Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar
देवताओं के जीवन से लें सात्विक व व्यसनमुक्त जीवन की प्रेरणा – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी*
प्रेस विज्ञप्ति
*देवताओं के जीवन से लें सात्विक व व्यसनमुक्त जीवन की प्रेरणा – ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी*
*खानपान की शुद्धि और सरल स्वभाव से बनता है श्रेष्ठ व्यक्तित्व*
*नियमित ईश्वरीय महावाक्य सुनने से मिलती है समझ और परिवर्तन शक्ति साथ साथ*
*प्रभु दर्शन भवन में सद्गुरुवार विशेष परमात्म महावाक्य*
**बिलासपुर, टिकरापारा।** ब्रह्माकुमारीज़ प्रभु-दर्शन भवन, टिकरापारा में सद्गुरुवार विशेष परमात्म महावाक्य सुनाते हुए ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने कहा कि संस्कारवान समाज के निर्माण व देवत्व के गुणों को धारण करने के लिए शुद्ध खानपान, व्यसनमुक्त जीवन और सरल स्वभाव अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा अन्न ग्रहण करता है, वैसा ही उसका मन, विचार और व्यवहार बनता है। इसलिए जीवन में सात्विकता अपनाना केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
मंजू दीदी ने कहा कि आज अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं का एक बड़ा कारण असंतुलित खानपान तथा नशे की बढ़ती प्रवृत्ति है। यदि व्यक्ति तंबाकू, गुटखा, शराब और अन्य व्यसनों से स्वयं को दूर रखकर शुद्ध एवं सात्विक भोजन अपनाए तो उसके विचारों में सकारात्मकता, मन में शांति और जीवन में अनुशासन स्वतः विकसित होने लगता है।
उन्होंने कहा कि शुद्ध भोजन केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मन और संस्कारों को भी पवित्र बनाने में सहायक होता है। जब हम देवताओं की पूजा आराधना करते हैं तो उनके गुणों को भी धारण करें।
दीदी ने ब्रह्माकुमारीज़ में प्रतिदिन सुनाये जाने वाले परमात्म महावाक्य जिसे ज्ञान मुरली कहा जाता है, को सात्विक जीवन बनाने का सशक्त माध्यम बताया है क्योंकि इसमें सीधे परमात्म शिक्षाएं होती हैं जो ज्ञान के साथ परिवर्तन की शक्ति भी देती हैं।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धा और तनावपूर्ण युग में मनुष्य को अहंकार, क्रोध और स्वार्थ से ऊपर उठकर विनम्रता, सहयोग और आत्मिक मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता है। यही गुण व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाते हैं तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार तैयार करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी भाई-बहनों को सेवाकेन्द्र में बनाये गए केसर दूध, फल व नमकीन का भोग दिया गया।







