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Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

शुभ भावनाओं से ही संभव है संस्कारों का मिलन : मंजू दीदी

*शुभ भावनाओं से ही संभव है संस्कारों का मिलन : मंजू दीदी**

*बिलासपुर।* टिकरापारा स्थित प्रभु दर्शन भवन में रविवार विशेष क्लास में ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने परमात्म महावाक्यों की व्याख्या करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल वाणी से सेवा करने के साथ-साथ *मनसा सेवा अर्थात श्रेष्ठ एवं सकारात्मक संकल्पों* द्वारा प्रकृति और मनुष्य आत्माओं को सतोगुणी बनाना आवश्यक है।

 

उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए *‘बीती सो बीती’* कर हर बीती बात पर बिंदी लगाना जरूरी है। बाहरी रंगों के बजाय परमात्म संग के रंग में रंगकर पुराने संस्कारों का परिवर्तन किया जा सकता है। संगमयुग का प्रत्येक श्रेष्ठ संकल्प भविष्य के जीवन की प्रालब्ध बनाने वाला है।

 

मंजू दीदी ने ईश्वरीय सेवाओं का अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब मन की स्थिति शक्तिशाली और रूहानी औरा प्रभावशाली होता है, तो सफलता स्वतः आकर्षित होती है।

 

उन्होंने *‘संस्कार मिलन की रास’* को ईश्वरीय परिवार की विशेषता बताते हुए कहा कि यह तभी संभव है, जब हम सभी के प्रति निरंतर शुभ भावना और शुभकामना रखें। किसी निर्णय से मन विचलित हो तो शांत होकर शिवबाबा से कनेक्शन जोड़ें। परमात्मा की टचिंग एक क्षण में मन को हल्का कर सही दिशा दिखा सकती है।

 

मंजू दीदी ने कहा कि समर्थ संकल्पों की रचना कर हर कर्म में सिद्धि प्राप्त करने वाले *‘संपूर्ण मूर्त’* बनें। समय पर आने वाले दुख और धोखे से बचकर सफलता प्राप्त करने वाला ही सच्चा ज्ञानी है।

 

दीदी ने आज महीने के तीसरे रविवार के अवसर पर शाम *6:30 से 7:30 बजे* तक संगठित रूप से बैठकर विश्व की सर्व आत्माओं को पवित्रता की किरणों की सकाश देने की सेवा करने का आह्वान भी किया।

*शनिवार 15 अगस्त को टिकरापारा में सभी ने आनंद वाटिका में ध्वजारोहण भी किया।*