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Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

अच्छी संगति और संस्कार ही बनाएंगे विकसित भारत की नींव – बीके समीक्षा*

*अच्छी संगति और संस्कार ही बनाएंगे विकसित भारत की नींव – बीके समीक्षा*

*मोबाइल भी नशा है, इससे बचें; श्रेष्ठ चरित्र ही असली सफलता*

*बिलासपुर |* ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज़ के **10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान** का संदेश टिकरापारा और दयालबंद के *ट्विंकल पब्लिक स्कूल एवं शांतिनिकेतन पब्लिक स्कूल* तक पहुंचा। ब्रह्माकुमारी *मंजू दीदी के मार्गदर्शन* में आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी *समीक्षा दीदी* ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के साथ ही नैतिक मूल्यों, अच्छी संगति और चरित्र निर्माण के लिए प्रेरित किया।

*मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने की दी सीख*

समीक्षा दीदी ने कहा कि नशा केवल शराब, सिगरेट या अन्य मादक पदार्थों का नहीं होता। आज *मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी बच्चों और युवाओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहा है।* उन्होंने मोबाइल की तुलना गहरे सागर से करते हुए कहा कि विद्यार्थी इसमें अपना कीमती समय न गंवाएं। यदि नशा करना ही है तो *पढ़ाई, प्रगति और अपने उज्ज्वल भविष्य का नशा करें।*

*पद से नहीं, व्यवहार से बनता है व्यक्तित्व*

उन्होंने कहा कि केवल डॉक्टर, इंजीनियर या कलेक्टर बनना ही सफलता नहीं है। वास्तविक सफलता तब है, जब व्यक्ति का *व्यवहार अच्छा हो, चरित्र श्रेष्ठ हो और वह दूसरों के लिए प्रेरणा बने।* विद्यार्थियों को सुबह जल्दी उठने, ध्यान-योग, व्यायाम और पौष्टिक भोजन जैसी स्वस्थ आदतें अपनाने की सीख दी।

*संगति और आदतें तय करती हैं भविष्य*

चरित्र निर्माण को समझाने के लिए समीक्षा दीदी ने *चित्रकार और कैदी की प्रेरक कहानी* सुनाई। उन्होंने बताया कि एक मासूम बच्चे की तस्वीर वर्षों बाद एक अपराधी के रूप में सामने आई। कहानी के माध्यम से उन्होंने समझाया कि **गलत संगति और बुरी आदतें व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती हैं।** इसलिए विद्यार्थियों को हमेशा अच्छी संगति और श्रेष्ठ संस्कारों का चयन करना चाहिए। संदेश दिया— *“जैसा संग, वैसा रंग।”*