प्रेस-विज्ञप्ति स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त एवं व्यसनमुक्त गांव के निर्माण से स्वर्णिम भारत की स्थापना के लिए छ.ग. में किसान सषक्तिकरण अभियान का आयोजन

सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस-विज्ञप्ति
स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त एवं व्यसनमुक्त गांव के निर्माण से स्वर्णिम भारत की स्थापना के लिए छ.ग. में किसान सषक्तिकरण अभियान का आयोजन
अभियान के उद्घाटन में छ.ग. के राज्यपाल व कृषि मंत्री होंगे शामिल
300 से अधिक गांवों को किया जायेगा शामिल….
जिले के मस्तूरी क्षेत्र में सर्वेक्षण शुरू

बिलासपुर टिकरापारा – स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त, व्यसनमुक्त गांव के निर्माण से स्वर्णिम भारत की स्थापना के लिए प्रदेष में छ.ग. किसान सषक्तिकरण अभियान का आयोजन किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारीज़ एवं इसकी भगिनी संस्था राजयोग षिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा आयोजित इस अभियान का विधिवत उद्घाटन 8 सितम्बर को रायपुर में छ.ग. के राज्यपाल व कृषि मंत्री की उपस्थिति में होगा। अभियान के अंतर्गत सभी स्थानों में ‘किसान सेवारथ’ के माध्यम से संस्था के निर्व्यसनी राजयोगी सेवाधारी भाई-बहनों व देष के विभिन्न स्थानों में स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेन्द्रों से पधारे विषेषज्ञ वक्ताओं द्वारा गांव-गांव पहुंचकर शाष्वत यौगिक खेती तथा किसानों के सषक्तिकरण हेतु व्यवहारिक ज्ञान एवं प्रषिक्षण के साथ सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी एवं उन्हें प्राप्त करने में सहयोग दिया जा रहा है।
उक्त जानकारी देते हुए टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने कहा कि रायपुर में विधिवत् उद्घाटन के पष्चात् 9 सितम्बर को टिकरापारा से शुभारम्भ होते हुए यह अभियान बिलासपुर क्षेत्र के गांवांे में जनजागृति करते हुए कोरबा की ओर प्रस्थान करेगा। इसके सर्वेक्षण को लेकर टिकरापारा से एक टीम आज मस्तूरी क्षेत्र की ओर गई हुई है। जिसमें ब्र.कु. ज्ञाना बहन, शषी बहन, गायत्री बहन, पूर्णिमा बहन, श्यामा बहन, राकेष भाई, तुलसी भाई व होरीलाल भाई शामिल हैं।
पूरे छ.ग. में निकलेंगे एक साथ सात अभियान
दीदी ने बताया कि छ.ग. के सात शहरों से एक साथ अभियान की शुरूआत होगी। जिसमें यह अभियान रायपुर से बिलाईगढ़ तक 704 किमी, धमतरी से कांकेर तक 533 किमी., दुर्ग से साजा तक 273 किमी., भिलाई से दल्ली राजहरा तक 371 किमी, बिलासपुर से कोरबा तक 474 किमी, अम्बिकापुर से रायगढ़ तक 768 किमी, कवर्धा से राजनांदगांव तक 748 किमी की यात्रा तय करते हुए 300 से अधिक गांवों को शामिल करते हुए 23 सितम्बर को अभियान का समापन होगा।

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भ्राता सम्पादक महोदय,
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बिलासपुर (छ.ग.)

विष्व बंधुत्व दिवस पर पौधे रोपित कर दादी जी को दी श्रद्धांजलि

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दादी ने संस्था को परिवार की तरह संभाला – ब्र.कु. मंजू दीदी
विष्व बंधुत्व दिवस पर पौधे रोपित कर दादी जी को दी श्रद्धांजलि
महापौर सहित विभिन्न संस्थाओं के अतिथि हुए शामिल
समाज में कल्याणकारी बदलाव के लिए अब हम बदलेंगे….‘एक आंतरिक परिवर्तन यात्रा’ का शुभारम्भ

बिलासपुर राजकिषोर नगर – शान्तिदूत पुरस्कार से सम्मानित ब्रह्माकुमारीज़ संस्था की पूर्व मुख्य प्रषासिका दादी प्रकाषमणि जी की 12 पुण्यतिथि विष्व बंधुत्व दिवस पर राजकिषोर नगर सेवाकेन्द्र में पौधारोपण कर दादीजी को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर महापौर किषोर राय, अपोलो हॉस्पिटल के क्रिटिकल केयर स्पेषलिस्ट डॉ. मनोज राय, गायत्री परिवार के उपजोन समन्वयक सी.पी.सिंह, एडप्रयास के फाउण्डर विनोद पाण्डेय, ममता पाण्डेय एवं ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा एवं राजकिषोर नगर के सदस्यों ने स्मृति वन के सामने स्थित षिव अनुराग भवन के प्रांगण में पौधे रोपित किये।
टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने जानकारी दी कि आज पूरे भारत में दादी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के सेवाकेन्द्रों द्वारा अनुमानित 5 लाख पौधे लगाए जाएंगे तथा 30 सितम्बर तक कुल 20 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य लिया गया है। इस अवसर पर गांधी जी की 150वीं जयन्ती वर्ष के उपलक्ष्य में  समाज में कल्याणकारी बदलाव के लिए  25 अगस्त से 15 नवम्बर तक चलने वाले आंतरिक परिवर्तन यात्रा – ‘‘अब हम बदलेंगे’’ का शुभारम्भ भी किया गया।
इससे पूर्व प्रातः के सत्संग में मंजू दीदी ने दादी जी के जीवन चरित्र पर प्रकाष डालते हुए कहा कि दादी जी ने संस्था को लगभग 40 वर्ष मुख्य प्रषासिका रहकर कुषलता पूर्वक संभाला। दादी ने संस्था को अपने परिवार की तरह समझा इसलिए वह अपने निःस्वार्थ प्यार बांटने के कारण विष्व की दादी बन गई।
तत्पष्चात् सभी साधकों ने दादी जी की स्मृति में बनाए गए प्रकाष स्तंभ पर अपनी मौन श्रद्धांजलि दी।

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भ्राता सम्पादक महोदय,
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ब्रह्माकुमारी बहनों ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ मनाया रक्षाबंधन

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आत्म रक्षा से होगी देष की रक्षा – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
व्यसन, क्रोध व झूठ छोड़ने का संकल्प दिलाया गया..
ब्रह्माकुमारी बहनों ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ मनाया रक्षाबंधन

बिलासपुर टिकरापारा –
कहते हैं हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई आपस में सब भाई-भाई। यह विष्व बंधुत्व की भावना दर्षाता है कि हम एक पिता की संतान होने की वजह से ही आत्मिक रूप में आपस में भाई-भाई हैं। रक्षाबंधन का पर्व एक त्यौहार मात्र ही नहीं बल्कि आज के समय की जरूरत है। नैतिक मूल्यों के बंधन में बंधकर सबसे पहले हमें स्वयं की रक्षा करनी होगी। मूल्यवान बनने से स्वतः ही समाज व देष की रक्षा होने लगेगी। नैतिक मूल्य अपने आप में एक शक्ति है। हम केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आगे-आगे ही कार्य करके आगे नहीं बढ़ सकते। कोई देखे या न देखे अपने हर छोटे से छोटे कार्य को खुषी, सत्यता व ईमानदारी से करने वाला व्यक्ति कभी छिप नहीं सकता। ऐसे व्यक्ति को सबसे बड़ी चीज- स्वयं की संतुष्टि मिलती है और स्वयं परमात्मा उनकी प्रषंसा करते हैं जिससे एक समय पर वह स्वतः ही सबके आगे आ जाता है।
उक्त बातें रक्षाबंधन पर्व रेल्वे सुरक्षा बल के साथ स्नेह मिलन मनाते हुए ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने कही। आपने इस पावन पर्व पर सभी से गिफ्ट के रूप में झूठ न बोलने, क्रोध का त्याग करने व निव्र्यसनी जीवन जीने व माता पिता का ख्याल रखने का संकल्प कराया। इससे पूर्व सभी को दीदी ने ध्यान की अनुभूति भी कराई।
मोबाइल चार्जिंग की तरह स्वयं के रिचार्जिंग का रखें ख्याल – ऋषि शुक्ला
इस अवसर पर उपस्थित रेल्वे के वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त भ्राता ऋषि शुक्ला जी ने कहा कि जिस प्रकार सुबह हम अपने मोबाईल को चार्ज करते हैं तो वह 15-16 घण्टे कार्य करता है उसी प्रकार हम स्वयं को रिचार्ज करने के लिए कम से कम आधा घण्टा अवष्य निकालें और मेडिटेषन जरूर करें या पाॅजिटिव मोटिवेषन लें। जिससे हमारी पर्सनल लाइफ अच्छी रहेगी क्योंकि हम 8 से 10 घण्टे फील्ड में रहते हैं और 14 से 16 घण्टे घर पर रहते हैं। यदि हमारी पर्सनल लाइफ अच्छी नहीं होगी तो प्रोफेषनल लाइफ भी टेन्षन भरी रहेगी और हम अपनी बेस्ट प्रोडक्टिविटी नहीं दे पायेंगे।
शुक्ला जी ने सभी की ओर से दीदी जी को विष्वास दिलाते हुए कहा कि हम सभी अपने पैरेन्ट्स का ख्याल रखेंगे और अपने संबंधों का निर्वहन ईमानदारी के साथ करेंगे।
अंत में सेवाकेन्द्र की सभी बहनों ने सभी सुरक्षा बलों व अधिकारियों को तिलक लगाकर, राखी बांधी और ईष्वरीय प्रसाद दिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऋषि शुक्ला जी के साथ, सहायक सुरक्षा आयुक्त भ्राता एस.के.दास जी अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में रेल्वे सुरक्षा बल के जवान उपस्थित थे।

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भ्राता सम्पादक महोदय,
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ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में संयुक्त रूप से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंधन का पर्व

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नैतिक मूल्यों के बंधन से होती है सच्ची स्वतंत्रता की अनुभूति – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में संयुक्त रूप से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंधन का पर्व

बिलासपुर टिकरापारा – यूं तो बंधन किसी को भी अच्छा नहीं लगता लेकिन रक्षाबंधन का पावन पर्व ऐसा प्यारा बंधन जिसमें सभी बंधना चाहते हैं। रक्षासूत्र के साथ देषभक्ति व नैतिक मूल्यों का बंधन ऐसा बंधन है जो सच्ची स्वतंत्रता का अनुभव कराता है। हम अंग्रेजों की गुलामी से तो स्वतंत्र हो चुके हैं किन्तु काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, घृणा, द्वेष, आलस्य, अलबेलेपन के विकार जो रावण के दस शीष के समान हैं, आज भी हम उनके गुलाम हैं, रावण की जेल में हैं। इस जेल से छुड़ाने के लिए स्वयं निराकार राम ज्योतिस्वरूप परमात्मा इस धरा पर अवतरित होते हैं और इस दुनिया को सुख-षान्ति भरी दुनिया ‘स्वर्ग’ बनाकर भारत को विष्व गुरू का स्थान दिलाते हैं।
उक्त बातें रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस एवं सत्गुरूवार के दिन टिकरापारा सेवाकेन्द्र में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने कही।
दृढ़ संकल्प, परमात्मा की मदद और शान्ति की शक्ति से होगी कमजोरी समाप्त..
दीदी जी ने संस्था प्रमुख दादी जानकी जी का संदेष सुनाते हुए कहा कि वर्तमान संगमयुग का समय बहुत ही अमूल्य है। अपना हर क्षण, श्वांस, संकल्प सभी सफल करना है, गंवाना नहीं है। ईष्वर अपने साथ हैं तो डरने की बात ही नहीं है। अंदर में कोई कमी या कमजोरी है तो उसे दृढ़ता भरे शुभ संकल्प, परमात्मा की मदद व शान्ति की शक्ति से समाप्त करें।
ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, नारे व नृत्य के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया गया, तत्पष्चात् राष्ट्रगान, भारत माता की जय के नारे व ये देश है वीर जवानों का….गीत पर सभी ने सामूहिक नृत्य कर देषभक्ति के भाव में डूब गए। इस अवसर पर दीदी ने सभी को कमजोरियों के त्याग व दिव्य गुणों की धारणा के लिए संकल्प कराया। अंत में रक्षाबंधन का आध्यात्मिक अर्थ बताते हुए परमात्मा की ओर से सभी को रक्षासूत्र बांधा गया एवं प्रसाद व वरदान कार्ड दिया गया।

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ब्रह्माकुमारी बहनों ने शहर के अनेक स्थानों पर विभिन्न वर्गों के लोगों को बांधी राखी

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ब्रह्माकुमारी बहनों ने शहर के अनेक स्थानों पर विभिन्न वर्गों के लोगों को बांधी राखी

बिलासपुर टिकरापारा – रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईष्वरीय विष्व विद्यालय की बहनों ने शहर के अनेक स्थानों पर विभिन्न वर्गों के लोगों को रक्षासूत्र बांधकर खुषियां बांटी एवं परमात्मा षिव के अवतरण का दिव्य संदेष दिया।
विधायक भ्राता शैलेष पाण्डेय जी एवं विधायक कार्यालय में उपस्थित भाईयों को, डॉ. वैषाली गोवर्धन, डॉ. रष्मि बुधिया, डॉ. मनीष बुधिया, तारबाहर पुलिस थाना के पुलिस भाईयों, अपोलो हॉस्पीटल के गार्ड्स भाईयों, विभिन्न समाचार-पत्र के कार्यालयों में एवं कपड़ा व्यवसायियों को राखी बांधी। रक्षासूत्र बांधने के इस क्रम में ब्र.कु. रूपा बहन, ब्र.कु. ज्ञाना बहन, ब्र.कु. शषी बहन, ब्र.कु. गायत्री बहन एवं ब्र.कु. पूर्णिमा बहन शामिल थे।
गुरूवार शाम 7 बजे शहर के समस्त नागरिकों के लिए रक्षाबंधन स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन टिकरापारा में
टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने जानकारी दी कि समस्त शहरवासियों के लिए रक्षाबंधन स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन टिकरापारा स्थित सेवाकेन्द्र में गुरूवार शाम 7 बजे से रखा गया है। जिसमें सभी उम्र व वर्ग के भाई-बहनें शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में रक्षाबंधन पर्व के विभिन्न रस्मों के आध्यात्मिक रहस्यों पर प्रकाष डाला जायेगा व भगवान की ओर से सभी भाई-बहनों को राखी बांधी जायेगी।

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सांसद ने किया ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में साधकों को संबोधित…

विष्व बंधुत्व की भावना केवल भारत की संस्कृति है – अरूण साव
सांसद ने किया ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में साधकों को संबोधित…
परिवार सहित सेवाकेन्द्र का किया अवलोकन व ध्यान की भी अनुभूति की।

बिलासपुर टिकरापारा, – पूरी दुनिया के अंदर हमारा भारत अद्भुत संस्कृतियों वाला देष है। कोई भी देष विष्व बंधुत्व का संदेष नहीं देता है। यह केवल भारत की संस्कृति और भारत की मिट्टी में ही ये असर है कि दुनिया के लोगों को हम अपना परिवार समझते हैं। लेकिन आज मैं और मेरेपन के विकार के कारण हम केवल आत्म केन्द्रित होते जा रहे हैं विष्व बंधुत्व का भाव कम होता जा रहा है। मैं और मेरे परिवार से बाहर निकलने की हमारी प्रवृत्ति कम होती जा रही है। इसे दूर करने के लिए आध्यात्म को अपनाना जरूरी है।
उक्त बातें बिलासपुर के सांसद भ्राता अरूण साव जी ने ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में आयोजित योग साधना कार्यक्रम में उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुए कही। आपने आगे कहा कि हम कौन हैं, हमारी जिम्मेदारी क्या है, हम किसलिए इस दुनिया में आए हैं इस बात का ऐहसास परमात्मा के इस पवित्र स्थल पर आकर ही होता है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही वे दूसरों की मदद करने, समस्या का समाधान करने, उदास चेहरे पर मुस्कुराहट लाने में प्रयासरत रहे। किसी को नहीं कहने में कठिनाई व दर्द की महसूसता होती है।
बिलासपुरवासियों की आवाज बनने का करेंगे पूरा प्रयास
उन्होंने सभी से अनुरोध करते हुए कहा कि हर क्षेत्र में बिलासपुर का विकास हो इसके लिए आप अपनी सलाह या सुझाव अवष्य दें आपकी आवाज को दिल्ली संसद भवन तक पहुंचाने का पूरा प्रयास करूंगा। आपके अमूल्य सलाह व सुझाव या किसी भी समस्या के निवारण के लिए भी मेरा द्वार सदा खुला रहेगा।
संस्था के द्वारा हो रहा विष्व बंधुत्व की भावना का प्रसार
ब्रह्माकुमारी संस्था की विषेषता बताते हुए उन्होंने कहा कि संस्था के द्वारा विष्व बंधुता का प्रचार-प्रसार करना, ध्यान, ज्ञान मुरली, मेडिटेषन करना, मानव के बीच में प्यार फैलाना व चारित्रिक उत्थान के कार्य करना – समाज में स्पष्ट रूप से झलकता है व संस्था की अलग पहचान बनाता है।
सेवाकेन्द्र का अवलोकन व ध्यान अनुभूति के पश्चात् बहनों ने बांधी राखी…
भ्राता अरूण साव जी अपनी धर्मपत्नी श्रीमति मीना व पुत्र के साथ सेवाकेन्द्र का अवलोकन किया। सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने बाबा की कुटिया में उन्हेंं ध्यान की अनुभूति कराई व तत्पष्चात् रक्षासूत्र बांधकर उन्हें ब्रह्माभोजन भी कराया गया।
भारत को पुनः जगत्गुरू बनाने के लिए आध्यात्म को अपनाना जरूरी-ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
इस अवसर पर सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने कहा कि भारत को पुनः जगत्गुरू बनाने के लिए आध्यात्म की भूमिका सबसे अहम है। आध्यात्म के क्षेत्र में जब प्रषासन का सहयोग होगा तब राजयोग व आसन-प्राणायाम की षिक्षा से स्वस्थ तन, स्वस्थ मन व आध्यात्मिक रूप से सषक्त व्यक्ति के निर्माण करने की सेवा में निष्चित ही तीव्रता आयेगी।

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भ्राता सम्पादक महोदय,
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