Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar
*चैतन्य दीपक बनकर दूसरों के जीवन में खुशियों का प्रकाश फैलाएं : ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी* *शिव अनुराग भवन में दीपावली उत्सव*
*राज किशोर नगर, बिलासपुर।* दीपावली का असली आनंद तभी है, जब हमारे जीवन का प्रकाश दूसरों के चेहरे पर भी मुस्कान लाए। हम स्वयं चैतन्य दीपक बनकर किसी के दुख दूर करें, अशांत मन को शांति दें और अपने स्नेह से दूसरों का जीवन खुशियों से भर दें। यह प्रेरणादायी संदेश ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने शिव अनुराग भवन, राजकिशोर नगर के शिव सानिध्य सभागार में आयोजित दीपावली उत्सव में दिया।
मंजू दीदी ने कहा कि जिस प्रकार एक दीपक अपने प्रकाश से आसपास के अंधकार को दूर करता है, उसी प्रकार परमात्मा की याद से जगमगाती आत्मा अपने गुणों और शक्तियों से दूसरों के जीवन में सुख, शांति और खुशियां भर सकती है। दीपावली पर घरों को रोशन करने के साथ अपने श्रेष्ठ संकल्पों, मधुर वाणी और निस्वार्थ स्नेह से हर आत्मा के जीवन में उजाला फैलाएं। यही सच्ची रूहानी सेवा है।
*पुराने संस्कारों को विदाई, नए गुणों का स्वागत*
दीपावली पर पुराने बही-खाते समाप्त कर नए खाते शुरू करने की परंपरा का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए दीदी ने कहा कि हमें भी क्रोध, चिड़चिड़ापन, घृणा और आलस्य जैसे पुराने संस्कारों को समाप्त कर प्रेम, शांति, सहनशीलता और खुशी के नए संस्कार अपनाने चाहिए। मन में शुभ संकल्प, वाणी में मधुरता और कर्मों में श्रेष्ठता लाकर हर दिन को खुशियों का उत्सव बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि विशेष अवसरों पर अपनी रूहानी स्थिति में रहकर लाइट हाउस और माइट हाउस बनें तथा अपने पवित्र वाइब्रेशंस से विश्व की आत्माओं को शांति और शक्ति दें।
**गीतों और दीपों से जगमगाया उत्सव**
कार्यक्रम में बालिकाओं शिवानी, अनन्या सहित अन्य ने दीपावली के ईश्वरीय गीतों पर आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सभी ने दीप एवं मोबाइल की रोशनी से विश्व शांति का संदेश दिया। अंत में परमात्मा को भोग स्वीकार कराने के पश्चात सभी को वितरित किया गया।
























