योग, ध्यान के साथ देशभक्ति की भावना व नैतिक मूल्य अपनाकर योग दिवस को करें सार्थक

सादर प्रकाशनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति
योग, ध्यान के साथ देशभक्ति की भावना व नैतिक मूल्य अपनाकर योग दिवस को करें सार्थक
टिकरापारा में ‘‘तन व मन के सशक्तिकरण के लिए योग’’ विषय पर वेबिनार का आयोजन
विभिन्न संस्थाओं के प्रमुख हुए शामिल, रखे विचार व दी शुभकामनाएं
लाइव कार्यक्रम की लिंक –  https://youtu.be/s5vJLY2Dchc

बिलासपुर टिकरापाराः- 7वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र पर ‘तन व मन के सशक्तिकरण के लिए योग’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास कराया गया। साथ ही शहर के गायत्री परिवार, पतंजलि, आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख व समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने योग के विषय में अपनी प्रेरणाएं व शुभकामनाएं प्रेषित की। ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कार्यक्रम का संचालन किया व योग प्रशिक्षण प्राप्त बहनों ने योगाभ्यास किया। ऑनलाइन जुड़े लगभग 200 लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
दीदी ने कहा कि प्रधानमंत्री भ्राता मोदी जी ने विश्व में योग को प्रत्यक्ष किया। जिसमें तन के लिए आसन प्राणायाम के साथ मन के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया है और ध्यान व सत्संग को भी इसमें महत्वपूर्ण रूप से शामिल किया। इसी उद्देश्य को लेकर इस वेबिनार का विषय चुना गया। आसन, प्राणायाम, नैतिक मूल्य, देशभक्ति की भावना, सकारात्मक चिंतन व ध्यान को अपनाकर हम विश्व योग दिवस सार्थक कर सकते हैं।
पूरे विश्व को आरोग्य प्रदान कराना हम सबका लक्ष्य…संजय अग्रवाल
छ.ग. योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष व पतंजलि के केन्द्रीय प्रभारी भ्राता संजय अग्रवाल ने कहा कि योग दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाएं और यह संकल्प लें कि प्रतिदिन हम आधे से एक घण्टा योग जरूर करेंगे। क्योंकि जब योग करेंगे-रोज करेंगे तब ही स्वस्थ रहेंगे और मस्त रहेंगे और चेहरे की मुस्कुराहट बनी रहेगी। योग के विभिन्न आयामों को प्रशिक्षकों से जरूर सीखें और अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। इससे मन की परेशानियां और तन के रोग ठीक हो जाते हैं। सभी संस्थाओं का एक ही उद्देश्य सारे विश्व को स्वास्थ्य एवं आरोग्य प्रदान करना।
संतुलित जीवन के लिए तन व मन का स्वास्थ्य जरूरी…सी.पी.सिंह
गायत्री परिवार के प्रमुख भ्राता सी.पी. सिंह जी
 ने कहा कि मानवीय काया में दो तत्व मुख्य हैं तन व मन। इन दोनों तत्वों के द्वारा शरीर की सारी क्रियाएं संचालित होती हैं अतः इन्हें स्वस्थ रखकर ही संतुलित जीवन जीया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आध्यात्मिक और सामाजिक स्वास्थ्य का भी खयाल रखना होगा। अपने को जानने का प्रयास ही आध्यात्मिकता है। साथ ही हमें सामाजिक उत्तरदायित्वों को भी निभाना है।
सबसे बड़ा धन निरोगी काया- किरणपाल चावला
आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख प्रशिक्षक भ्राता किरणपाल चावला जी
 ने कहा कि मजबूत मन कमजोर शरीर को चला सकता है लेकिन यदि मन कमजोर है तो युवा शरीर भी कमजोर व रोगी बन जाता है। सबसे बड़ा धन निरोगी काया को माना जाता है क्योंकि स्वस्थ शरीर से ही हम सेवा, साधना, सत्संग कर सकते हैं व किसी के लिए उपयोगी बन सकते हैं और यही मानव जीवन का उद्देश्य है। योग के आठ अंग हैं इसमें सबसे पहले यम और नियम आते हैं जो हमें सीखाते हैं कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। कहते हैं ‘‘योग से ही होगा’’ हर समस्या का समाधान।
समाज कल्याण विभाग, बिलासपुर के संयुक्त संचालक भ्राता एच. खलखो जी ने कहा कि जब से छ.ग. में योग आयोग की स्थापना हुई है तब से योग के सभी कार्यक्रमों में हमें ब्रह्माकुमारीज़ परिवार का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ इसके लिए हम संस्था के आभारी है।
विभाग से ही भ्राता प्रशांत मुकासे जी ने स्वस्थ सदा हमें रहना है…गीत के लाइनों के माध्यम से योग का संदेश दिया। साथ ही लेखा अधिकारी भ्राता जी.आर. चंद्रा जी ने भी शुभकामनाएं दी व कार्यक्रम के आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। गायत्री परिवार के आचार्य भ्राता द्वारिका पटेल जी ने गीता में दिए योग व कर्मयोग की विवेचना की।

लाइव कार्यक्रम की लिंक –  https://youtu.be/s5vJLY2Dchc
कार्यक्रम विवरण (टाइमलाइन)
1. परमात्म स्मृति से कार्यक्रम की शुरूआत – 00ः04ः35
2. भ्राता सी.पी.सिंह जी, जिला प्रमुख, गायत्री परिवार, बिलासपुर – 00ः13ः05
3. भ्राता एच.खलखो जी, संयुक्त संचालक, समाज कल्याण विभाग, बिलासपुर – 00ः18ः40
4. भ्राता द्वारिका प्रसाद पटेल जी, आचार्य, गायत्री परिवार, बिलासपुर – 00ः20ः22
5. भ्राता प्रशांत मुकासे जी, समाज कल्याण विभाग, बिलासपुर – 00ः25ः41
6. भ्राता जी.आर. चंद्रा जी, समाज कल्याण विभाग, बिलासपुर – 00ः27ः12
7. भ्राता किरणपाल चावला जी, प्रमुख प्रशिक्षक, आर्ट ऑफ लिविंग, बिलासपुर – 00ः28ः34
8. भ्राता संजय अग्रवाल जी, पूर्व अध्यक्ष, छ.ग. योग आयोग व केन्द्रीय प्रभारी पतंजलि – 00ः32ः39
9. योग दिवस पूर्वाभ्यास स्लाइड शो – 00ः37ः00
10. सामान्य योग अभ्यासक्रम (प्रोटोकॉल) के अनुसार बहनों के द्वारा योगाभ्यास (45मि.) – 00ः40ः30
11. श्रद्धेय ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी, दिव्य उद्बोधन – 01ः38ः25