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Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

जीवन सफल बनाने के लिए सम्मान दो, समाना सीखो – ब्रह्माकुमार राजू भाई, माउंट आबू* 

जीवन सफल बनाने के लिए सम्मान दो, समाना सीखो – ब्रह्माकुमार राजू भाई, माउंट आबू*

 

**ब्रह्माकुमार राजू भाईजी द्वारा शिव-अनुराग भवन में ‘दिव्यता और रूहानी प्यार’ पर विशेष क्लास**

**बिलासपुर,[10/10/2025]:** ब्रह्मा कुमारीज़ शिव अनुराग भवन, राज किशोर नगर में माउंट आबू से पधारे ब्रह्माकुमार राजू भाईजी द्वारा “ज्ञान मुरली: दिव्यता और रूहानी प्यार” विषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम का मंच संचालन करते हुए मंजू दीदी ने बतलाया कि ब्रह्माकुमारीज़ के ग्राम विकास प्रभाग के उपाध्यक्ष राजू भाईजी, जिन्हें प्यार से ‘मुरली वाले भाई जी’ भी कहा जाता है, का आगमन अचानक का वरदान कहा जा सकता है क्योंकि भाईजी का अत्यंत व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद सेवाकेंद्र आगमन अचानक हुआ।

 

**ज्ञान मुरली पर गहन चिंतन:**

 

राजू भाईजी ने अपने प्रवचन में ज्ञान मुरली के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि यह मुरली हमारे जीवन को बदल देती है। उन्होंने मुरलीधर **स्वयं भगवान** द्वारा संगम पर बच्चों के सामने ज्ञान की मुरली बजाने का रहस्य बताया।

 

*उन्होंने ज्ञान मुरली की तुलना सपेरे की बांसुरी से करते हुए समझाया कि परमात्मा ऐसी मुरली चलाते हैं जिससे बच्चे मग्न हो जाते हैं और उनके विकारों रूपी दांत निकल जाते हैं और उनसे मानव कल्याण की सेवा कराकर भाग्य बनाते हैं।*

 

*उन्होंने उल्लेख किया कि जैसे कृष्ण ने गोकुल से मथुरा जाते समय गोपियों को मुरली दे दी थी, वैसे ही भगवान ने संगमयुग पर ज्ञान मुरली गोपियों अर्थात् ब्रह्मा कुमारी बहनों के हाथ में दी है*, जो प्रतिदिन क्लास में सुनाती हैं।

 

भाईजी ने दैनिक जीवन में आने वाले विघ्नों और समस्याओं से निपटने के लिए दो मुख्य विधियां बताईं 1.*दाता बनो:** दूसरों को **मान, सम्मान, स्नेह** दो—अर्थात देना सीखो। 2. *समाना सीखो* कोई भी गलत या व्यर्थ बात या विघ्न आने पर उसका वर्णन या चिंतन न करें, बल्कि उसे अंदर *समा लो* जैसे सागर कीचड़ और गंदगी को समा लेता है, उसी तरह हमें नेगेटिव बातों को किनारे लगाना है। उन्होंने मुरली के ज्ञान को केवल खाने अर्थात् सुनने नहीं, बल्कि **पचाने** अर्थात् मनन और चिंतन करने पर जोर दिया, ताकि शक्ति प्राप्त हो सके।

 

उन्होंने सभी को **सदा निश्चिंत जीवन** जीने का संदेश दिया, क्योंकि सोचने का काम बाबा को दे दिया गया है।

 

पूरा वातावरण रूहानी प्यार और दिव्यता से ओतप्रोत था। इस दौरान प्रीति बहन ने “तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आई हूं” गीत पर स्वागत नृत्य किया।

 

इस आध्यात्मिक सभा में ग्राम विकास प्रभाग के संयोजक ब्रह्माकुमार सुमंत भाई, बीके राखी बहन, अन्य ब्रह्माकुमारी बहनें-भाई सहित टिकरापारा और राजकिशोर नगर सेंटर के विद्यार्थी और अन्य माताएं व भाई-बहन उपस्थित रहे। राजू भाईजी ने सभी माताओं और भाई-बहनों को भोग देकर आशीर्वाद दिया।

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