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Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

शिव-अनुराग भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नन्हे राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों के साथ उमंग-उत्साह से मना जन्माष्टमी पर्व।

*’माखन जैसी कोमलता और मिश्री जैसी मधुरता अपनाएं, तभी बनेगा जीवन सफल’ : बीके गायत्री*

शिव-अनुराग भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नन्हे राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों के साथ उमंग-उत्साह से मना जन्माष्टमी पर्व।

बिलासपुर (राजकिशोर नगर)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शिव अनुराग भवन, राजकिशोर नगर में जन्माष्टमी का पर्व आध्यात्मिक उल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता बीके गायत्री दीदी ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं, बल्कि अपने भीतर के अवगुणों का अंत कर दिव्य गुणों को जीवन में धारण करने का पावन अवसर है।

 

*माखन-मिश्री में छिपा है श्रेष्ठ जीवन का संदेश*

 

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण को प्रिय माखन और मिश्री जीवन जीने की श्रेष्ठ कला सिखाते हैं। मिश्री हमारी वाणी और व्यवहार में मधुरता का प्रतीक है, जबकि माखन जीवन में कोमलता, सरलता और सहजता अपनाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा, “माखन जैसी कोमलता और मिश्री जैसी मधुरता अपनाएं, तभी जीवन वास्तव में सफल बनता है।”

 

*मोरपंख और बांसुरी का आध्यात्मिक रहस्य*

 

बीके गायत्री दीदी ने श्रीकृष्ण के मोरपंख को मानसिक हल्केपन तथा बांसुरी को अहंकार से मुक्त जीवन का प्रतीक बताते हुए कहा कि जब मनुष्य अपने भीतर के ‘मैं’ भाव को समाप्त कर देता है, तभी वह ईश्वरीय ज्ञान को धारण करने योग्य बनता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान संगमयुग में परमात्मा शिव बाबा ज्ञान का प्रकाश देकर मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाने का कार्य कर रहे हैं।

 

*16 कलाओं को जीवन में अपनाने का आह्वान*

 

उन्होंने श्रीकृष्ण की 16 कलाओं का उल्लेख करते हुए सहयोग, साहस, करुणा, विनम्रता, क्षमाशीलता, अनुशासन, सत्यता, सरलता और संतुष्टता जैसे दिव्य गुणों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यही गुण व्यक्ति को सफल, संतुलित और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनाते हैं।

 

*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां*

 

कार्यक्रम में बच्चों द्वारा राधा-कृष्ण पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बाल कलाकारों ने मनमोहक नृत्य और भक्तिमय प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

 

*नशामुक्ति और नो-मोबाइल का लिया संकल्प*

 

कार्यक्रम के दौरान 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के अंतर्गत सभी ने नशामुक्त जीवन का संकल्प लिया। बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रहने, मोबाइल गेम नहीं खेलने तथा माता-पिता से मोबाइल के लिए जिद न करने की प्रतिज्ञा भी दिलाई गई। अंत में माखन-मिश्री एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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