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Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

भगवान का साथ ही जीवन का सबसे बड़ा इन्शुरन्स-डॉ. बीके शिवलाल

*भगवान का साथ ही जीवन का सबसे बड़ा इन्शुरन्स-डॉ. बीके शिवलाल*

शिव अनुराग भवन में डॉ. बीके शिवलाल भाई ने दिए खुशहाल और तनावमुक्त जीवन के सूत्र

*बिलासपुर।* राजकिशोर नगर स्थित *शिव अनुराग भवन* में आयोजित विशेष आध्यात्मिक सत्र में कनाडा एवं नॉर्थ अमेरिका के जनरल मैनेजर तथा अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर *डॉ. बीके शिवलाल भाई कावले* ने आध्यात्मिकता, सकारात्मक सोच और राजयोग के माध्यम से जीवन को सरल एवं सफल बनाने के प्रेरणादायी सूत्र साझा किए। कार्यक्रम में शहर के अनेक भाई-बहनों, युवाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

 

अपने प्रभावशाली संबोधन में डॉ. शिवलाल भाई ने कहा कि आज दुनिया में तनाव, भय और अशांति का मुख्य कारण आत्मिक शक्ति की कमी है। यदि मनुष्य स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा से संबंध जोड़ ले, तो जीवन की बड़ी से बड़ी समस्या भी सहज प्रतीत होने लगती है। उन्होंने कहा कि “सारा खेल मन का है। मन मजबूत है तो परिस्थितियाँ भी कमजोर पड़ जाती हैं।”

 

सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि *“भगवान का साथ ही जीवन का सबसे बड़ा इन्शुरन्स है, जो हर परिस्थिति में आत्मा को सुरक्षा, शक्ति और सहारा देता है।”* इस उदाहरण ने उपस्थित श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि संसार के संबंध केवल शरीर तक सीमित हैं, जबकि परमात्मा आत्मा का सच्चा साथी है।

 

डॉ. शिवलाल भाई ने जीवन को सुखी, शांत और शक्तिशाली बनाने के लिए ‘निरंतर कर्मयोगी’ बनने के 12 विशेष सूत्र भी बताए। उन्होंने आत्म-स्मृति, आत्मिक दृष्टि, ईश्वरीय स्मृति, कृतज्ञता, पवित्र भोजन, अमृतवेला योग, ट्रैफिक कंट्रोल तथा क्षमा भाव को जीवन में अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हर कार्य से पहले *“मीठे बाबा (परमपिता) आ जाओ”* और कार्य पूर्ण होने पर *“शुक्रिया बाबा”* कहना आत्मिक शक्ति को बढ़ाता है।

 

उन्होंने एक सुंदर उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे कुएँ से पानी निकालने में चकरी भारी भार को सहज बना देती है, उसी प्रकार राजयोग जीवन के कठिन कार्यों को सरल बना देता है। उन्होंने कहा कि *“मानो तो मौज है, नहीं तो समस्या तो हर रोज है।”*

 

कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. शिवलाल भाई का भारतीय परंपरा के अनुसार बीके रूपा बहन, ज्ञाना बहन व गायत्री बहन ने तिलक एवं पुष्पगुच्छ से आत्मीय स्वागत किया गया। पूरे सत्र के दौरान वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से ओत-प्रोत रहा। अंत में सभी को ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया।

 

*— मीडिया प्रभाग, ब्रह्माकुमारीज़, बिलासपुर*