Brahma Kumaris Raj Kishore Nagar
मोबाइल की लत और बुरी आदतों से मुक्ति ही सच्ची स्वतंत्रता : रेलवे स्कूल में बच्चों को दिलाया नशामुक्ति का संकल्प*
मोबाइल की लत और बुरी आदतों से मुक्ति ही सच्ची स्वतंत्रता : रेलवे स्कूल में बच्चों को दिलाया नशामुक्ति का संकल्प*
*बिलासपुर।* रेलवे मिक्स्ड प्राइमरी स्कूल में ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक सत्र आयोजित किया गया। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित कार्यक्रम में *बीके लक्ष्मी एवं बीके कविता* ने करीब 500 विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए *सच्ची स्वतंत्रता का अर्थ* समझाया।
बीके कविता ने बच्चों से सवाल किया कि *क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं?* उन्होंने कहा कि केवल बाहरी बंधनों से मुक्त होना ही स्वतंत्रता नहीं है। जब व्यक्ति बुरी आदतों, नशे, क्रोध, जिद और मोबाइल की लत से स्वयं को मुक्त कर लेता है, तभी वह सच्चे अर्थों में स्वतंत्र कहलाता है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि आज मोबाइल सुविधा का साधन होने के बजाय कई बार आदत और लत का रूप ले लेता है। बिना मोबाइल के खाना न खाना, पढ़ाई छोड़कर लगातार मोबाइल चलाना या परिवार से दूरी बना लेना भी एक प्रकार की मानसिक गुलामी है।
*कहानियों से समझाया मोबाइल का सही उपयोग*
बच्चों को प्रेरक कहानियों के माध्यम से मोबाइल के दुरुपयोग से होने वाले नुकसान बताए गए। एक कहानी में मोबाइल की लत के कारण पढ़ाई और परिवार से दूर होती बच्ची का उदाहरण देते हुए बताया गया कि किस प्रकार उसने पेंटिंग और रचनात्मक कार्यों को अपनाकर अपनी आदत बदली। वहीं दूसरी कहानी के माध्यम से माता-पिता की आज्ञा मानने, जिद छोड़ने और अच्छे संस्कार अपनाने का संदेश दिया गया।
*10 करोड़ नशामुक्ति महाअभियान से जोड़ा संकल्प*
ब्रह्माकुमारीज़ के *‘10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाभियान’* के अंतर्गत विद्यार्थियों ने हाथ आगे बढ़ाकर संकल्प लिया कि वे मोबाइल का सदुपयोग करेंगे और उसे स्वयं पर हावी नहीं होने देंगे। साथ ही माता-पिता व शिक्षकों का सम्मान करने, पढ़ाई पर ध्यान देने तथा नशे और बुरी आदतों से दूर रहने का संकल्प लिया।
*राजयोग मेडिटेशन से बढ़ाई एकाग्रता**
कार्यक्रम के अंत में बीके बहनों ने बच्चों को *राजयोग मेडिटेशन* का अभ्यास कराया। बच्चों ने शांत होकर एकाग्रता का अनुभव किया और अपने जीवन के लक्ष्य—डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर आदि बनने—के लिए सकारात्मक संकल्प किया। स्कूल की प्रधानाचार्या एवं शिक्षकों ने ब्रह्माकुमारीज़ के इस प्रयास की सराहना करते हुए बच्चों को इन शिक्षाओं को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।









