Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar
बीके समीक्षा बहन ने कहा— प्रकृति की हरियाली के साथ मन और संस्कारों को भी हरा-भरा बनाएं*
टिकरापारा में आध्यात्मिक महत्व के साथ मनाया गया हरियाली पर्व
*बीके समीक्षा बहन ने कहा— प्रकृति की हरियाली के साथ मन और संस्कारों को भी हरा-भरा बनाएं*
*कृतज्ञता और कर्मयोग का प्रतीक है औजारों की पूजा*
बिलासपुर। हरियाली अमावस्या के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा सेवा केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में बीके समीक्षा बहन ने कहा कि पेड़-पौधों की हरियाली के साथ मन, विचार और संस्कारों की भी होनी चाहिए। राजयोग मेडिटेशन से जीवन में शांति, पवित्रता और सकारात्मकता आती है, जिससे प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का भाव विकसित होता है।
उन्होंने कहा कि हरियाली अमावस्या पर औजारों की पूजा भारतीय संस्कृति में कृतज्ञता, कर्मयोग और श्रम के सम्मान का प्रतीक है। अपने कार्य के साधनों का सम्मान करना हमें ईमानदारी, जिम्मेदारी और श्रेष्ठ कर्म करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण, अधिक से अधिक वृक्षारोपण तथा अपने जीवन में दिव्य गुणों की हरियाली विकसित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।




