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Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

ज्ञान, पवित्रता व विवेक की प्रतिमूर्ति हैं माँ सरस्वती- ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी*

*ज्ञान, पवित्रता व विवेक की प्रतिमूर्ति हैं माँ सरस्वती- ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी*

प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा में आध्यात्मिक महत्व के साथ मनाई गई सरस्वती पूजा

राम मंदिर स्थापना दिवस की सभी को दी बधाई

*बिलासपुर।* वसंत पंचमी के पावन अवसर पर आज गुरुवार को टिकरापारा स्थित *प्रभु दर्शन भवन* में सरस्वती पूजा का आयोजन श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। इस अवसर पर आज मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती के निमित्त परमात्मा को भोग स्वीकार कराया गया।

 

अपने उद्बोधन में मंजू दीदी ने सरस्वती पूजा के वास्तविक अर्थ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरस्वती देवी केवल पूजनीय स्वरूप नहीं, बल्कि ज्ञान, पवित्रता और विवेक से युक्त आत्मिक अवस्था का प्रतीक हैं। जब आत्मा परमात्मा शिव से ज्ञान ग्रहण करती है, तब वही आत्मा सरस्वती समान बन जाती है।

 

*जीवन में संतुलन और मधुरता का प्रतीक है वीणा…*

उन्होंने बताया कि सरस्वती के हाथ में वीणा जीवन में संतुलन और मधुरता का प्रतीक है, जबकि श्वेत वस्त्र पवित्रता और सात्त्विकता का संदेश देते हैं। हंस विवेक शक्ति का प्रतीक है, जो सही और गलत में भेद करना सिखाता है। सच्ची सरस्वती पूजा सही अर्थो में जीवन में श्रेष्ठ संस्कारों को धारण करना है।

 

राम मंदिर स्थापना दिवस पर सभी को दी शुभकामनायें…

 

मंजू दीदी ने सभी को राम मंदिर स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहुत जल्दी ही भारत में राम राज्य की पुनः स्थापना होने वाली है। वर्तमान पुरुषोत्तम संगमयुग है ही परिवर्तन का युग संक्रमण काल, जहाँ स्वयं परमात्मा शिव अवतरित होकर भारत में एक राज्य एक धर्म एक भाषा की स्थापना कर रहे हैं।

 

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को राजयोग ध्यान का अभ्यास भी कराया गया तथा ज्ञान और पवित्र जीवन के महत्व को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। आयोजन में भाई-बहनों ने सहभागिता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।