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Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar

बहाने छोड़ें, लक्ष्य तय करें और खुद को बदलें, तभी मिलेगी सफलता: बीके ज्योति बहन

*बहाने छोड़ें, लक्ष्य तय करें और खुद को बदलें, तभी मिलेगी सफलता: बीके ज्योति बहन*

 

*कर्नल्स एकेडमी ऑफ रेडिएंट (CARE) स्कूल में ‘सफलता का रहस्य’ कार्यशाला, विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन का लिया संकल्प*

*बिलासपुर।* कर्नल्स एकेडमी ऑफ रेडिएंट (CARE) स्कूल में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं जीवन मूल्यों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “सफलता का रहस्य एवं अभियान परिचय” विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस प्रेरक सत्र में हुडा, पानीपत से पधारी ब्रह्माकुमारीज़ की वक्ता *बीके ज्योति बहन* ने विद्यार्थियों को सफलता के व्यावहारिक सूत्र बताते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ना है तो बहाने बनाना बंद करना होगा, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना होगा और असफलता का दोष दूसरों पर डालने की आदत छोड़नी होगी।

 

उन्होंने कहा कि सफल व्यक्ति परिस्थितियों को नहीं, बल्कि स्वयं को बदलने का प्रयास करता है। “मैं नहीं कर सकता”, “मुझे याद नहीं रहता” या “मेरी किस्मत खराब है” जैसे नकारात्मक विचार सफलता के सबसे बड़े शत्रु हैं। इसलिए विद्यार्थियों को सदैव सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

 

बीके ज्योति बहन ने लक्ष्य और उद्देश्य के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना लक्ष्य हो सकता है, लेकिन डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक या समाजसेवी बनना जीवन का उद्देश्य है। यदि उद्देश्य स्पष्ट हो तो छोटे-छोटे लक्ष्य स्वतः प्राप्त होने लगते हैं।

 

कार्यशाला को रोचक बनाने के लिए उन्होंने कई प्रेरक प्रसंग भी सुनाए। व्यापारी के पुत्र की कहानी के माध्यम से समझाया कि अच्छी सीख तभी लाभ देती है जब उसे सही अर्थों में समझकर जीवन में उतारा जाए। वहीं आचार्य चाणक्य और चंद्रगुप्त के प्रसंग से उन्होंने बताया कि दृढ़ संकल्प और गुरु के प्रति समर्पण व्यक्ति को असंभव दिखने वाली परिस्थितियों में भी सफलता दिला सकता है।

 

डिजिटल अनुशासन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मोबाइल का उपयोग आवश्यकता के अनुसार होना चाहिए, न कि उसकी लत बननी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सप्ताह में एक दिन *”मोबाइल व्रत”* रखने की प्रेरणा देते हुए कहा कि उस दिन मोबाइल से दूरी बनाकर परिवार, अध्ययन, प्रकृति और स्वयं के साथ समय बिताने का अभ्यास करना चाहिए।

 

कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारीज़ के *”इको केयर एवं डिजास्टर मैनेजमेंट अभियान”** के अंतर्गत विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई। सभी ने जल और बिजली की बचत करने, सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग छोड़ने, अधिक से अधिक पौधे लगाने, स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय दूसरों की सहायता करने का संकल्प लिया।

 

आध्यात्मिक सत्र में बीके ज्योति बहन ने *”मैं कौन हूँ?”* विषय पर आत्मचिंतन कराते हुए बताया कि मनुष्य केवल शरीर नहीं बल्कि शुद्ध, शांत और शक्तिशाली आत्मा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन सुबह और रात दस-दस मिनट राजयोग मेडिटेशन करने तथा परमात्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अभ्यास कराया।

 

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य ने बीके ज्योति बहन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी सत्र विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से समय प्रबंधन, अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में प्राचार्य संजय कुमार साहू, बीके श्यामा बहन व बीके राकेश भाई सहित बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे।