Connect with us
 

Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

भीतर के क्रोध व विकारों को मिटाना ही सच्चा दशहरा” — ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी* 

प्रेस विज्ञप्ति / विशेष समाचार

*चैतन्य देवियों की झांकी का अलौकिक समापन*

*”भीतर के क्रोध व विकारों को मिटाना ही सच्चा दशहरा” — ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी*

शिव अनुराग भवन राजकिशोर नगर में संपन्न हुआ भव्य नवरात्रि महोत्सव

२२ अक्टूबर से ७-दिवसीय निःशुल्क राजयोग मेडिटेशन शिविर की घोषणा :

**बिलासपुर।** राज किशोर नगर स्थित शिव-अनुराग भवन में नवरात्रि पर सजी चैतन्य देवियों की झांकी का दशहरे पर समापन हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं को विजयादशमी का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए मन की बुराइयों को त्यागने और श्रेष्ठ संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। श्रद्धालुओं ने नशामुक्त जीवन जीने और अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।

 

*रावण दहन के साथ मन के विकारों को मिटाना जरूरी*

 

ब्रह्माकुमारीज टिकरापारा सेवा केंद्र की प्रभारी मंजू दीदी ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले का दहन करने का पर्व नहीं है, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त करने का संदेश देता है। काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, घृणा, द्वेष, आलस्य, अलबेलापन और भय जैसे 11 विकार मनुष्य की शांति और सुख को प्रभावित करते हैं। इन विकारों को त्यागकर जीवन में प्रेम, शांति और पवित्रता अपनाना ही सच्ची विजयादशमी है।

 

*क्रोध से परिवार में अशांति बढ़ती है*

 

मंजू दीदी ने क्रोधमुक्त जीवन पर जोर देते हुए कहा कि क्रोध का प्रभाव परिवार और समाज के वातावरण पर पड़ता है। उन्होंने कहा, “क्रोध से घर के पानी के मटके भी सूख जाते हैं।” इसलिए स्वयं क्रोध करने से बचना चाहिए और दूसरों के क्रोध के समय भी धैर्य व शांति बनाए रखनी चाहिए। श्रद्धालुओं को अपने जीवन की किसी बुरी आदत को छोड़ने और श्रेष्ठ गुण अपनाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया।

 

*चैतन्य देवियों की स्थिर मुद्रा रही आकर्षण का केंद्र*

 

झांकी में देवियों के स्वरूप में सजी बालिकाओं और ब्रह्माकुमारी बहनों की शांत एवं एकाग्र मुद्रा ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।

 

*नशामुक्त जीवन और श्रेष्ठ संस्कार अपनाने की प्रेरणा*

 

पतंजलि बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ कुश श्रीवास्तव एवं लायंस डॉ. लव कुमार श्रीवास्तव सहित झांकी में पहुंचे श्रद्धालुओं को नशे और व्यसनों से दूर रहने तथा परिवार में अच्छे संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया। बुरी आदतों को छोड़ना, क्रोध पर नियंत्रण रखना और मोबाइल का सदुपयोग करना भी जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताए गए।

 

*22 अक्टूबर से निःशुल्क राजयोग शिविर*

 

मन की शांति, एकाग्रता और सकारात्मक जीवनशैली के उद्देश्य से 22 से 28 अक्टूबर तक सात दिवसीय निःशुल्क राजयोग मेडिटेशन शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर शिव-अनुराग भवन, राज किशोर नगर और प्रभु दर्शन भवन, टिकरापारा में प्रतिदिन सुबह व शाम 7 से 8:15 बजे तक चलेगा।

Continue Reading
Advertisement