Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar
प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन एवं विश्वकर्मा दिवस पर प्रभु दर्शन भवन में विशेष आयोजन*
*प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन एवं विश्वकर्मा दिवस पर प्रभु दर्शन भवन में विशेष आयोजन*
*मंजू दीदी ने कहा—श्रेष्ठ विचारों और संस्कारों से करें स्वयं का निर्माण*
*दिल से दिल जोड़कर श्रेष्ठ संसार और श्रेष्ठ संस्कारों से स्वर्णिम भारत का निर्माण होगा*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए *ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी* ने कहा कि विश्वकर्मा दिवस हमें निर्माण की प्रेरणा देता है। केवल भवनों और संसाधनों का निर्माण ही नहीं, बल्कि अपने *विचारों, संस्कारों और व्यक्तित्व का निर्माण* करना ही सच्चा आत्म-निर्माण है। क्रोध, तनाव, नकारात्मकता और व्यसन जैसी कमजोरियों को दूर कर जीवन में सकारात्मकता एवं श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाना ही वास्तविक निर्माण है।
उन्होंने कहा कि हाथों में जलाया गया दीप केवल बाहरी अंधकार को दूर करने का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह *शुभ संकल्पों और शुभ भावनाओं का प्रकाश* है। एक दीपक की रोशनी की तरह हमारे श्रेष्ठ विचार भी परिवार और समाज में सकारात्मकता का प्रकाश फैला सकते हैं।
*आशीर्वाद के दीपों के साथ शुभकामनाएं*
सभी साधकों ने हाथों में दीप लेकर *“एक दिया और दुआ का हम जलाएं, रोशनी से दिल का अंधियारा मिटाएं”* के भाव के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। दीप प्रज्वलन के साथ आत्म-निर्माण, सेवा और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक संकल्प भी लिए गए।
*आत्म-निर्माण के पांच संकल्प**
इस अवसर पर कौशल संवर्धन, कार्य में ईमानदारी एवं गुणवत्ता, क्रोध-तनाव और नकारात्मकता पर विजय, व्यसनमुक्त जीवन तथा प्रतिदिन राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करने के पांच संकल्प लिए गए।
कार्यक्रम का संदेश रहा कि **केवल ईंट से ईंट जोड़कर भवन नहीं, बल्कि दिल से दिल जोड़कर श्रेष्ठ संसार और श्रेष्ठ संस्कारों से स्वर्णिम भारत का निर्माण करना है।*
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