ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में ऑनलाइन क्लास के माध्यम से युवाओं व अन्य लोगों को किया प्रेरित

सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति
मनोबल बढ़ाने स्वयं के प्रति जागरूकता जरूरी – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में ऑनलाइन क्लास के माध्यम से युवाओं व अन्य लोगों को किया प्रेरित
प्रथम क्लास में पांच सूत्रों के माध्यम से बताया गया मनोबल बढ़ाने का तरीका

बिलासपुर, टिकरापाराः- लॉकडाउन के दौरान मन को स्थिर व मजबूत बनाने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में ‘समय की पुकार – मनोबल कैसे बढ़े..?’ विषय पर ऑनलाइन क्लास कराई गई। जिसमें युवाओं सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।
ऑनलाइन मीटिंग एप के माध्यम से सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने सभी का मोटिवेषन बढ़ाते हुए कहा कि इस लॉकडाउन के समय में तनाव व अवसाद से बचने के लिए सकारात्मकता, मेडिटेषन व अपने मनोबल को बढ़ाये रखना जरूरी है तब ही हममें परिवर्तन को स्वीकार करने की शक्ति आयेगी क्योंकि परिवर्तन ही जीवन है और परिवर्तन निष्चित भी है। परिवर्तन को खुषी-खुषी स्वीकार करें। मनोबल को कमजोर करने में हमारा सबसे बड़ा शत्रु आलस्य है।
रहमदिल बन दूसरों की भी करें मदद…
दीदी ने ‘किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार…’ गीत याद दिलाकर सभी के दिल में करूणा का भाव जागृत कराते हुए कहा कि इस परिवर्तन को गरीब, जरूरतमंद व रोज कमाकर खाने वाले लोग भी खुषी-खुषी स्वीकार कर सकें इसके लिए हम सबको रहमदिल बनना होगा क्योंकि किसी इंसान की प्रथम आवष्यकता रोटी, कपड़ा और मकान होती है। शासन तो यह सुविधा देने का कार्य कर ही रहा है लेकिन यदि कोई छूट जाता है और वो आपके आसपास ही रहता है और भगवान ने आपको ऐसी क्षमता दी है तो जरूर उनकी मदद करें। सेवाकेन्द्र का उदाहरण देते हुए दीदी ने बताया कि सेवाकेन्द्र के द्वारा भी कुछ स्थानों पर ऐसे प्रयास किए गए व सेवाकेन्द्र से जिन्होंने संपर्क किया उन्हें भी अन्न का सहयोग दिया गया।
जागरूकता, संतुलन, रचनात्मकता, साक्षी दृष्टा व उमंग-उत्साह से बढ़ायें मनोबल
लॉकडाउन का अर्थ ये नहीं कि हम निद्रा में, मोबाइल या टीवी देखने में अपना समय बिताएं। जागरूकता, संतुलन, रचनात्मकता, साक्षी दृष्टा व उमंग-उत्साह के आधार पर अपने मन को ऊर्जावान बनाएं। जागरूकता अर्थात् क्या करना है व क्या नहीं करना है इसकी समझ हो। मन के लिए ज्ञान व ध्यान तथा तन के लिए शु़़द्ध भोजन व आसन-प्राणायाम जरूर करें। संतुलन की आवष्यकता हर तरह से होती है जैसे भावना व विवेक की, रमणीकता व गंभीरता की, होष व जोष क आदि। प्रतिदिन की दिनचर्या में रचनात्मकता जरूरी है क्योंकि रोज वही कार्य करने से ऊब सकते हैं। साक्षीपन जरूरी इसलिए है क्योंकि जब किसी बात का यथार्थ निर्णय लेना होता है तो साक्षीदृष्टा की स्थिति हमें बहुत मदद करती है। नहीं तो किसी निर्णय में हमें बहुत वक्त लग जाता है। और उमंग-उत्साह से बड़े से बड़ा कार्य सरलता से संपन्न हो जाता है और मेहनत का पता भी नहीं लगता।
विल पॉवर बढ़ाने के लिए केवल क्लास करना ही पर्याप्त नहीं होगा, जो हम बातें सुनते हैं उसकी गहराई में जाकर उसे जीवन में लागू भी करना होगा और स्वयं की शक्ति को पहचानना भी जरूरी है। पाणिनी का उदाहरण देते हुए दीदी ने बताया कि उन्हें बचपन में किसी हस्तरेखा शास्त्री ने कहा था कि उनके हाथों में विद्या की रेखा नहीं है लेकिन उन्होंने अपनी आंतरिक शक्ति को पहचान कर दृढ़ संकल्प की शक्ति से मेहनत की और संस्कृत व्याकरण के रचयिता बने जिनका संस्कृत व्याकरण हम आज तक पढ़ते हैं।
रोज रात को विटामिन-टी अर्थात् थैंक्स की गोली लें मतलब कि रात्रि में सोने से पूर्व परमात्मा का धन्यवाद जरूर करें क्योंकि परमात्मा ने हमें बहुत कुछ दिया है जो बहुतों को प्राप्त नहीं है। परमात्म प्रेम में स्वयं को चिंता व व्यर्थ चिंतन से आइसोलेट करके बोझमुक्त होकर उस ईष्वर की गोद में सो जाएं। व्यर्थ व नकारात्मक चिंतन से निर्णय शक्ति में कमी आती है जो हमारी एकाग्रता को कमजोर करती है। एकाग्रता न होने से हमें सफलता नहीं मिलती।
शुरूआत व अंत में सभी को मेडिटेषन का अभ्यास कराया गया। लगभग 40 लोगों ने इस क्लास का लाभ लिया। दीदी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान समय प्रति समय विभिन्न विषयों पर ऐसी क्लासेस का आयोजन किया जायेगा।

प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

बिलासपुर, टिकरापारा – पांचवे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिला प्रशासन ने मंजू दीदी को योग संचालन के लिए किया आमंत्रित

बिलासपुर, टिकरापारा, 21 जून – पांचवे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिला प्रषासन द्वारा आयोजित सामूहिक योग के लिए सामान्य योग अभ्यास क्रम (प्रोटोकॉल के अनुसार) के संचालन के लिए बिलासपुर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी एवं छत्तीसगढ़ योग आयोग की पूर्व सदस्या ब्रह्मा कुमारी मंजू दीदी जी को आमंत्रित किया गया। दीदी ने बहतराई खेल परिसर में आयोजित इस सामूहिक योग कार्यक्रम का दिषा-निर्देषन किया जिसमें योग प्रदर्षन के लिए ब्रह्माकुमारीज़ से गौरी बहन के साथ, पतंजलि, आर्ट ऑफ लिविंग व गायत्री परिवार के सदस्य शामिल रहे।
इस अवसर पर योग अभ्यास के लिए बिलासपुर जिले के विधायक भ्राता शैलेष पाण्डेय जी, बेलतरा क्षेत्र के विधायक भ्राता रजनीष सिंह जी, महापौर भ्राता किषोर रॉय जी, कलेक्टर भ्राता डॉ. संजय अलंग जी, संभागायुक्त (कमिष्नर) भ्राता भरतलाल बंजारे जी, कांग्रेस महामंत्री भ्राता अटल श्रीवास्तव जी, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक भ्राता हेरमन खलखो जी, अन्य जिला अधिकारी गण एवं बड़ी संख्या में नगर के गणमान्य नागरिक गण उपस्थित रहे।
योग अभ्यास की पूर्णता के पश्चात् सफलता पूर्वक संचालन के लिए विधायक भ्राता शैलेष पाण्डेय जी ने ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी एवं अन्य योग प्रषिक्षकों का सम्मान किया।

Bilaspur- छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी में तनाव प्रबंधन विषय पर सत्र का आयोजन

प्रेस-विज्ञप्ति
न्याय के लिए शांत मन, पारदर्षिता का गुण तथा परखने व निर्णय करने की शक्ति जरूरी – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
क्रोध व तनाव स्वाभाविक नहीं, नकारात्मक व व्यर्थ चिंतन है मुख्य कारण
छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी प्रशिक्षण केन्द्र में नवनियुक्त सिविल जजों के प्रशिक्षण में तनाव प्रबंधन विषय पर सत्र का आयोजन
 
बिलासपुर टिकरापारा 26 फरवरी – न्यायाधीष का पद धर्मराज के समान है। यह बहुत बड़ा जिम्मेदारी भरा कार्य है जहां से अनेकों के जीवन के फैसले होने हैं। गलत फैसले से किसी को दुखी करके हम जीवन में सुख से नहीं रह सकेंगे। हमसे जीवन में सदा ही सही फैसले हों इसके लिए क्रोध व तनावमुक्त एक शांत मन के साथ परखने व निर्णय करने की शक्ति का होना परमआवष्यक है। पांच मिनट का गुस्सा हमारी दो घण्टे की कार्यक्षमता को नष्ट कर देता है। नकारात्मक व व्यर्थ के विचारों के कारण हमारी आंतरिक शक्ति कमजोर हो जाती है जो तनाव का कारण बनती है और इन्हीं विचारों रूपी विष से मानसिक प्रदूषण बढ़ रहा है। इसे दूर करने के लिए प्रतिदिन आधा से एक घण्टा मेडिटेषन रूपी एक्सरसाइज और सुविचारों रूपी हेल्दी डाइट की आवष्यकता है क्योंकि जब हम खुद सषक्त बनेंगे तब ही दूसरों को भी बना सकेंगे। सच्ची खुषी साधनों में नहीं, अपने विचारों में है। आध्यात्मिकता हमारे जीवन में हमारी बौद्धिक, भावनात्मक और नैतिक क्षमताओं को संतुलित रखने के लिए आवष्यक है नहीं तो अधिक बौद्धिक क्षमता से अभिमान आयेगा और अधिक भावनात्मक होने से मानसिक पीड़ा होने लगेगी।
उक्त बातें छ.ग. राज्य न्यायिक प्रषिक्षण केन्द्र में 60 नवनियुक्त सिविल जजों के लिए 4 फरवरी से 29 मार्च तक आयोजित दो माह के प्रषिक्षण कार्यक्रम के दौरान तनाव प्रबंधन पर आयोजित दो सत्रां को संबोधित करते हुए टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही। आपने कहा कि धन जरूरी है किंतु धन सब कुछ नहीं है। धन के साथ दुआएं कमाना जरूरी है। दुआएं ही हमारे परिवार के लिए खुषी लाएंगी क्योंकि आत्मा जब शरीर छोड़ती है तो अपने साथ धन संपत्ति तो नहीं ले जाती लेकिन अगली यात्रा के लिए पापकर्मां का बिस्तरा और पुण्यकर्मों की अटैची साथ जरूर ले जाती है। हम अक्सर डर के कारण बड़ों का आदर करते हैं जो हमारी सहन शक्ति को बताता है किन्तु सहनषीलता तब होगी जब हम दिल से सबका सम्मान करेंगे।
नकारात्मकता भारी तो लादेन-हिटलर व सकारात्मकता भारी तो विवेकानंद बन सकते..
जीवन भर के आनंद के लिए सकारात्मकता जरूरी…
दीदी ने अलग-2 सिद्धांतों के आधार पर तनाव प्रबंधन के तरीके बताते हुए कहा कि तनावमुक्त जीवन के लिए सबसे पहला सिद्धांत है निःस्वार्थ प्रेम, जो कि आत्मा का एक मुख्य गुण है। जिस तरह पांच तत्वों से निर्मित शरीर को इन्हीं पांच तत्वों की आवष्यकता होती है उसी प्रकार सुख, शांति, आनंद, प्रेम, पवित्रता आत्मा के मूल गुण हैं। हम दूसरों से प्रेम की अपेक्षा रखते हैं जबकि दूसरे के पास भी प्रेम नहीं है क्योंकि सभी की आत्मा डिस्चार्ज हो चुकी हैं और एक डिस्चार्ज बैटरी दूसरे डिस्चार्ज बैटरी को चार्ज कैसे करेगी। स्वयं को प्यार के सागर परमात्मा से कनेक्ट करें और प्रेम से भरपूर होकर प्रेम बांटते चलें। इसी तरह शुभभावना, जो हुआ अच्छा, खुषी बांटना, भगवान पर दृढ़ निष्चय आदि बातों को विस्तार से समझाते हुए तनावमुक्ति के तरीके बताए। समय का महत्व व नींद प्रबंधन बताते हुए जीवन में सदा आनंदित रहने के लिए सकारात्मक चिंतन को अपनाने के लिए प्रेरित किया। योग के गीतों पर क्लेपिंग एक्सरसाइज का भी अभ्यास कराया गया।
इस अवसर पर एकाडमी के डायरेक्टर भ्राता के.एल. चार्याणी, एडिषनल डायरेक्टर भ्राता नीरज शुक्ला व अजय राजपूत, ब्रह्माकुमारी गायत्री एवं गौरी बहन उपस्थित थे। दीदी ने सभी को माउण्ट आबू में 25 से 29 मई को न्यायिक प्रभाग के लिए आयोजित षिविर के लिए सभी को आमंत्रित किया।

ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में मनाया गया गुरू पूर्णिमा का पर्व

सादर प्रकाषनार्थः-
प्रेस-विज्ञप्ति
सत्गुरू का संग सभी बुराईयां छुड़ा देता है – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में मनाया गया गुरू पूर्णिमा का पर्व
बिलासपुर, टिकरापारा, 26 जुलाईः सन्यासियों, गुरूओं का इस विष्व में बहुत महत्व है क्योंकि इनकी पवित्रता के कारण ही यह धरती थमी हुई है। यदि ऐसे पवित्र व्यक्ति संसार में न होते तो अपवित्रता का कर्म अपने चरम पर पहुंच जाता और सारी दुनिया विकारों की आग में कब की जल चुकी होती। जिस प्रकार सुर के बिना तान नहीं मिल सकता उसी प्रकार गुरू के बिना ज्ञान नहीं मिल सकता।
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में गुरू पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित साधकों को संबोधित करते हुए सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही। दीदी ने अपने जीवन में विभिन्न गुरूओं के सानिध्य से सीखी गई षिक्षाओं को साझा करते हुए कहा कि षिक्षाएं जीवन के किसी न किसी मोड़ पर काम में जरूर आती है। यदि मन में तीव्र इच्छा हो तो गुरूओं की आज्ञाओं को पालन करते-करते एक समय आता है जब हमारी भक्ति पूरी हो जाती है और भक्ति की पूर्णता के बाद सत्य ज्ञान की प्राप्ति होती है जिसमें हमें परमसत्गुरू परमात्मा की सत्य पहचान मिलती है। और जब सत्गुरू का संग प्राप्त होता है तो धीरे-धीरे करके हमारी सभी बुराईयां समाप्त हो जाती हैं।
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

Bilaspur -BK Manju Nominated as Honoured Member of CG Yog Ayog

Bilaspur, Tikrapara Center Incharge, BK Manju was Nominated as Honoured Member of CG Yog Ayog.
BK Manju shared the significance of Rajayoga Meditation in stress free life style along with physical yoga postures which was taught by different other organisations.
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गठित छ.ग. योग आयोग में ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से सम्मानित सदस्य के रूप में ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी मनोनित हुईं…..बढ़ाया संस्था का गौरव…..
 
देश के एकमात्र राज्य छत्तीसगढ़ में शासन के द्वारा योग आयोग का गठन किया गया है जिसमें ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से बिलासपुर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी को सम्मानित सदस्य के रूप में मनोनित किया गया है जो संस्था के लिए अत्यन्त हर्ष एवं गौरव का विषय है।
छ.ग. योग आयोग द्वारा आयोजित दुर्ग व रायपुर सम्भाग का मास्टर योग प्रषिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
छ.ग. के मुख्यमंत्री, समाज कल्याण मंत्री, कृषि एवं सिंचाई मंत्री ने की षिरकत
छ.ग. योग आयोग के तत्वाधान में रायपुर व दुर्ग सम्भाग के लिए अमलेश्वर के हार्टफूलनेस आश्रम में आयोजित सात दिवसीय आवासीय मास्टर योग प्रषिक्षण षिविर सम्पन्न
छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा स्थापित छ.ग. योग आयोग के द्वारा अमलेष्वर, दुर्ग के हार्टफूलनेस आश्रम में सात दिवसीय मास्टर योग प्रषिक्षण षिविर सम्पन्न हुआ। जिसमें दुर्ग व रायपुर सम्भाग के 32 विकासखण्डों के लगभग 400 प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक हिस्सा लिया। षिविर में आसन, प्राणायाम के अलावा ध्यान के विभिन्न तरीके भी सिखाये गए। इसमें छ.ग. योग आयोग के अध्यक्ष भ्राता संजय अग्रवाल जी ने आसन, प्राणायाम व घरेलु उपचार की गहराइयों को समझाया, वहीं योग आयोग की सदस्य एवं बिलासपुर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने बौद्धिक सत्र में सात दिनों तक राजयोग के रहस्यों, तनावमुक्त जीवनषैली जैसे अन्य विषयों पर अपने अनुभवयुक्त व्याख्यान दिये। षिविर के दौरान अन्य विषेषज्ञ प्रवक्ताओं ने भी एनाटॉमी, योगदर्षन, सहजमार्ग ध्यान जैसे विषयों पर उद्बोधन दिये।
शिविर के दौरान राजनीतिक क्षेत्र से अनेक नेताओं ने भी षिरकत की, जिसमें छ.ग. के मुख्यमंत्री भ्राता रमनसिंह जी, कृषि एवं सिंचाई मंत्री भ्राता बृजमोहन अग्रवाल, महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री बहन श्रीमति रमषीला साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौषिक, प्रदेष भाजपा संगठन महामंत्री, महिला बाल विकास एवं खेल विभाग के सचिव भ्राता सोनमणि वोरा, दुर्ग के कलेक्टर भ्राता उमेंष अग्रवाल, युवा भारत संगठन के अध्यक्ष भ्राता जयंत भारती शामिल हुए।

टिकरापारा सेवाकेन्द्र में मनाई गई ब्रह्माकुमारीज़ के मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष एवं इंदौर जोन के भूतपूर्व निदेशक ब्र.कु. ओमप्रकाष भाई जी की द्वितीय पुण्यतिथि।

पे्रस-विज्ञप्ति
जीवन की महानता है पवित्रता – ब्र.कु. मंजू दीदी
ब्र.कु. ओमप्रकाश भाई जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे – ब्र.कु. मंजू दीदी
टिकरापारा सेवाकेन्द्र में मनाई गई ब्रह्माकुमारीज़ के मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष एवं इंदौर जोन के भूतपूर्व निदेशक ब्र.कु. ओमप्रकाष भाई जी की द्वितीय पुण्यतिथि।
‘‘जीवन जीना एक बात है किन्तु त्याग, तपस्या, पवित्रता के साथ जीवन जीकर अनेकों का जीवन भी ऐसा श्रेष्ठ बनाना, ऐसी विभूतियां कोटों में कोई ही होती हैं। इनमें से एक विभूति ब्रह्माकुमारीज़ के छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेष, उड़ीसा, एवं राजस्थान क्षेत्र के निदेषक एवं मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष राजयोगी भ्राता ओमप्रकाश जी थे जिन्होंने अपने जीवनकाल में लाखों आत्माओं को परमात्म संदेष देकर उन्हें परमात्म प्रेम, सुख, शांति का अधिकारी बनाकर उनका संबंध परमात्मा से जोड़ा एवं उनके लिये प्रेरणास्रोत बने। आप इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते हुए संस्था के संपर्क में आये एवं पढ़ाई पूरी करने के पश्चात् 22 वर्ष की उम्र में अपना पूरा जीवन समस्त मानव जाति के कल्याण के लिये परमात्मा को समर्पित कर दिया।’’
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ इंदौर जोन के भूतपूर्व निर्देषक आदरणीय भा्रता राजयोगी ब्र.कु. ओमप्रकाष ‘‘भाई जी‘‘ के द्वितीय पुण्यतिथि पर टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने ‘भाई जी’ के दिव्य जीवन पर प्रकाष डालते हुए कही। आपने भाईजी को अपने समर्पित जीवन के लिये प्रेरणाश्रोत बताते हुए कहा कि भाई जी के मार्गदर्षन में मेरे जैसी 800 बहनों ने भी अपना जीवन मानवता की सेवा में समर्पित कर दिया। भाई जी ने हमें जीवन जीने की, हर कार्य में परफेक्षन की, सभी को आगे बढ़ाने की, प्रषासन की, सबको प्यार बांटने की कला सिखायी। भाई जी बहुत ही रचनात्मक थे, आपने नये-नये तरीकों से सेवाओं का विस्तार किया एवं आपके कुशल नेतृत्व में 600 सेवाकेन्द्र बने एवं इंदौर में छोटी-छोटी कन्याओं में आध्यात्मिकता की अलख जगाने के लिये सन् 1983 में ‘‘षक्ति निकेतन’’ दिव्य जीवन कन्या छात्रावास का निर्माण किया।
अंत मे सेवाकेन्द्र की बहनों व साधकों ने भाई जी को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए एवं उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए संकल्पित हुए।
ईश्वरीय सेवा में,
ब्र.कु. मंजू
प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
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बिलासपुर (छ.ग.)

विष्व का सबसे बड़ा बहनों का संगठन है ब्रह्माकुमारीज़ – किषोर राय

प्रेस-विज्ञप्ति
निःस्वार्थ सेवा से परिवर्तन निष्चित- किषोर राय
विष्व का सबसे बड़ा बहनों का संगठन है ब्रह्माकुमारीज़
टिकरापारा सेवाकेन्द्र में चैतन्य देवियों की झांकी के सेवाधारियों व देवियों का किया गया सम्मान
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‘‘हमें ये अमूल्य मानव जीवन मिला है और हमें इस जीवन में क्या करना व क्या नहीं करना चाहिये, इसका मार्गदर्षन ब्रह्माकुमारी बहनों से मिलता रहता है। ब्रह्माकुमारीज़ विष्व का सबसे बड़ा बहनों का संगठन है। संस्था की बहनें व भाई निर्बाध निष्ठा व समर्पणता के साथ निःस्वार्थ भाव से देष व समाज के परिवर्तन हेतु निरंतर लगे हुए हैं और यही कारण है कि हमारे समाज में जो सामाजिक बुराईयां हैं उनमें कमी आई है। धीरे-धीरे करके लोगों के स्वभाव में परिवर्तन आया है।’’
उक्त बातें बिलासपुर के महापौर भ्राता किषोर राय जी ने ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में आयोजित चैतन्य झांकी की देवियों और सेवाधारियों के सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेयर बनने के पूर्व से अब तक मैं यहां की पत्रिकाएं पढ़ता रहता हूं और पत्रिकाएं पढ़ने मात्र से मन को असीम शांति मिलती है तो यहां नियमित जो आते हैं उनकी सुखद अनुभूति शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। 
परमात्मा की याद का भोजन तन व मन स्वस्थ बनाता है – ब्र.कु. राजू भाई
ब्रह्माकुमारीज़ के ग्राम विकास प्रभाग के मुख्यालय संयोजक आदरणीय राजू भाई जी ऑडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से कहा कि परमात्मा की याद में बना भोजन तन व मन को स्वस्थ बनाता है। सभी अपने आध्यात्मिक जीवन में सदा एकता के साथ रहने व एकांतवासी, आज्ञाकारी, वफादार और गुणग्राही बनने का पुरूषार्थ करने पर जोर दिया।
पावन, अमूल्य, सुखदायी व पूज्यनीय जीवन है कुमारी जीवन – ब्र.कु. मंजू दीदी
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने झांकी में देवियों के रूप में सजी कुमारी बहनां को प्रेरित करते हुए कहा कि कुमारी जीवन जैसा पावन, अमूल्य व सुखदायी जीवन कहीं नहीं है और साथ ही परमात्मा जैसा सदा सुख देने वाला साजन भी कहीं नहीं मिलेगा। आज के समय में बॉयफ्रेण्ड-गर्लफ्रेण्ड बनाने जैसी बुरी संस्कृति ने हमारी संस्कृति में प्रवेष कर लिया है जिसमें ज्यादातर शारीरिक आकर्षण ही होता है, सच्चे प्यार का अभाव होता है और धोखा मिलने पर डिप्रेशन का रूप ले लेता है जो माता-पिता की चिंता का कारण भी बन जाता है, उन्हें तकलीफ मिलती है। इससे बचने के लिए दीदी ने सभी कुमारियों से रोज 15 मिनट मेडिटेषन करने और सकारात्मक चिंतन के लिए 15 मिनट सत्संग जरूर करने की प्रतिज्ञा कराई। कुमारी श्रद्धा व कुमारी प्रीति ने देवी बनने के दौरान का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय का अनुभव बहुत ही शक्तिषाली था वो परमात्म शक्ति ही थी जिसके कारण हम इतनी देर तक एक आसन पर बैठ पाये, हमारी स्वयं की क्षमता इतनी नहीं थी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाया ग्रामवासियों का उत्साह
इस अवसर पर अनेक गांव से पधारे भाई-बहनों के सम्मान व उत्साहवर्धन के लिए अनेक छत्तीसगढ़ी गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। जिसमें कुमारी गौरी, तनु व नमिता एवं होरीलाल भाई नेडारा लोर गे हे रे…., हमर पारा तुहर पारा…., आमापान के पतरी….., मोर छइहां-भुइयां जै होवै तोर….. जैसे छत्तीसगढ़ी गीतों पर नृत्य कर सभी के हृदय को आनंद से भर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी चैतन्य देवियों की झांकी के सेवाधारियों व देवियों महापौर किषोर राय के द्वारा ईष्वरीय सौगात देकर सम्मानित किया गया तत्पष्चात् सभी को ब्रह्माभोजन स्वीकार कराया गया। कार्यक्रम में महापौर के अलावा रेलवे पुलिस फोर्स के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त, पार्षद दिनेष देवांगन व उदय मजूमदार सहित बड़ी संख्या में नागरिक गण उपस्थित हुए।
 
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)
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