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brahmakumaris Tikrapara

सांस्कृतिक कार्यक्रम व पपेट शो से दिया वृक्ष हर घर को नशे से मुक्त करने मे बच्चे बन सकते है महत्वपूर्ण कड़ी संरक्षण और संगठन की शक्ति का संदेश

सादर प्रकाश नार्थ
प्रेस विज्ञप्ति

*न काटो मुझे…. बड़ा दुखता है…*
*_मै न रहा तो, न रहेगा पानी, मुझसे है सांसों की तुझमे रवानी…_*

*सांस्कृतिक कार्यक्रम व पपेट शो से दिया वृक्ष संरक्षण और संगठन की शक्ति का संदेश*

*प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा में बाल संस्कार शिविर के साथ मनाया गया पर्यावरण दिवस*

*हर घर को नशे से मुक्त करने मे बच्चे बन सकते है महत्वपूर्ण कड़ी: बीके मंजू*

बिलासपुर: प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा में बाल संस्कार शिविर के पांचवां दिन उमंग उत्साह से भरपूर रहा। मंजू दीदी ने बच्चों को अपने अपने घर को नशा से मुक्त करने की प्रेरणा दी। दीदी ने कहा कि जो प्रेरक कहानियां एवं नारे यहां सुनाई जा रही है उसे घर जाकर सुनाये। एक राजकुमार को संत ने नशे के चार फायदे बताये । पहला घर मे चोर नही आयेगा क्योंकि रात भर खांसते रहोगे। दूसरा कुत्ते नही काट सकते क्योंकि पैर कमजोर होने से हमेशा डंडा साथ रखोगे। तीसरा पालकी पर चलोगे क्योंकि दोनों पैर काटना पडेगा। बूढे नही होगे क्योंकि जवानी मे ही राम नाम सत्य हो जायेगा। बच्चों को यह स्लोगन याद करा दिया गया कि नशा तो ऐसी आदत है, सीधे मौत को दावत है….

कु राधिका ने “न काटो मुझे दुखता है” गीत पर पेड के कटने पर पीडा के भाव को नृत्य द्वारा प्रस्तुत किया। कु पी नीलीशा ने जल संरक्षण के महत्व को बखूबी बताया। कु तनु ने पांच तत्व की पुकार एवं कल्पतरूह गीत पर सुन्दर प्रस्तुति दी। सभी बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर बहुत सुंदर सुंदर ड्राइंग बना कर प्रस्तुत किया ।

सरस्वती शिशु मंदिर से सरला भूरंगी, नलिनी, रजनी, वृंदा एवं दुर्गा बहनों ने शिक्षाप्रद पपेट शो की प्रस्तुति देकर खूब मनोरंजन किया। वृक्ष और लकडहारे के बीच संवाद से आजीविका और पर्यावरण के बीच संतुलन का महत्व समझाया। दुसरे प्रसंग मे संगठन का महत्व बताया कि किस प्रकार एकता से सफलता मिल जाती है ।

अंत मे दीदी ने सभी को पौधा वितरित किया और पर्यावरण संतुलन के लिये शपथ दिलाई। सभी को सेवाकेन्द्र के बाबा की कुटिया में लगे आम के पेड़ के रसीली मीठी आम का भोग दिया।

कार्यक्रम की यूट्यूब लिंक

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