence along had classes of motivation,royalty and dignity of Brahmin life

प्रेस-विज्ञप्ति

पुरानी बातों को हो-ली कर आत्मिक प्रेम की होली मनाएं – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
दृढ़ संकल्प की अग्नि द्वारा कमजोरियों रूपी होलिका का करें दहन
ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेन्द्र में आध्यात्मिक रहस्यों के साथ मनाया गया होली का पर्व
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‘‘कहते हैं जैसा संग वैसा रंग। दुनिया में सबसे अच्छा रंग भगवान के संग का रंग है। इस रंग में रंगने से आपसी दुर्भावनाएं समाप्त हो जाती हैं और भाईचारे व आत्मिक प्रेम का भाव जागृत हो जाता है। वर्तमान कलियुग अंत और सतयुग आदि के संगमयुग का समय ही है जहां आत्मा और परमात्मा का मिलन होता है और आत्माएं परमात्मा के गुणों को धारण करने के रंग में रंगने लगती हैं। इसी के यादगारस्वरूप हम यह पर्व मनाते हैं। होली के तीन आध्यात्मिक अर्थ हैं – एक तो पुरानी मतभेद, दुख, अषांति दिलाने वाली बातों को भूल जाना अर्थात् हो-ली कर देना। दूसरा, होली का अंग्रेजी में शाब्दिक अर्थ पवित्रता है और तीसरा, आत्माएं परमात्मा के रंग में रंग जाती हैं। और होली मनाने से पूर्व अपने दृढ़ संकल्प रूपी अग्नि से स्वयं की कमजारियों रूपी होलिका को पहचान कर उसका दहन अवष्य करना है। तब हमारा होली मनाना सही मायने में सार्थक होगा।’’
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र के हार्मनी हॉल में होली के अवसर पर आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुए सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने कही। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत कु. गौरी व कु. प्रीति ने होली खेले रघुवीरा अवध में…. व क्यूं आगे-पीछे डोलते हो भंवरों की तरह….गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। सभी बहनों की विषेषताओं पर आधारित स्लोगन्स बनाए गए। अंत में सभी को गुलाल का तिलक लगाकर ईष्वरीय वरदान और भोग वितरित किया गया। कार्यक्रम में रेलवे के सीनीयर सेफ्टी ऑफिसर भ्राता पी.एन. खत्री, सीएसईबी के अधिकारी भ्राता भूषण वर्मा सहित अनेक साधकगण उपस्थित हुए।
मर्यादा का पालन सेफ्टी बेल्ट की तरह – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
योग-साधना कार्यक्रम के दूसरे दिन ब्रह्मचारी कुमारों ने की 9 घण्टे की तपस्या
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पांच दिवसीय योग-साधना कार्यक्रम के दूसरे दिन पंद्रह ब्रह्माकुमार भाईयों ने दिनभर की दिनचर्या में नौ घण्टे की तपस्या की। जिसमें गहन तपस्या, दृष्टि योग, मौन अभ्यास के साथ प्रेरणादायी उद्बोधन व ईष्वरीय ब्राह्मण जीवन की मर्यादाओें की क्लास शामिल थे। इस अवसर पर ब्र.कु. मंजू दीदी ने कहा कि जिस तरह ऊंचाईयों पर जाते समय सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट बांधना जरूरी होता है उसी प्रकार इस जीवन की मर्यादाएं आध्यात्मिक ऊंचाईयों पर जाने के लिए सीट बेल्ट का कार्य करती हैं।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)