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परमात्मा का सत्य परिचय ही विश्व शांति का आधार- बीके शशिप्रभा दीदी
सादर प्रकाशनार्थ
प्रेस विज्ञप्ति
परमात्मा का सत्य परिचय ही विश्व शांति का आधार- बीके शशिप्रभा दीदी
**बिलासपुर।** टिकरापारा स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के *प्रभु दर्शन भवन* में आयोजित ‘गीता सप्ताह’ के सातवें दिन ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी ने *‘परमात्मा और देवताओं के अंतर’* विषय पर सारगर्भित उद्बोधन दिया।
दीदी ने स्पष्ट किया कि परमात्मा का स्वरूप *निराकार ज्योति बिंदु* है, जिनका नाम ‘शिव’ अर्थात कल्याणकारी है। वे अजन्मा, अविनाशी और जन्म-मरण से परे हैं।
उन्होंने बताया कि *परमात्मा (रचयिता) और देवता (रचना)* में स्पष्ट अंतर है—शिव परमात्मा सृष्टि के कर्ता हैं, जबकि ब्रह्मा, विष्णु और शंकर उनकी रचनाएं हैं। गीता का ज्ञान भी निराकार ज्योतिस्वरूप परमात्मा शिव द्वारा दिया जाता है।
‘त्रिमूर्ति’ के रहस्य को समझाते हुए दीदी ने कहा कि परमात्मा ब्रह्मा, विष्णु और शंकर के माध्यम से सृष्टि की रचना, पालन और संहार का कार्य कराते हैं। उनका निवास *परमधाम (शांतिधाम)* है, जहाँ से वे मानव कल्याण हेतु अवतरित होते हैं।
अंत में उन्होंने *‘वसुधैव कुटुंबकम’* की भावना को अपनाते हुए सभी को एक परमपिता की संतान मानकर योग और ध्यान के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान के साथ हुआ।
**— मीडिया प्रभाग, ब्रह्माकुमारीज़, टिकरापारा**





