Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar
*करवा चौथ पर प्रभु दर्शन भवन में सद्गुरुवार विशेष सत्संग : आपसी समझ, स्वीकार्यता और शुभभावना का संदेश;**
*रिश्ते प्रेम और विश्वास से होते हैं मजबूत : मंजू दीदी*
*करवा चौथ पर प्रभु दर्शन भवन में सद्गुरुवार विशेष सत्संग : आपसी समझ, स्वीकार्यता और शुभभावना का संदेश;**
*बिलासपुर टिकरापारा।* करवा चौथ व्रत और परंपरा निभाने के साथ जीवनसाथी के प्रति प्रेम, विश्वास और समर्पण की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। रिश्तों की वास्तविक सुंदरता बाहरी सजावट से नहीं, बल्कि आपसी समझ, सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं को स्वीकार करने से आती है। यह विचार ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने टिकरापारा स्थित प्रभु दर्शन भवन में आयोजित सद्गुरुवार विशेष सत्संग में व्यक्त किए।
दीदी ने कहा कि व्रत के पीछे छिपी प्रेम और शुभकामना की भावना को समझना जरूरी है। जीवनसाथी की सलामती और सुखी जीवन की कामना के साथ रिश्ते में धैर्य, आत्मसंयम और एक-दूसरे की देखभाल भी आवश्यक है। सच्चा प्रेम केवल किसी विशेष दिन या परंपरा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि रोजमर्रा के व्यवहार में सम्मान, विश्वास और सहयोग के रूप में दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में खूबियों के साथ कुछ कमियां भी होती हैं। रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए एक-दूसरे की कमियों को बार-बार दोहराने के बजाय उन्हें स्वीकार करना और सुधार का अवसर देना चाहिए।
मुख्य प्रशासिका बीके मोहिनी दीदी जी की प्रेरणाओं को सुनाते हुए आपने कहा कि किसी के व्यवहार से आहत होकर नकारात्मक प्रतिक्रिया देने के बजाय शांत रहकर परिस्थिति को संभालना सीखें। *पीस मेकर बनें, ब्रेकर नहीं।*
परमात्मा के अव्यक्त इशारों का उल्लेख करते हुए दीदी ने कहा कि किसी के प्रति नफरत रखने के बजाय उसके प्रति भी उपकार और कल्याण की भावना रखनी चाहिए। दूसरों के लिए शुभकामनाएं और दुआएं देना पुण्य कर्म है। परमात्मा की श्रीमत पर चलते हुए प्रेम, पवित्रता और श्रेष्ठ संस्कारों को जीवन में अपनाएं। *सच्चा प्रेम वही है, जो केवल एक दिन नहीं, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर सम्मान, विश्वास और साथ निभाने में दिखाई दे।*







