Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar
तन के लिए आसन, मन के लिए ध्यान और जीवन के लिए परमात्म समर्पण आवश्यक : ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी
*तन के लिए आसन, मन के लिए ध्यान और जीवन के लिए परमात्म समर्पण आवश्यक : ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी*
– एस.ई.सी.आर. मिक्स्ड स्कूल प्रांगण में बिलासपुर पतंजलि की ओर से चल रहा इन्टिग्रेटेड योग शिविर
– सह-योग प्रशिक्षक के रूप में बी के पूर्णिमा व बी के नीता हुए उपस्थित
**बिलासपुर, 9 जून।** बुधवारी बाजार स्थित एस.ई.सी.आर. मिक्स्ड प्राइमरी स्कूल में आयोजित 21 दिवसीय इंटीग्रेटेड योग शिविर में आज ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी ने योग, ध्यान और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए केवल शरीर का नहीं, बल्कि मन और आत्मा का भी सशक्त होना आवश्यक है। तन को स्वस्थ रखने के लिए आसन, श्वासों को संतुलित रखने के लिए प्राणायाम तथा मन को स्वस्थ रखने के लिए ध्यान आवश्यक है, वहीं संपूर्ण जीवन को ऊर्जावान और सफल बनाने के लिए परमात्मा के प्रति समर्पण जरूरी है।
मंजू दीदी ने बताया कि शिविर में आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के विशेष प्रोटोकॉल के अनुरूप योगाभ्यास कराया गया। उन्होंने कहा कि अनुशासित ढंग से गिनती के अनुसार आसनों का अभ्यास करने से एकाग्रता बढ़ती है तथा योग का अधिकतम लाभ प्राप्त होता है।
उन्होंने प्रतिभागियों को सकारात्मक चिंतन अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि अपने जीवन का लक्ष्य इतना श्रेष्ठ बना लें कि व्यर्थ की बातों और नकारात्मक सोच के लिए समय ही न बचे। परचिंतन और परमत छोड़कर परोपकारी बनने की आवश्यकता है। उन्होंने आत्मबोध का संदेश देते हुए कहा कि हम सभी शांत स्वरूप आत्माएं हैं तथा यह शरीर केवल एक साधन है।
अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि नियमित कपालभाति और अनुलोम-विलोम प्राणायाम के अभ्यास से उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याओं पर विजय प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास शरीर को लचीला, शक्तिशाली और रोगप्रतिरोधक बनाता है।
सत्र के अंत में दीदी ने सभी प्रतिभागियों को छग योग आयोग अध्यक्ष दिवंगत रुपनारायण सिन्हा जी के लिए मौन श्रद्धांजलि दिलाई तथा मन की संतुलित अवस्था बनाए रखने तथा परिवार, समाज और विश्व में शांति, सुख एवं स्वास्थ्य के प्रसार हेतु संकल्प दिलाया।







