Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar
रविवार विशेष क्लास के बाद प्रधानमंत्री मोदी के ‘नशामुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान से जुड़े ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र
*मन्सा सेवा से विश्व को शांति की किरणें दें, दृढ़ संकल्प से बने नशामुक्त भारत : मंजू दीदी*
*रविवार विशेष क्लास के बाद प्रधानमंत्री मोदी के ‘नशामुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान से जुड़े ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र*
*बिलासपुर।* ब्रह्माकुमारीज़ के **प्रभु दर्शन भवन, टिकरापारा* में रविवार को आयोजित विशेष क्लास में वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका *मंजू दीदी* ने परमात्म महावाक्य का सार सुनाते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक ईश्वरीय संतान का कर्तव्य है कि वह *मन्सा सेवा* द्वारा विश्व की दुखी और अशांत आत्माओं तक सुख-शांति की किरणें पहुँचाए। उन्होंने कहा कि मन को व्यर्थ संकल्पों में लगाने के बजाय सेवा, शुभभावना और परमात्म स्मृति में व्यस्त रखना ही सच्चा तीव्र पुरुषार्थ है।
मंजू दीदी ने कहा कि परमात्मा का संदेश है कि *’कभी-कभी’ नहीं, बल्कि ‘एवररेडी’ बनने का समय है।* दृढ़ संकल्प, नियमित मुरली अध्ययन, राजयोग अभ्यास और रहमदिल स्वभाव से ही जीवन में सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने सभी को स्वयं के साथ-साथ समाज के दुःखी एवं तनावग्रस्त लोगों को भी आध्यात्मिक शक्ति देने का अभ्यास करने की प्रेरणा दी।
रविवार विशेष क्लास के पश्चात दोनों सेवा केंद्रों के भाई-बहन प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी* द्वारा वर्चुअली शुभारंभ किए गए *’नशामुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान’* के राष्ट्रीय कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े। ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय शांतिवन के डायमंड हॉल से प्रसारित इस कार्यक्रम में संस्थान द्वारा **10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान** का शुभारंभ भी किया गया। यह अभियान देशभर के छह हजार से अधिक सेवा केंद्रों एवं 50 हजार राजयोग पाठशालाओं के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का तन, मन और चरित्र नशामुक्त होना आवश्यक है। उन्होंने सभी आध्यात्मिक संगठनों से अगले 100 सप्ताह तक जनजागरण अभियान चलाकर नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री **डॉ. मनसुख मांडविया** ने भी युवाओं के जीवन में आध्यात्मिकता की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में मंजू दीदी ने कहा कि नशे से स्थायी मुक्ति केवल बाहरी प्रयासों से नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति, दृढ़ संकल्प और राजयोग के अभ्यास से संभव है। सभी उपस्थित भाई-बहनों ने नशामुक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने तथा अधिक से अधिक लोगों को नशामुक्ति की प्रतिज्ञा दिलाने का संकल्प लिया।





