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brahmakumaris Tikrapara

ब्रह्मा कुमारीज़ टिकरापारा में रामनवमी के अवसर पर लगाया गया भोग व सतयुग और त्रेतायुग अर्थात् रामराज्य का वर्णन किया गया

*सतयुगी दुनिया मे अपार सुख होगा मात्र कल्पना नही हकीकत है: ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी*

 

*रामराज्य में प्रकृति व साइंस दोनों ही सतोप्रधान व सुखदायी होंगे*

 

 *ब्रह्मा कुमारीज़ टिकरापारा में रामनवमी के अवसर पर लगाया गया भोग व सतयुग और त्रेतायुग अर्थात् रामराज्य का वर्णन किया गया* 

 

बिलासपुर: प्रभुदर्शन भवन टिकरापारा मे रामनवमी का पर्व बडे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आने वाली नयी दुनिया के बारे मे उच्चारित महावाक्य सुनते सभी रोमांचित होते रहे। सतयुग और त्रेतायुग में अर्थात स्वर्ग मे प्रकृति और साइंस सतोप्रधान होने के कारण राजा प्रजा सभी की सेवा मे तत्पर रहेंगे। मौसम सदाबहार रहेगा। पक्षी मनमोहक अदाओ से रिझाते रहेंगे। परमाणु ऊर्जा चलित विमान एवं महलों की विद्युत व्यवस्था होगी। बिना परिश्रम सभी सुख सुलभ होंगे, फल रसीले एवं स्वयं मे स्वाद से परिपूर्ण होंगे इत्यादि।

 

दीदी ने कहा कि इन्ही सुखो का वर्णन रामायण आदि अन्य धर्म शास्त्रो मे है जो मात्र कल्पना नही हकीकत है। आज वैज्ञानिक भी इसे साकार करने प्रयासरत है और उन्हें सफलता जरूर मिलेगी जिसका उपयोग आने वाले लक्ष्मीनारायण के राज्य मे होगा। लेकिन ऐसी सुखदायी दुनिया मे जन्म लेने के लिये इस अंतिम जन्म मे राजयोग के अभ्यास से जन्म जन्मान्तर के पापकर्म भस्म करने होंगे।

 

रामायण मे जिस राम की महिमा है वही निराकार राम रामराज्य की स्थापना कर रहे है।

 

सतसंग के पश्चात सभी ने भगवान भोलेनाथ की कुटिया में ध्यान किया और सभी को भोग वितरित किया गया।

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