किसान सषक्तिकरण अभियान के अंतर्गत किसानों को शाष्वत यौगिक खेती की दी जा रही जानकारी

सादर प्रकाषनार्थ
सषक्त किसान देष की शान है – ब्र.कु. सारिका
हरित क्रांति व श्वेत क्रांति के बाद अब आध्यात्मिक क्रांति की जरूरत
किसान सषक्तिकरण अभियान के अंतर्गत किसानों को किया जा रहा जागरूक
शाष्वत यौगिक खेती की दी जा रही जानकारी

व्यसन के दुष्प्रभावों को बताकर व्यसनमुक्ति के लिए कराया जा रहा संकल्प
ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त, व्यसनमुक्त गांव के निर्माण से स्वर्णिम भारत की स्थापना के उद्देष्य से निकला किसान सषक्तिकरण अभियान तीसरे दिन नरियरा पहुंचा। जहां बालक व कन्या उ.मा.शाला, सरस्वती षिषु मंदिर, बनाहिल के ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय के लगभग 700 युवाओं को ग्रामीण युवा सषक्तिकरण विषय पर संबोधित किया गया और स्वच्छता, स्वास्थ्य व व्यसनमुक्ति के लिए प्रेरित किया गया। इसके पष्चात् नरियरा के प्रसिद्ध राधाकृष्ण मंदिर के प्रांगण में उपस्थित गांव के 150 किसानों व स्थानीय लोगों को प्रदर्षनी एवं व्याख्यानों के माध्यम से शाष्वत यौगिक खेती एवं ग्राम विकास के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही व्यसनमुक्ति के लिए संकल्प भी कराया गया। इसके पश्चात् सोनसरी एवं आरसमेटा में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को सषक्त बनाने की मुहिम छेड़ी गई। जहां पर स्कूलों व महाविद्यालय में वहां प्राचार्य एवं अन्य ग्रामीण स्थानों पर गांव के कृषि अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कोल्हापुर से पधारे मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी सारिका बहन ने सभी गांव के किसानों को बताया कि पाष्चात्य देषों के अनुकरण फलस्वरूप नए-नए प्रकार की रासायनिक खादों व जहरीली कीटनाषक दवाओं के प्रयोग से हमारी धरती मां की उर्वरक शक्ति का हास होता गया। साथ ही खाद्य पदार्थों में रसायनों का दुष्प्रभाव जहर के रूप में फैलता गया जिससे अनेक नई-नई शारीरिक व मानसिक बीमारियां होने लगी। मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण नैतिक पतन हुआ। अब ऐसी परिस्थितियों में किसानों को फिर से बलराम व कृष्ण समान बनने व उत्तम बीज, उत्तम खाद व उत्तम विचार प्रयोग करने की आवष्यकता है। रासायनिक खाद त्याग कर गाय के गोबर, गउमूत्र, जैविक खाद व कम्पोस्ट खाद का स्वयं निर्माण कर धरती मां की शक्ति को पुनः बढ़ाने में सहयोग दें। खेत में बोने वाले बीज को परमात्म शक्तियों की किरणों द्वारा सषक्त बनायें, जैविक द्रव्यों के छिड़काव द्वारा पौधों का संरक्षण करें, साथ-साथ अपनी शुभ चिंतन, शुभभावना और शुभकामना द्वारा फसलों को श्रेष्ठ संकल्पों की ऊर्जा से शक्ति प्रदान करें ताकि पुनः सात्विक अन्न द्वारा मन का परिवर्तन हो और हमारे देष में सुख-शान्ति-समृद्धि का साम्राज्य आये।
कोल्हापुर से ही पधारी ब्रह्माकुमारी सारिका बहन ने परमात्मा से शक्ति लेने की विधि बताते हुए ध्यान का अभ्यास कराया और कहा कि ज्योतिस्वरूप परमात्मा षिव सर्व आत्माओं के पिता व सर्वषक्तिमान हैं। जब हम शुभचिंतन व राजयोग ध्यान से अपने मन का तार परमात्मा से जोड़ते हैं तो उनकी समस्त शक्तियां हममे प्रवाहित होने लगती हैं और हमारी प्रभामण्डल से चारों ओर का वातावरण सात्विक व शक्तिषाली बनता जाता है जो फसलों को भी शक्ति प्रदान करता है।
टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी ने सभी स्थानों पर उपस्थित किसानों को गांव की स्वच्छता के लिए प्रयत्नषील रहने, रासायनिक खाद व कीटनाषकों का प्रयोग न कर यौगिक खेती करने, गांव के कल्याण के लिए हर रोज सकारात्मक चिंतन करने, शरीर व मन की शक्ति को खत्म करने वाली बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, शराब आदि अन्य व्यसनों का त्याग करने व समाज में दुष्मनी पैदा करने वाले कुरीति-कुरिवाजों से स्वयं को मुक्त रखने का संकल्प कराया।
किसानों के आत्मसम्मान को ऊंचा उठाने के उद्देष्य से ब्रह्माकुमारी बहनों ने किसानों को अंगवस्त्र पहनाकर व श्रीफल देकर सम्मानित भी किया।
प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक……………………….

Newspaper Clips_KSA

किसान सषक्तिकरण अभियान के अंतर्गत किसानों को किया जा रहा जागरूक

सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस-विज्ञप्ति
उत्तम बीज, उत्तम खाद व उत्तम विचारों से बढ़ेगी धरती की शक्ति – ब्र.कु. गीता
हरित क्रांति व श्वेत क्रांति के बाद अब आध्यात्मिक क्रांति की जरूरत
किसान सषक्तिकरण अभियान के अंतर्गत किसानों को किया जा रहा जागरूक
शाष्वत यौगिक खेती की दी जा रही जानकारी
व्यसन के दुष्प्रभावों को बताकर व्यसनमुक्ति के लिए कराया जा रहा संकल्प

ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा द्वारा स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त, व्यसनमुक्त गांव के निर्माण से स्वर्णिम भारत की स्थापना के उद्देष्य से निकले किसान सषक्तिकरण अभियान के प्रथम दिन मस्तूरी आगमन पर सीईओ कार्यालय के सामने स्वास्थ्य विभाग की अधिकारी डॉ. लता श्रीवास्तव एवं उनकी टीम व लायन्स क्लब के अध्यक्ष बसंत गुप्ता ने स्वागत किया। इसके पष्चात् मस्तूरी के पातालेष्वर महाविद्यालय, शास. बालक कृषि उच्च. माध्य. शाला, शास. कन्या उच्च. माध्य. शाला, सरस्वती षिषु मंदिर के लगभग 1500 युवा विद्यार्थियों को वहां के प्राचार्य की उपस्थिति में ग्रामीण युवा सषक्तिकरण, मूल्य षिक्षा, व्यसनमुक्ति आदि विषयों पर प्रेरणाएं दी गईं। साथ ही मस्तूरी सहित सरसैनी, बकरकुदा, टिकारी गांव के लगभग 500 किसानों व स्थानीय लोगों को प्रदर्षनी एवं व्याख्यानों के माध्यम से शाष्वत यौगिक खेती के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही व्यसनमुक्ति के लिए संकल्प भी कराया गया।
इस अवसर पर कोल्हापुर से पधारे मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी गीता बहन ने सभी गांव के किसानों को बताया कि पाष्चात्य देषों के अनुकरण फलस्वरूप नए-नए प्रकार की रासायनिक खादों व जहरीली कीटनाषक दवाओं के प्रयोग से हमारी धरती मां की उर्वरक शक्ति का हास होता गया। साथ ही खाद्य पदार्थों में रसायनों का दुष्प्रभाव जहर के रूप में फैलता गया जिससे अनेक नई-नई शारीरिक व मानसिक बीमारियां होने लगी। मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण नैतिक पतन हुआ। अब ऐसी परिस्थितियों में किसानों को फिर से बलराम व कृष्ण समान बनने व उत्तम बीज, उत्तम खाद व उत्तम विचार प्रयोग करने की आवष्यकता है। रासायनिक खाद त्याग कर गाय के गोबर, गउमूत्र, जैविक खाद व कम्पोस्ट खाद का स्वयं निर्माण कर धरती मां की शक्ति को पुनः बढ़ाने में सहयोग दें। खेत में बोने वाले बीज को परमात्म शक्तियों की किरणों द्वारा सषक्त बनायें, जैविक द्रव्यों के छिड़काव द्वारा पौधों का संरक्षण करें, साथ-साथ अपनी शुभ चिंतन, शुभभावना और शुभकामना द्वारा फसलों को श्रेष्ठ संकल्पों की ऊर्जा से शक्ति प्रदान करें ताकि पुनः सात्विक अन्न द्वारा मन का परिवर्तन हो और हमारे देष में सुख-शान्ति-समृद्धि का साम्राज्य आये।
कोल्हापुर से ही पधारी ब्रह्माकुमारी सारिका बहन ने परमात्मा से शक्ति लेने की विधि बताते हुए ध्यान का अभ्यास कराया और कहा कि ज्योतिस्वरूप परमात्मा षिव सर्व आत्माओं के पिता व सर्वषक्तिमान हैं। जब हम शुभचिंतन व राजयोग ध्यान से अपने मन का तार परमात्मा से जोड़ते हैं तो उनकी समस्त शक्तियां हममे प्रवाहित होने लगती हैं और हमारी प्रभामण्डल से चारों ओर का वातावरण सात्विक व शक्तिषाली बनता जाता है जो फसलों को भी शक्ति प्रदान करता है।
टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी ने सभी स्थानों पर उपस्थित किसानों को गांव की स्वच्छता के लिए प्रयत्नषील रहने, रासायनिक खाद व कीटनाषकों का प्रयोग न कर यौगिक खेती करने, गांव के कल्याण के लिए हर रोज सकारात्मक चिंतन करने, शरीर व मन की शक्ति को खत्म करने वाली बीड़ी-सिगरेट, गुटखा, शराब आदि अन्य व्यसनों का त्याग करने व समाज में दुष्मनी पैदा करने वाले कुरीति-कुरिवाजों से स्वयं को मुक्त रखने का संकल्प कराया।
किसानों के आत्मसम्मान को ऊंचा उठाने के उद्देष्य से ब्रह्माकुमारी बहनों ने किसानों को अंगवस्त्र पहनाकर व श्रीफल देकर सम्मानित भी किया।
प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

किसान सषक्तिकरण अभियान का सांसद व अन्य अतिथियों ने किया शुभारम्भ

सादर प्रकाषनार्थ

प्रेस-विज्ञप्ति
किसानों के सषक्तिकरण से ही भारत बनेगा पुनः सोने की चिड़िया – अरूण साव
प्रकृति पर भी पड़ता है हमारी भावनाओं का असर – रितु पाण्डेय
पूरे अभियान को संबोधित करने के लिए कोल्हापुर महाराष्ट्र से पधारी दो विषेषज्ञ बहनें – बी.के. गीता एवं बी.के. सारिका
किसान सषक्तिकरण अभियान का सांसद व अन्य अतिथियों ने किया शुभारम्भ
स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त एवं व्यसनमुक्त गांव का निर्माण करना लक्ष्य
मस्तूरी, नरियरा, बलौदा से होते हुए कोरबा की ओर प्रस्थान करेगा यह अभियान

बिलासपुर टिकरापारा, 9 सितम्बर- स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त, व्यसनमुक्त गांव के निर्माण से स्वर्णिम भारत की स्थापना के लिए प्रदेष में छ.ग. किसान सषक्तिकरण अभियान के बिलासपुर से कोरबा के लिए जाने वाले जनजागृति रैली का शुभारम्भ आज ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा के हार्मनी हॉल में अतिथियों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। साथ ही मन्नू चौक के पास सांसद अरूण साव, विधायक की धर्मपत्नी रितु शैलेष पाण्डेय, राष्ट्रीय स्वयंसेवक के विभाग अध्यक्ष काषीनाथ गोरे, सक्रिय कार्यकर्ता शरद बल्हाल, अपोलो के कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. अनुज कुमार, जनरल सर्जन सौव्हिक चौधरी सहित अन्य अतिथियों ने हरी झण्डी दिखाकर रैली को रवाना किया। इससे पूर्व प्रदेष स्तर पर इस अभियान का विधिवत उद्घाटन छ.ग. के कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे व अन्य अतिथियों की उपस्थिति में रायपुर के शान्ति सरोवर में हुआ। साथ ही प्रदेष के सभी स्थानों पर इस अभियान के लिए शासन द्वारा किसानों को एकत्रित करने एवं अभियान का लाभ उठाने के लिए आदेष जारी किया गया।
बिलासपुर सांसद अरूण साव जी ने स्वयं को एक किसान का बेटा होने का गर्व महसूस करते हुए कहा कि जब तक किसानों का सषक्तिकरण नहीं होगा, देष का विकास नहीं होगा। भारत की आत्मा किसान है और आज वह आत्मा कितनी कमजोर, असहाय, निराष हो गई है, जीने की इच्छा खत्म हो गई है। ऐसे समय में इस तरह के अभियान का आयोजन बहुत ही सराहनीय प्रयास है। गांव में शासकीय मदद भी मिलती है लेकिन उसे आगे बढ़ाने के लिए अर्थात् उसकी देखरेख, सफाई, रंगरोगन आदि के लिए भी आगे आना होगा। इसके लिए भी लोगों को जागृत करने में इस आयोजन की भूमिका महत्वपूर्ण है। आजादी के बाद आज दिन तक किसानों को सषक्त बनाने का कोई कार्य नहीं हुआ लेकिन आज इस अभियान के आयोजन से भारत पुनः सोने की चिड़िया बन जायेगा। इसकी जितनी प्रषंसा की जाए कम है। परमात्मा से प्रार्थना है कि यह अत्यंत सफल हो। उन्होंने वायदा किया जहां पर भी आवष्यकता होगी वहां पर उपस्थित हो जाउंगा।
बिलासपुर विधायक की धर्मपत्नी रितु शैलेष पाण्डेय ने कहा कि शाष्वत यौगित खेती का तरीका बहुत अच्छा है और उसमें भी बीज को सषक्त करना बहुत अच्छा प्रयास है। रासायनिक अन्न खेत को भी खराब करता है साथ ही शरीर को भी खराब करता है। बचपन में मां के कहे अनुसार हमें जब भी बुरा सपना आता या कोई बात आती तो हम तुलसी माता के आगे सुना देते थे। और हमें हल्कापन अनुभव होता था। छोटी बहन तो बगीचे में पौधों से बात करती थी और उसमें बहुत से फूल खिलने लगते थे। ईष्वर से प्रार्थना है कि यह अभियान सफलता को पाये।
अपोलो हॉस्पीटल के कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि कृषि और चिकित्सा का गहरा संबंध है जिसे हम सर्जरी के दौरान बहुत करीब से अनुभव करते हैं। आज के रासायनिक अन्न के प्रयोग से हृदय पर बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे समय में किसान सषक्तिकरण और उसमें भी शाष्वत यौगिक खेती का कदम बहुत सराहनीय है।
किसानों की हालत सुधारने के लिए उन्हें सामाजिक, मानसिक, आर्थिक व आध्यात्मिक रूप से सषक्त बनाना जरूरी – ब्र.कु. गीता
कोल्हापुर से पधारी ब्रह्माकुमारीज़ के षिक्षा एवं युवा प्रभाग की फेकल्टी मेम्बर एवं अभियान की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी गीता बहन ने संस्था परिचय एवं अभियान का उद्देष्य बताते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ केवल आध्यात्मिक ज्ञान नहीं देता अपितु 20 सेवा प्रभागों के माध्यम से शैक्षणिक एवं सामाजिक सेवाएं भी निरंतर दे रहा है और अभी कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग के द्वारा यह अभियान निकाला गया है। यहां जाति-पाति का कोई भेद नहीं, यहां हर वर्ग, जाति व उम्र के लोग ईष्वरीय ज्ञान ले सकते हैं। हम अपने जीवन के स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास करते हैं किन्तु यहां हम अपने विचारों के स्तर को सुधारते हैं। एक्ट लोकल बट थिंक ग्लोबल का स्लोगन देते हुए आपने कहा कि एक स्थान पर कर्म करते हुए भी हमारी अच्छी सोच व शुभभावनाएं पूरे विष्व के प्रति हों। 13 विष्वविद्यालयों में मूल्य षिक्षा एवं आध्यात्मिकता पर संस्था द्वारा तैयार किए गए पीजी कोर्स संचालित हैं। हमारा भारत 70 प्रतिषत अन्नदाताओं से चलता है। हमारे अन्नदाता कृषक वर्ग नेक्स्ट टू गॉड हैं। लेकिन आज की स्थिति में हमारे अन्नदाताओं की हालत बहुत ही नाजुक है। इसी हालत को सुधारने एवं किसानों को सामाजिक, मानसिक, आर्थिक और आध्यात्मिक दृष्टि से सषक्त बनाने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा पूरे भारत में यह अभियान चलाया जा रहा है। जब किसान सषक्त बनेगा तब पूरा भारतवर्ष पुनः सुजलाम सुफलाम बनेगा। साथ ही व्यसनमुक्ति, यौगिक खेती, बच्चों में मूल्य षिक्षा, ग्रामीण युवा सषक्तिकरण, कुरीतियों से मुक्त बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देष्य है। इसके लिए सभी की दुआएं जरूरी हैं तब ही सबका साथ, सबका विष्वास और सबका विकास होगा।
कोल्हापुर से ही पधारी संस्था के षिक्षा, महिला, युवा एवं ग्राम विकास प्रभाग की फेकल्टी ब्रह्माकुमारी सारिका बहन ने शाष्वत यौगिक खेती के बारे में बताते हुए कहा कि भारत कृषि प्रधान देष है और शाष्वत यौगिक खेती कोई अलग खेती नहीं है यह हमारी ऋषि कृषि, पारम्परिक कृषि है। हम आठ दिन बिना मोबाइल व बिजली के तो रह सकते हैं लेकिन बिना अन्न व जल के नहीं रह सकते। आज साइंस के साधनों को तो हम अपना रहे हैं लेकिन हमारा किसानों को देखने का नजरिया नीचा हो गया है। पहले के समय में किसान खेत की पूजा करके हल चलाता था और बैलों के गले की घण्टी बजती थी जो फसलों को आनंदित करती थी। कृषक, किसान, किसन व कृष्ण सभी मिलते-जुलते शब्द हैं। जब देष में अकाल पड़ा तब 1960 में हरित क्रांति आई जिसमें रासायनिक खाद का प्रयोग किया गया। लेकिन वह केवल दवा के रूप में अल्प मात्रा में डाला जाता था लेकिन आज की स्थिति में धरती माता से केवल लेने की भावना से कई बोरियां खाद डाल रहे हैं और धरती माता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिस प्रकार यदि कोई डॉक्टर हमें कमजोरी से मुक्त करने के लिए एक या दो चम्मच दिन में दो बार पीने के लिए टॉनिक देता है तो हम यह तो नहीं करते कि एक ही दिन में स्वस्थ होने के लिए दवा की पूरी बोतल ही पी जाएं।
अब पुनः धरती की उर्वरता बढ़ाने के लिए शाष्वत यौगिक खेती की शुरूआत की गई है। जिसमें जैविक खेती के साथ योग का प्रयोग किया जाता है जैसे बीज को ऊर्जा देना, प्रतिदिन प्रातः एवं सायं एक-एक घण्टे खेत में जाकर परमात्मा की याद व शुभभावनाओं से पौधों को ऊर्जा देना। इसके लिए किसानों को व्यसनमुक्त रहना भी जरूरी है क्योंकि हम व्यसन करके धरती माता, वायु, जल को प्रदूषित करते हैं, नुकसान पहुंचाते हैं। और प्रकृति को नुकसान पहुंचाकर हम योग का प्रयोग नहीं कर सकते।
किसानों का किया गया सम्मान
सांसद के द्वारा संस्था की ओर से नौ किसानों – जनकराम क्षत्री, अनिल सिसोदिया, जीतराम साहू, सुमेन्द्र सिदार, भरतसाहू, बिहारी साहू, लक्ष्मण भाई, रामायण राठौर एवं परसराम साहू का पगड़ी, माला, अंगवस्त्र पहनाकर व श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। इसके पश्चात् अभियान यात्रियों का पट्टे पहनाकर एवं बैज लगाकर सम्मान किया गया। रितु शैलेष पाण्डेय ने ब्र.कु. गीता, ब्र.कु. सारिका एवं ब्र.कु. गायत्री को रैली के आरंभ का कलष दिया। इस अवसर पर भाईयों ने छ.ग. का लोकनृत्य राउत नाचा प्रस्तुत किया जिसमें सांसद अरूण साव जी भी शामिल हो गए। एवं कु. गौरी, तनु, भूमिका एवं हेमन्त भाई ने भी छत्तीसगढ़ी नृत्य की प्रस्तुति दी।
पूरे कार्यक्रम का संचालन सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी ने किया एवं जानकारी दी कि यह अभियान मस्तूरी, नरियरा व बलौदा क्षेत्र के गांवों में जनजागृति फैलाते हुए कोरबा की ओर प्रस्थान करेगा।
प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

प्रेस-विज्ञप्ति स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त एवं व्यसनमुक्त गांव के निर्माण से स्वर्णिम भारत की स्थापना के लिए छ.ग. में किसान सषक्तिकरण अभियान का आयोजन

सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस-विज्ञप्ति
स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त एवं व्यसनमुक्त गांव के निर्माण से स्वर्णिम भारत की स्थापना के लिए छ.ग. में किसान सषक्तिकरण अभियान का आयोजन
अभियान के उद्घाटन में छ.ग. के राज्यपाल व कृषि मंत्री होंगे शामिल
300 से अधिक गांवों को किया जायेगा शामिल….
जिले के मस्तूरी क्षेत्र में सर्वेक्षण शुरू

बिलासपुर टिकरापारा – स्वच्छ, स्वस्थ, सषक्त, व्यसनमुक्त गांव के निर्माण से स्वर्णिम भारत की स्थापना के लिए प्रदेष में छ.ग. किसान सषक्तिकरण अभियान का आयोजन किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारीज़ एवं इसकी भगिनी संस्था राजयोग षिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा आयोजित इस अभियान का विधिवत उद्घाटन 8 सितम्बर को रायपुर में छ.ग. के राज्यपाल व कृषि मंत्री की उपस्थिति में होगा। अभियान के अंतर्गत सभी स्थानों में ‘किसान सेवारथ’ के माध्यम से संस्था के निर्व्यसनी राजयोगी सेवाधारी भाई-बहनों व देष के विभिन्न स्थानों में स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेन्द्रों से पधारे विषेषज्ञ वक्ताओं द्वारा गांव-गांव पहुंचकर शाष्वत यौगिक खेती तथा किसानों के सषक्तिकरण हेतु व्यवहारिक ज्ञान एवं प्रषिक्षण के साथ सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी एवं उन्हें प्राप्त करने में सहयोग दिया जा रहा है।
उक्त जानकारी देते हुए टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने कहा कि रायपुर में विधिवत् उद्घाटन के पष्चात् 9 सितम्बर को टिकरापारा से शुभारम्भ होते हुए यह अभियान बिलासपुर क्षेत्र के गांवांे में जनजागृति करते हुए कोरबा की ओर प्रस्थान करेगा। इसके सर्वेक्षण को लेकर टिकरापारा से एक टीम आज मस्तूरी क्षेत्र की ओर गई हुई है। जिसमें ब्र.कु. ज्ञाना बहन, शषी बहन, गायत्री बहन, पूर्णिमा बहन, श्यामा बहन, राकेष भाई, तुलसी भाई व होरीलाल भाई शामिल हैं।
पूरे छ.ग. में निकलेंगे एक साथ सात अभियान
दीदी ने बताया कि छ.ग. के सात शहरों से एक साथ अभियान की शुरूआत होगी। जिसमें यह अभियान रायपुर से बिलाईगढ़ तक 704 किमी, धमतरी से कांकेर तक 533 किमी., दुर्ग से साजा तक 273 किमी., भिलाई से दल्ली राजहरा तक 371 किमी, बिलासपुर से कोरबा तक 474 किमी, अम्बिकापुर से रायगढ़ तक 768 किमी, कवर्धा से राजनांदगांव तक 748 किमी की यात्रा तय करते हुए 300 से अधिक गांवों को शामिल करते हुए 23 सितम्बर को अभियान का समापन होगा।

प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)

विष्व बंधुत्व दिवस पर पौधे रोपित कर दादी जी को दी श्रद्धांजलि

सादर प्रकाषनार्थ
प्रेस-विज्ञप्ति
दादी ने संस्था को परिवार की तरह संभाला – ब्र.कु. मंजू दीदी
विष्व बंधुत्व दिवस पर पौधे रोपित कर दादी जी को दी श्रद्धांजलि
महापौर सहित विभिन्न संस्थाओं के अतिथि हुए शामिल
समाज में कल्याणकारी बदलाव के लिए अब हम बदलेंगे….‘एक आंतरिक परिवर्तन यात्रा’ का शुभारम्भ

बिलासपुर राजकिषोर नगर – शान्तिदूत पुरस्कार से सम्मानित ब्रह्माकुमारीज़ संस्था की पूर्व मुख्य प्रषासिका दादी प्रकाषमणि जी की 12 पुण्यतिथि विष्व बंधुत्व दिवस पर राजकिषोर नगर सेवाकेन्द्र में पौधारोपण कर दादीजी को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर महापौर किषोर राय, अपोलो हॉस्पिटल के क्रिटिकल केयर स्पेषलिस्ट डॉ. मनोज राय, गायत्री परिवार के उपजोन समन्वयक सी.पी.सिंह, एडप्रयास के फाउण्डर विनोद पाण्डेय, ममता पाण्डेय एवं ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा एवं राजकिषोर नगर के सदस्यों ने स्मृति वन के सामने स्थित षिव अनुराग भवन के प्रांगण में पौधे रोपित किये।
टिकरापारा सेवाकेन्द्र प्रभारी ब्र.कु. मंजू दीदी जी ने जानकारी दी कि आज पूरे भारत में दादी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के सेवाकेन्द्रों द्वारा अनुमानित 5 लाख पौधे लगाए जाएंगे तथा 30 सितम्बर तक कुल 20 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य लिया गया है। इस अवसर पर गांधी जी की 150वीं जयन्ती वर्ष के उपलक्ष्य में  समाज में कल्याणकारी बदलाव के लिए  25 अगस्त से 15 नवम्बर तक चलने वाले आंतरिक परिवर्तन यात्रा – ‘‘अब हम बदलेंगे’’ का शुभारम्भ भी किया गया।
इससे पूर्व प्रातः के सत्संग में मंजू दीदी ने दादी जी के जीवन चरित्र पर प्रकाष डालते हुए कहा कि दादी जी ने संस्था को लगभग 40 वर्ष मुख्य प्रषासिका रहकर कुषलता पूर्वक संभाला। दादी ने संस्था को अपने परिवार की तरह समझा इसलिए वह अपने निःस्वार्थ प्यार बांटने के कारण विष्व की दादी बन गई।
तत्पष्चात् सभी साधकों ने दादी जी की स्मृति में बनाए गए प्रकाष स्तंभ पर अपनी मौन श्रद्धांजलि दी।

प्रति,
भ्राता सम्पादक महोदय,
दैनिक………………………..
बिलासपुर (छ.ग.)