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माउंट आबू से मीडिया महासम्मेलन मे सेवा देकर लौटी बिलासपुर टिकरापारा की टीम
कान्फ्रेन्स का विषय था- स्वस्थ और खुशहाल समाज के लिये आध्यात्मिक सशक्तिकरण – मीडिया की भूमिका
राजकिशोर नगर शिव अनुराग भवन में चैतन्य देवी झांकी का शुभारंभ आज से
बिलासपुरः ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू मे मिडिया से जुड़े लोगों के लिये 26 से 30 सितंबर तक शिविर का आयोजन किया था। छत्तीसगढ़ मीडिया को-आर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी अपनी टीम के साथ वहां सेवा देने गई थी, उनकी टीम 1 अक्तूबर को लौटी है।
मंजू दीदी ने बताया कि भारत व नेपाल से लगभग एक हजार मीडिया कर्मी माउंट आबू के आनंद सरोवर परिसर में आयोजित कान्फ्रेंस मे भाग लिये। बिलासपुर को प्रारंभिक सत्र राजयोग और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ग्राफ़िक डिज़ाइनिंग की जिम्मेदारी मिली।
कान्फ्रेस के विषय पर प्रकाश डालते हुए मंजू दीदी ने कहा कि आत्मिक शक्ति की कमी के कारण ही समाज में विभिन्न विसंगतियां एवं भ्रांति उत्पन्न हो रही है। मोबाइल इंटरनेट के जरिये मीडिया की हर व्यक्ति तक पहुंच सहज रूप से हो गई है। इसलिए समाज मे आध्यात्मिक सशक्तिकरण मे मीडिया बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसे और किस प्रकार से प्रभावशाली बनाया जाय इस पर विद्वानो ने अपने मत रखे।
बीके ईश्वरी बहन ने बताया कि विशेष सेवा के लिये मंजू दीदी, विक्रम भाई, प्रीति बहन और गौरी बहन को स्मृति चिन्ह देकर मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक ब्रह्मा कुमार शांतनु भाई जी के द्वारा सम्मानित किया गया ।
मंजू दीदी ने जानकारी दी राजकिशोर नगर स्थित शिव अनुराग भवन परिसर में आज से चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन किया जा रहा है। देवियों की एकाग्रता के रुप में राजयोग का सुन्दर उदाहरण देखने को मिलेगा।

शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे चैतन्य देवियों की झांकी प्रारंभ

परमात्मा से आशीर्वाद मांगना नही बल्कि प्यार से याद करने से ही आशीर्वाद के पात्र बनेंगेबीके प्रीति

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे प्रतिवर्ष की भाँति चैतन्य देवियों की झांकी सजायी गई है। अभी एक देवी से झांकी प्रारंभ हो गयी है, पंचमी से नौ देवियों से झांकी सुसज्जित हो जायेगी।

परमात्मा के महावाक्य पर चिन्तन करते बीके प्रीति ने कहा कि आशीर्वाद या कृपा मांगने की चीज नही है। परमात्मा को प्यार से याद करने से ही हम परमात्मा के आशीर्वाद के पात्र बन जाते है। परमात्मा से आशीर्वाद मिलने की निशानी है स्वयं के चरित्र मे सुधार आना। चरित्रवान व्यक्ति कभी भी अवैधानिक कार्य नही करते। परमात्मा की श्रीमत ही ईश्वरीय विधान है जिस पर चलने से आत्मा पवित्र होती जाती है।

आगे कहा कि परमात्मा हमे याद दिलाते है कि सतयुग मे हमारे दैवीय चलन थे, आज हम देवी देवताओं की पूजा तो करते है पर यह भी चेक करना है कि क्या अभी हमारे दैवीय चलन है?

राजयोग के अभ्यास से पुराने विकार भस्म कर दैवीय चलन धारण करना है।

अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे सजी है चैतन्य देवियों की झांकी

कर्मभोग का ज्ञान हो तो हर परिस्थिति मे अचल रहेंगे: बीके ईश्वरी

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे चैतन्य देवियों की झांकी सुसज्जित हो गई है।
परमात्मा के महावाक्य पर चिन्तन करते ईश्वरी बहन ने कहा कि बीमारी, धनहानि या अन्य किसी रूप मे जब कर्मभोग आता है तो मनुष्य विचलित हो जाते है। खास तौर पर बच्चों मे सहनशक्ति की बहुत कमी है इस कारण बडी बात न होते भी वे गंभीर कदम उठा लेते है। लेकिन यह अटल सत्य है कि कर्म का फल भोगना ही पडेगा, भले ही वह कर्म हमने पूर्व के जन्मों मे क्यो न किया हो। आत्मा मे कर्म का हिसाब किताब मर्ज रहता है और इसके साथ ही वह अगला जन्म लेती है।

आगे कहा कि अभी सभी मनुष्यों का कल्प का अंतिम जन्म है इसलिये जन्म जन्मान्तर के पाप कर्मो कर्मभोग के रूप मे इस जन्म मे अवश्य आयेंगे। अगर कर्मगति का यथार्थ ज्ञान बुद्धि मे रहेगा तो विपरीत परिस्थितियों मे भी अचल अडोल स्थिति रहेगी।
इसलिए चलते फिरते अगर कर्मो का हिसाब किताब आता है तो उसमे मन को हिलाओ नही, स्थिति को नीचे उपर नही करो। चलो आया तो परखकर उसे दूर से ही खत्म कर दो। उससे युद्ध मत करो। परमात्मा को हमेशा साथ रखो और निश्चय कि हमारी विजय निश्चित है इस फाउंडेशन को पक्का करो तो परिस्थिति सहज पार हो जायेगी।

अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे चैतन्य देवियों की झांकी सुसज्जित

शांति का मार्ग सहज है पर हम कठिन मार्ग चुनकर असहज बना देते है: बीके मंजू

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे आज से नौ देवियों की झांकी का दर्शनलाभ श्रद्धालु ले सकते है। झाँकी के बीच चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से परमात्मा शिव एवं शिवशक्तियों का परिचय भी दिया जायेगा।

परमात्मा के महावाक्य पर चिन्तन करते बीके मंजू ने कहा कि कल्प का अंतिम जन्म होने के कारण मनुष्य कर्मभोग जैसे बीमारी, अकालमृत्यु, धनहानि, चरित्रहनन इत्यादि के रूप मे आने पर विचलित हो जा रहे है। भय और अशांति के कारण कठिन मार्ग का अनुसरण कर रहे है। शांति का मार्ग सहजमार्ग है, आत्मा का स्वधर्म ही शांति है। शांति के सागर एक परमात्मा की यथार्थ याद से शांति का अनुभव स्वतः होने लगता है। इसके लिये कही भटकने अथवा साधन सुविधा की आवश्यकता नही है। एक परमात्मा का यथार्थ परिचय सभी उलझन से मुक्त कर देता है।

मंजू दीदी ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति मे किसी भी व्यक्ति के लिये नकारात्मक विचार उत्पन्न न हो यही श्रेष्ठ स्थिति है।

शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे झांकी का चौथ दिन

13 से 19 अक्टूबर तक श्रीमदभगवदगीता का आयोजन

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे चैतन्य देवियों की झांकी देखने श्रद्धालु पहुच रहे है। बीके गायत्री ने बताया कि पंचमी से झांकी का समय सायं आठ बजे से रात्रि ग्यारह बजे तक रहेगा।

उन्होंने बताया कि 13 से 19 अक्टूबर तक श्रीमदभगवदगीता पर आधारित घर घर महाभारत से गीता ज्ञान का उदय विषय पर प्रतिदिन सायं साढे छः से आठ बजे तक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी का व्याख्यान होगा। 13 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक राजयोग शिविर का भी आयोजन किया जायेगा जो प्रतिदिन सुबह आठ से नौ बजे एवं सायं सात से आठ बजे तक होगा। किसी भी एक समय शामिल होकर शिविर का लाभ ले सकते है।
पाजिटिव थिंकिंग की क्लास मे मंजू दीदी ने कहा कि संकल्प बोल और कर्म करते वृत्ति श्रेष्ठ रहे तभी परिवर्तन संभव है। आज मनुष्य अनुभव को महत्व देता है। ज्ञान सुनकर परिवर्तन मे समय लगता है। लेकिन श्रेष्ठ वृत्ति का प्रकंपन बहुत जल्दी और दूर तक असर करता है। पर यह तभी फलीभूत होगा जब किसी एक के लिये भी नकारात्मक संकल्प न हो।

ध्यानमग्न श्रृंगारित देवियों को देख मंत्रमुग्ध हो रहे है श्रद्धालु

झांकी देखने के साथ अपने अंदर भी झांकना है कि हमारा चरित्र कैसा है: बीके गायत्री

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे चैतन्य देवियों की झांकी देखने श्रद्धालु पहुच रहे है। आज पुलिस विभाग से काफी संख्या मे पहुँचकर झांकी का दर्शन किये और व्यवस्था का जायजा लिया।

बीके गायत्री ने कहा कि झाँकी देखकर हमारे मन मे देवियो के प्रति श्रद्धा भाव जगते है, पर इसके साथ ही हमे अपने अंदर भी झांकना है कि दैवीय चरित्र हमारे अंदर कितना है। परमात्मा चाहते है कि उनकी हर संतान श्रेष्ठ आचरणधारी हो।

आगे कहा कि राजयोग चरित्र परिवर्तन का सहज मार्ग है। संगठन मे राजयोग का अभ्यास कराने 13 अक्तूबर से प्रातः आठ से नौ एवं सायं सात से आठ बजे शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे निःशुल्क शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमे किसी भी एक समय शामिल होकर राजयोग का अभ्यास कर सकते है।

शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर में चैतन्य देवियों की झाँकी

जीते जी सेवा करना ही सच्ची सेवा है: बीके मंजू

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर में चैतन्य देवियों की झाँकी आकर्षण का केन्द्र बना है जहाँ नौ देवियो के दर्शन एक ही स्थान पर कर पा रहे है।

पाजिटिव थिंकिंग की क्लास मे मंजू दीदी ने कहा कि शरीर छोडने के बाद जिस तरह रस्म रिवाज मे धन व समय खर्च करते है वही सेवा उनके जीते जी करे तो प्रत्यक्ष खुशी और दुआ मिलेगी। शरीर का मूल्य तब तक है जब तक उसमे आत्मा है। आत्मा ही शरीर द्वारा सुख दुःख का अनुभव करती है। भोजन, वस्त्र, सामग्री सभी शरीर के लिये है। अतः शरीर छूटने के बाद सिर्फ हमारी भावनाएं ही आत्मा तक पहुंचती है वह बिना खर्च किये।

प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा मे सतगुरु वार का भोग स्वीकार कराया गया

आत्मा रूपी ज्योत को जगाने का यादगार है नवरात्रि मे ज्योत जगाना: बीके रूपा

बिलासपुरः प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा मे सतगुरु वार का भोग परमात्मा को स्वीकार कराया।
बीके रूपा ने कहा कि जब आत्मा जगी हुई थी तो जीवन मे अपार सुख शांति थी। विकारों की प्रवेशता ने आत्मा की ज्योति को बुझा दिया है। अब परमात्मा आकर बुझी आत्माओं की ज्योति जगा रहे है। यही वह अज्ञान नींद की घोर रात्रि का समय है जब परमात्मा द्वारा दिये ज्ञान से नये युग का उदय अर्थात नवरात्रि की बेला है। इसी का यादगार नवरात्रि का पर्व है जिसमे मंदिरो मे अखंड ज्योत जलाया जाता है।

आगे कहा कि अगर अब भी हम अपने आत्मा रूपी ज्योत को परमात्म ज्ञान का घृत डालकर जगाकर नही रखे तो अंत समय सिर्फ पश्चाताप ही रह जायेगा।

अंत मे सभी ने परमात्मा की याद मे भोग ग्रहण किया।

सहस्र ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर अभिभूत हो रहे श्रद्धालु

शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर में सजी है दस चैतन्य देवियों की झाँकी

विश्व का राज्य भाग्य योगबल से ही प्राप्त हो सकेगी: बीके मंजू

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर में चैतन्य देवियों की झाँकी रात्रि सात बजे से ग्यारह बजे श्रद्धालुओं के लिये खुली है। झाँकी के साथ सहस्र ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर श्रद्घालुगण अभिभूत हो रहे है।

पाजिटिव चिंतन की क्लास मे बीके मंजू ने कहा कि आज पूरे विश्व मे साइंसबल का बोलबाला है। परमाणु शस्त्रों से लैस देश यह सोचते है कि बाहुबल से पूरे विश्व पर शासन कर सकते है। पर आने वाली दुनिया तो सुख शांति की पवित्र दुनिया होगी। पूरे विश्व मे एक धर्म, एक भाषा, एकमत का राज्य होगा। लेकिन एसी दुनिया का राज्य भाग्य योगबल से प्राप्त कर सकते है।

आगे कहा कि सहनशीलता का गुण परमात्मा का प्यार पाने आवश्यक है। मोहब्बत मे कुछ भी सहन करना सहज होता है।

चैतन्य देवियों की दृष्टि प्राप्त कर अभिभूत हो रहे भक्त गण

इच्छा मात्रम अविद्या से अपने अंदर का रावणदहन संपन्न करे: बीके मंजू

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे चैतन्य देवियों की पवित्र दृष्टि से भक्तगण खुशी एवं शांति का अनुभव कर रहे है। सहस्त्र ज्योतिर्लिंग भी विशेष आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

पाजिटिव थिंकिंग की क्लास मे बीके मंजू ने कहा कि हद की इच्छाओं के पीछे भागेंगे तो परछाई की तरह उसे कभी पकड़ नही पायेंगे। जैसे ही विनाशी इच्छाओं की तरफ पीठ कर लेंगे तो वे परछाई की तरह पीछे पीछे चलेगी। ये इच्छाएं ही दरअसल रावण है जिस पर विजय प्राप्त कर सच्ची दशहरा मनायेंगे।

बीके गायत्री ने कहा कि झाँकी देखने से जो खुशी शांति शक्ति की अनुभूति हो रही है वह हमेशा बढती रहे इसके लिये नि:शुल्क राजयोग अनुभूति शिविर 13 से 19 अक्टूबर तक शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे दो पाली सुबह आठ से नौ एवं सायं सात से आठ बजे तक रखा गया है जिसमे 15 वर्ष से उपर कोई भी भाग ले सकते है।

शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे चैतन्य देवियों की झांकी

बुरा व्यक्ति कोई नही पर बुराई सबके अंदर, बुराईयों का दहन ही सच्ची दशहरा: बीके मंजू

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे चैतन्य देवियों की झांकी एवं सहस्र ज्योतिर्लिंग दर्शन करने श्रद्धालु पहुंच रहे है।साइंस के साधन से एक साथ सहस्र ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर लोग अचंभित भी हो रहे है।

बीके मंजू ने सभी को दशहरा उत्सव की बधाई दी और शुभकामना दी कि सभी का जीवन रामराज्य की तरह सुखशांति से भरपूर हो।

आगे कहा कि सृष्टि नाटक बहुत ही सुन्दर बना हुआ है एवं सभी अपना किरदार बखूबी निभा रहे है इसलिये किसी के किरदार को देख नफरत घृणा का भाव उत्पन्न नही होना चाहिए।कोई व्यक्ति बुरा नही है पर दस विकार किसी न किसी रूप मे सभी के अंदर है। इन विकारों पर विजय प्राप्त करना ही सच्ची दशहरा मनाना है। जब हम किसी के किरदार को स्वीकार कर लेते है तो विरोध समाप्त हो परिवर्तन की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है अपने अंदर की बुराई का अच्छाई मे परिवर्तन ही कलयुगी सृष्टि को सतयुगी सृष्टि मे परिवर्तन कर देती है। ब्रह्माकुमारी का विशेष नारा है स्वपरिवर्तन से विश्व परिवर्तन।

बीके गायत्री ने बताया कि शिव अनुराग भवन मे रविवार से दो पाली मे निःशुल्क राजयोग मेडिटेशन कोर्स प्रारंभ हो रहा है। सुबह आठ से नौ बजे एवं सायं सात बजे से आठ बजे तक। अगर कोई रजिस्ट्रेशन नही करा पाये हो वे भी शिव अनुराग भवन पहुंच कर शिविर मे भाग ले सकते है।

शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे गीता ज्ञान आधारित राजयोग शिविर प्रारंभ

विशेषताएं परमात्मा की देन है, इसे श्रेष्ठ कार्यो मे लगाये: बीके मंजू

बिलासपुरः शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर मे पूरे विश्व के लिये सुख शांति की शुभकामनाओं के साथ चैतन्य देवियों की झांकी का समापन हुआ।

पाजिटिव थिंकिंग की क्लास मे बीके मंजू ने कहा कि हमारे अंदर जो भी विशेषताएं है वह परमात्मा की देन है। इसे विश्व कल्याण के लिये श्रेष्ठ कार्यो मे लगाना है। लेकिन सेवा के बदले अल्पकाल की नाम मान शान की लालसा अहंकार उत्पन्न करता है।

गायत्री बहन ने बताया कि रविवार से दो पाली मे भगवतगीता ज्ञान आधारित निशुल्क राजयोग अनुभूति शिविर प्रारंभ हो गई है। किसी कारणवश अगर कोई पहले दिन नही आ पाये तो वे आज भी शिविर मे शामिल हो सकते है।

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