दादी ह्रदय मोहिनी जी होंगी ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका

प्रेस रिलीज

दादी ह्रदय मोहिनी जी होंगी ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका

बिलासपुर, (छ.ग.) 31मार्च : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्थान की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी के निधन के बाद संस्थान का नेतृत्व अब अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी ह्रदयमोहिनी करेंगी। वे संस्थान की नई मुख्य प्रशासिका होंगी। सोमवार को माउण्ट आबू में सम्पन्न मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। दादी जी 94 साल की हैं तथा ब्रह्माकुमारीज़ की संस्थापक सदस्यों में से एक हैं।
इसके साथ ही दादी रतनमोहिनी को अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका एवं राजयोगिनी ईशु दादी को संयुक्त मुख्य प्रशासिका बनाया गया है।

दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी का 104 साल की उम्र में निधन

प्रेस विग्यप्ति

दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी का 104 साल की उम्र में निधन

बिलासपुर, 27 मार्च। नारी शक्ति द्वारा संचालित दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका तथा स्वच्छ भारत मिशन ब्रांड अम्बेसडर राजयोगिनी दादी जानकी का 104 वर्ष की उम्र में देहावसान हो गया। माउण्ट आबू के ग्लोबल हास्पिटल में 27 मार्च को प्रातः 2 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें पिछले दो महीने से स्वांस तथा पेट की तकलीफ थी जिसका इलाज चल रहा था। उनका अंतिम संस्कार ब्रह्माकुमारीज के अन्तर्राष्ट्ीय मुख्यालय शांतिवन में कान्फ्रेंस हाल के सामने मैदान में दोपहर 3.30 बजे होगा।

टिकरापारा सेवाकेंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने जानकारी दी कि नारी शक्ति की प्रेरणास्रोत राजयेागिनी दादी जानकी का जन्म 1 जनवरी, 1916 को हैदराबाद सिंध, पाकिस्तान में हुआ था। वे 21 वर्ष की उम्र में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के आध्यात्मिक पथ को अपना लिया था और पूर्णरुप से समर्पित हो गयी थी। आध्यात्मिक उड़ान में शिखर छू चुकी राजयोगिनी दादी जानकी मात्र चैथी तक पढ़ी थी। लेकिन आध्यात्मिक आभा से भरपूर भारतीय दर्शन, राजयोग और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए 1970 में पश्चिमी देशों का रुख किया। दुनिया के 140 देशों में मनवीय मूल्यों के बीजारोपण के हजारों सेवाकेन्द्रों की स्थापना कर लाखों लोगों को एक नयी जिन्दगी दी।
रायजोगिनी दादी जानकी ने पूरे विश्व में मन, आत्मा की स्वच्छता के साथ बाहरी स्वच्छता के लिए अनोखा कार्य किया। जिसके लिए भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड अम्बेसडर बनाया था। दादी जानकी के देहावसान की खबर सुनते ही देश विदेश के संस्था के अनुयाईयों ने भावभीनी के लिए योग साधना प्रारम्भ कर दी है। उनके पार्थिव शरीर को माउण्ट आबू से आबू रोड के शांतिवन परिसर तलहटी लाया जायेगा। जहां पर भावभीनी श्रद्धांजलि के पश्चात अन्तिम संस्कार किया जाएगा।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर गीत, ताली, थाली, घण्टी व शंख बजाकर देषभक्तों का सम्मान किया गया व कोरोना वायरस के खिलाफ वायब्रेषन फैलाया गया

सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर गीत, ताली, थाली, घण्टी व शंख बजाकर देषभक्तों का सम्मान किया गया व कोरोना वायरस के खिलाफ वायब्रेषन फैलाया गया
ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेन्द्र के सभी कार्यक्रम स्थगित

बिलासपुर, टिकरापाराः- भारत सरकार एवं ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय माउण्ट आबू के आदेषानुसार सेवाकेन्द्र की सभी गतिविधियां एवं कार्यक्रम स्थगित कर दिये गए हैं। टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने जानकारी दी कि संस्था से जुड़े सभी साधक प्रतिदिन प्रातःकालीन सत्संग पीस ऑफ माइण्ड चैनल अथवा इंटरनेट के माध्यम से चउजअण्पद पर देख व सुन रहे हैं। सेवाकेन्द्र में रहने वाली समर्पित बहनें व भाई सेवाकेन्द्र पर ही प्रातः एवं सायं की क्लास कर रहे हैं।
दीदी ने बताया कि सभी के हित में सरकार व मुख्यालय द्वारा जारी सभी निर्देषों का पालन सेवाकेन्द्र के भाई-बहनों द्वारा किया जा रहा है। सत्संग आरंभ करने के शासन व मुख्यालय के अगले आदेष तक साधकों को सेवाकेन्द्र आने मना किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर देषभक्तों व सुरक्षा में जुटे देष के विभिन्न विभागों के लोगों के सम्मान तथा कोरोना वायरस के खिलाफ शाम 5 बजे टिकरापारा के महाराष्ट्र मण्डल की गली में ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी, साथी बहनें व आसपास के लोगों ने नगाड़े की धुन पर लगातार 20 मिनट तक ताली, घण्टी, शंख व थाली बजायी। लाउडस्पीकर द्वारा करोना वायरस से डरो ना, बस सावधानी रखो ना, खाने में शाकाहारी बनो, मांस-मदीरे से दूर रहो ना, बोलो ओमषांति नमस्ते, शेकहैण्ड तुम करो ना, भीड़ में जाने से बचो, जब तक है वायरस करोना,  सर्दी-खांसी हुआ है अगर तो, मास्क का प्रयोग करो ना, गर्म पानी में नमक डालकर गरारे तुम करो ना….. गीत के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया जिससे लोग 4.45 से ही दरवाजे के बाहर और कुछ घर के छतों पर निकल गए व इस मुहिम में शामिल हो गए।

प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

प्यार का संचार व आध्यात्मिकता का प्रसार महिला ही कर सकती है – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति 1
प्यार का संचार व आध्यात्मिकता का प्रसार महिला ही कर सकती है – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
नारी का उद्धार ही स्वर्णिम युग का द्वार है
महिलाओं द्वारा संचालित विष्व की सबसे बड़ी संस्था है ब्रह्माकुमारीज़
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में महिला दिवस मनाया गया…

बिलासपुर, टिकरापारा :- आज दिन तक हमने अपनी शक्ति को जाना नहीं था जो सुषुप्त अवस्था में हमारे अंदर ही विराजित थी। भगवान स्वयं इस धरा पर आकर नारी शक्ति को आध्यात्म का प्रकाष पूरे विष्व में फैलाने की जिम्मेवारी देते हैं और उनके अंदर की सोई शक्ति को जागृत कर महिला सषक्तिकरण का श्रेष्ठ कार्य कराते हैं। स्वर्णिम युग का द्वार खोलने के लिए नारी का उद्धार करना बहुत आवष्यक है क्योंकि जहां नारियों की पूजा होती है, उनका आदर होता है वहीं देवताएं रमण करते हैं। महि अर्थात् धरती और ला अर्थात् नियम। इस धरती पर निष्छल प्यार का संचार करने वाली और आध्यात्म का प्रकाष फैलाने वाली महिला ही है क्योंकि जो बच्चा अपने पूरे जीवन में जितना नहीं सीख पाता उससे कहीं ज्यादा संस्कार 3 वर्ष की उम्र तक अपनी मां से धारण कर लेता है।
ये बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवाकेन्द्र में महिला दिवस पर आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी जी ने कही। आपने बताया कि महिलाओं द्वारा संचालित विष्व की सबसे बड़ी संस्था है ब्रह्माकुमारीज़। जो पूरे विष्व में मनुष्य के अंदर देवत्व के गुणों को स्थापित करने व आध्यात्म के प्रकाष को फैलाने का अनुपम कार्य कर रही है। इस अवसर पर अकलतरी गांव के भूपेन्द्र साहू ने जिनकी है बेटियां, वो ये कहते हैं….गीत गाकर सभी बेटियों अर्थात् नारी शक्ति का सम्मान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बहनों व माताओं की उपस्थिति रही।

प्रेस विज्ञप्ति 2
भगवान के प्रेम का रंग सबसे अच्छा – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
दृढ़ता की अग्नि में कमजोरियों को जलाने व बीती बातों को भूलाकर होली मनाने की प्रेरणा दी
कोरोना वायरस से सुरक्षा की दृष्टि से खेली फूलों की होली
ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा द्वारा होली को आध्यात्मिक रीति से मनाने का संदेष दिया गया

सारे संसार में कोरोना वायरस का भय फैला हुआ है। जबकि ये भय ही वायरस के आक्रमण व वृद्धि का मुख्य कारण है। वायरस से डरना नहीं है लेकिन सुरक्षा के उपाय जरूर करने हैं। हमें आध्यात्मिक होली खेलनी है जिसमें आत्मा अपने सात गुणों के रंग में रंग जाए। इसमें भी सबसे अच्छा है भगवान के प्रेम के रंग में रंग जाना, यही सबसे पक्का रंग है और सच्ची होली भी है। हमें सबसे ज्यादा तंग करती है भूतकाल की बातें, अर्थात् बीती बात। ये हमारे तनाव को भी बढ़ाती है और हमारे वर्तमान को नष्ट कर देती है। इसके आधार पर हमारा भविष्य भी उज्ज्वल नहीं बन पाता। होली मनाने से पहले अपनी कमजोरी व बुरे संस्कारों को जलाएं व बीती सभी बातों को भूला दें। उसे हो ली सो हो ली कर दें। इसके लिए दृढ़ संकल्प की अग्नि चाहिए।
उक्त बातें ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा में आध्यात्मिक होली मनाने पहुंचे साधकों व षिविरार्थियों को होली का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने कही। आपने परमात्म महावाक्य सुनाते हुए कहा कि भगवान के बच्चे होकर एक गलती ये करते हो कि जिन बातों को भूलना चाहिए उन्हें याद रखते हो व हर पल भगवान की याद रहनी चाहिए उन्हें भूल जाते हो। यदि हमसे पुरूषार्थ नहीं भी हो पाए तब भी भगवान के प्यार में मग्न रहो तो यह प्यार हमारे पुरूषार्थ करने की शक्ति को बढ़ा देगा। एक मिनट क्या एक सेकण्ड पहले की भी दर्द देने वाली बातों को भूल जाओ।
बच्चों के साथ स्वयं का भी रखें ख्याल…
दीदी ने कहा कि अभी बच्चों की परीक्षा का समय है ऐसे समय में बच्चों के साथ पैरेन्ट्स का भी तनाव बढ़ जाता है। वे इतने व्यस्त हो जाते हैं कि स्वयं के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य का भी ख्याल नहीं रखते। एक तरफ कमाते हैं दूसरे तरफ स्वास्थ्य का नुकसान कर देते हैं। इसमें मेहनत अधिक और सफलता कम मिलती है। इसलिए दूसरों के साथ स्वयं की सेवा अर्थात् देखभाल भी जरूरी है।
होली के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया जिसमें कु. गौरी, तनु, षिखा व नीता बहन ने अपनी प्रस्तुतियों के द्वारा होली की खुषियां मनाई। मंजू दीदी ने सभी को चंदन का तिलक लगाया व बहनों ने सभी पर फूलों की वर्षा करके रूहानी होली मनाई। दीदी ने सेवाधारी भाई-बहनों के लिए तैयार किये गये टाइटल्स सुनाकर सभी का मनोरंजन किया। अंत में सभी को प्रसाद दिया गया।
प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)