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Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

स्कन्ध संचालन से दूर होती है कंधों की जकड़न, बढ़ती है कार्यक्षमता – ब्रह्माकुमारी गायत्री दीदी

*प्रेस विज्ञप्ति*

 

*स्कन्ध संचालन से दूर होती है कंधों की जकड़न, बढ़ती है कार्यक्षमता – ब्रह्माकुमारी गायत्री दीदी*

 

शिव-अनुराग भवन में योग शिविर का 8वां दिन

*बिलासपुर, राजकिशोर नगर।* ब्रह्माकुमारीज़ के शिव अनुराग भवन में आयोजित विशेष योग अभ्यास शिविर के 8वें दिन आज *स्कन्ध संचालन (कंधा संचालन)* की महत्ता पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया। शिविर में उपस्थित प्रतिभागियों को बताया गया कि योग की सूक्ष्म क्रियाएं शरीर को आसनों के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं तथा अनेक शारीरिक समस्याओं से बचाव में सहायक होती हैं।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए *ब्रह्माकुमारी गायत्री दीदी* ने कहा कि आज अधिकांश लोग लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करते हैं, जिसके कारण कंधों, गर्दन और पीठ में जकड़न, दर्द तथा तनाव की समस्या बढ़ती जा रही है। स्कन्ध संचालन एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली योग क्रिया है, जो कंधों को लचीला और सक्रिय बनाने में सहायता करती है।

 

योग प्रशिक्षक *बीके कविता बहन* ने मंच से स्कन्ध संचालन की विभिन्न विधियों का प्रदर्शन करते हुए प्रतिभागियों को अभ्यास कराया।

 

*मंजू दीदी* ने कहा कि योग की सफलता केवल बड़े आसनों में नहीं, बल्कि इन छोटी-छोटी सूक्ष्म क्रियाओं में भी छिपी हुई है। शरीर को बिना तैयार किए सीधे कठिन आसनों की ओर बढ़ना उचित नहीं होता। स्कन्ध संचालन जैसी क्रियाएं शरीर को गर्म करती हैं और आगे के अभ्यासों के लिए तैयार करती हैं।

 

उन्होंने कहा कि कंधे केवल शरीर का अंग नहीं हैं, बल्कि जीवन की जिम्मेदारियों का भी प्रतीक हैं। जब मन तनावग्रस्त होता है तो उसका प्रभाव सबसे पहले कंधों और गर्दन पर दिखाई देता है। इसलिए शारीरिक अभ्यास के साथ सकारात्मक चिंतन और राजयोग मेडिटेशन भी आवश्यक है, जिससे मन का बोझ हल्का हो और जीवन में संतुलन बना रहे।