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विचार, समय, शब्द और कर्म बहुत अनमोल हैं, इन्हें व्यर्थ न गंवाएं : बीके गायत्री दीदी
विचार, समय, शब्द और कर्म बहुत अनमोल हैं, इन्हें व्यर्थ न गंवाएं : बीके गायत्री दीदी
टिकरापारा में गुरुवार विशेष सत्संग
टिकरापारा ब्रह्माकुमारीज़ की विशेष क्लास में परमात्मा के महावाक्यों से तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन के बताए सरल सूत्र
बिलासपुर (टिकरापारा)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के टिकरापारा सेवाकेंद्र में गुरुवार को आयोजित विशेष आध्यात्मिक क्लास में राजयोग शिक्षिका बीके गायत्री दीदी ने परमात्मा के महावाक्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे विचार, समय, शब्द और कर्म जीवन की सबसे अनमोल पूंजी हैं। परमात्मा का संदेश है कि इन्हें व्यर्थ की चिंताओं, नकारात्मक सोच और अनावश्यक बातों में गंवाने के बजाय श्रेष्ठ कार्यों में लगाना चाहिए। यही सुख, शांति और सफलता का आधार है।
उन्होंने परमात्मा के महावाक्यों को सुनाते हुए कहा कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी व्यक्ति मन को शांत, प्रसन्न और सकारात्मक रख सकता है। इसके लिए परिस्थितियों को नहीं, बल्कि स्वयं की सोच और दृष्टिकोण को बदलने की आवश्यकता है।
बीके गायत्री दीदी ने कमल पुष्प का उदाहरण देते हुए परमात्मा का संदेश सुनाया कि जैसे कमल पानी में रहकर भी उससे अछूता रहता है, उसी प्रकार मनुष्य संसार में रहते हुए भी बुराइयों और नकारात्मकता से स्वयं को बचा सकता है। परमात्मा कहते हैं कि अच्छे कार्यों के बदले प्रशंसा की अपेक्षा न रखें, बल्कि दूसरों को सहयोग, सम्मान और खुशियां देने का संकल्प रखें।
उन्होंने परमात्मा के महावाक्यों के आधार पर कहा कि हमारी वाणी ऐसी होनी चाहिए जो लोगों के जीवन में आशा, उत्साह और आत्मविश्वास जगाए। ईश्वर के श्रेष्ठ मार्गदर्शन (श्रीमत) का पालन करने से जीवन के प्रत्येक कार्य में सफलता और संतुष्टि प्राप्त होती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी को भोग वितरित किया गया।






