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Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

मोबाइल एक अनजाना नशा है, इससे मुक्ति जरूरी: बीके ईश्वरी

मोबाइल एक अनजाना नशा है, इससे मुक्ति जरूरी: बीके ईश्वरी

सांदीपनी उच्च माध्यमिक शाला, पेण्ड्री में पहुँचा 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान

**बिलासपुर।** ब्रह्माकुमारीज़ के **10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान** के अंतर्गत सांदीपनी उच्च माध्यमिक शाला, पेण्ड्री में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीके ईश्वरी दीदी ने विद्यार्थियों से कहा कि आज मोबाइल भी एक अनजाना नशा बन चुका है, जिससे समय, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, अच्छी संगति, लक्ष्य के प्रति समर्पण और नियमित राजयोग मेडिटेशन अपनाने की प्रेरणा दी।

 

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने मोबाइल सहित सभी प्रकार के नशों से दूर रहने तथा अपने जीवन को संस्कार, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित करने का सामूहिक संकल्प लिया।

 

 

 

 

 

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# मोबाइल एक अनजाना नशा है, इससे मुक्ति जरूरी: बीके ईश्वरी

 

## सांदीपनी उच्च माध्यमिक शाला, पेण्ड्री में पहुँचा 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान

 

**बिलासपुर।** ब्रह्माकुमारीज़ के **10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान** के अंतर्गत सांदीपनी उच्च माध्यमिक शाला, पेण्ड्री में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीके ईश्वरी दीदी एवं बीके राकेश भाई ने विद्यार्थियों को नशामुक्त, अनुशासित और लक्ष्यपूर्ण जीवन का संदेश दिया।

 

बीके ईश्वरी दीदी ने कहा कि आज के समय में **मोबाइल भी एक अनजाना नशा बन चुका है।** कई विद्यार्थी घंटों सोशल मीडिया और गेम्स में समय गंवा देते हैं, जिससे पढ़ाई, एकाग्रता, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संबंध प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मोबाइल का स्वामी बनने के बजाय उसका गुलाम बन जाता है, वह अपनी अमूल्य ऊर्जा और समय खो देता है।

 

उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के पाँच सूत्र बताते हुए कहा कि स्वयं को शक्तिशाली आत्मा समझें, सकारात्मक सोच रखें, अच्छी संगति अपनाएँ, अपने लक्ष्य को इतना महान बनाएँ कि व्यर्थ के लिए समय न बचे तथा प्रतिदिन राजयोग मेडिटेशन करें। आत्मविश्वास का महत्व समझाने के लिए उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि स्वयं पर विश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।

 

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के **’नशा मुक्त भारत’** संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मोबाइल सहित सभी प्रकार के नशों से दूर रहने, माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने तथा अपनी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में करने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली। दो मिनट के राजयोग मेडिटेशन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।