Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar
सत्यता को जानने से मिलेगी शक्ति – ब्रह्माकुमारी गायत्री
*सत्यता को जानने से मिलेगी शक्ति – ब्रह्माकुमारी गायत्री*
*’उड़ान’ शिविर के दूसरे दिन बच्चों ने जाना आत्मा-परमात्मा का रहस्य; योग और नैतिक शिक्षा से संवर रहे संस्कार*
**बिलासपुर, [04-05-2026]:* टिकरापारा स्थित **ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेन्द्र, प्रभु-दर्शन भवन* में आयोजित 10-दिवसीय *’उड़ान’ बाल संस्कार शिविर* के दूसरे दिन बच्चों में भारी उत्साह दिखा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बढ़ते हुए बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है।
**शारीरिक स्वास्थ्य और एकाग्रता पर ज़ोर**
सत्र की शुरुआत **ममता सगदेव** और **बीके राकेश** के मार्गदर्शन में योगाभ्यास से हुई। बच्चों ने गर्दन, कंधों और पैरों के सूक्ष्म व्यायाम के साथ-साथ **कपालभाति, अनुलोम-विलोम और अग्निसार* जैसे प्राणायामों का अभ्यास किया। प्रशिक्षकों ने बताया कि सही मुद्रा में बैठने से *नर्वस सिस्टम* सक्रिय रहता है और प्राणायाम से बुद्धि प्रखर होती है, जिससे पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है। बच्चों को विशेष हिदायत दी गई कि व्यायाम के तुरंत बाद पानी न पिएं।
**कहानियों और गीतों से आध्यात्मिक बोध**
मुख्य वक्ता **बीके गायत्री** ने ‘हाथी और पांच दोस्तों’ की प्रेरक कहानी के माध्यम से परमात्मा के वास्तविक परिचय को स्पष्ट किया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि *आत्मा* भृकुटी के बीच चमकते हुए एक अजब सितारे की तरह है, जबकि *परमात्मा शिव बाबा* ज्योति बिंदु स्वरूप हैं जो *’परमधाम’* सुनहरे लाल प्रकाश की दुनिया में रहते हैं।
**सांस्कृतिक प्रस्तुति और देशभक्ति का संगम**
शिविर में संगीत के माध्यम से भी शिक्षा दी गई। बच्चों ने सुमधुर स्वर में रामायण की चौपाई **”हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की”** और देशभक्ति गीत **”उठो जवान देश के वसुंधरा पुकारती”** का अभ्यास किया। ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ की प्रार्थना के साथ सभी के कल्याण की कामना की गई।
**नैतिक मूल्य और भविष्य के लक्ष्य**
सत्र के दौरान बच्चों को चोरी न करने, गाली न देने और माता-पिता व गुरुजनों का सम्मान करने के संस्कार दिए गए। चर्चा के दौरान एक छोटी बच्ची ने बड़े होकर **IPS ऑफिसर** बनने का अपना लक्ष्य साझा किया, जिसकी सभी ने सराहना की।
**पुरस्कार और गृहकार्य**
बच्चों को परमात्मा के **पांच गुणों**—सर्वधर्म मान्य, सर्वोपरि, सर्वज्ञ, सदैव दाता और सर्वोच्च—को लिखकर लाने का ‘होमवर्क’ दिया गया है। गायत्री बहन ने बताया कि अनुशासन और सीखने में रुचि दिखाने वाले बच्चों को शिविर के अंत में पुरस्कृत किया जाएगा।






